- नॉर्थ कोरिया ने गुरुवार, 4 जून को एक ऐसा नया कारखाना दिखाया जो परमाणु बम के लिए जरूरी ईंधन (फ्यूल) बनाता है
- यहां के तानाशाह किम जोंग उन ने साफ-साफ कहा कि वह देश की परमाणु ताकत को “बहुत तेज और बड़े स्तर पर” बढ़ाएंगे
- नॉर्थ कोरिया ने कहा कि इस कारखाने में “और ज्यादा एडवांस तकनीक” का इस्तेमाल हुआ है
नॉर्थ कोरिया के तानाशाह किम जोंग की परमाणु हथियार लगातार बढ़ाते जाने का सपना खत्म होने का नाम नहीं ले रहा. नॉर्थ कोरिया ने गुरुवार, 4 जून को पूरी दुनिया को एक ऐसा नया कारखाना दिखाया जो परमाणु बम के लिए जरूरी ईंधन (फ्यूल) बनाता है. किम जोंग उन ने साफ-साफ कहा कि वह देश की परमाणु ताकत को “बहुत तेज और बड़े स्तर पर” बढ़ाएंगे. नॉर्थ कोरिया की सरकारी कोरियन सेंट्रल न्यूज एजेंसी (केसीएनए) ने कहा कि इस कारखाने में “और ज्यादा एडवांस तकनीक” का इस्तेमाल हुआ है.
हालांकि यह नहीं बताया गया कि यह कारखाना कहां है और कब शुरू हुआ. सरकारी मीडिया की तस्वीरों में एक बड़ा सेंट्रीफ्यूज हॉल जैसा ढांचा दिख रहा है. माना जा रहा है कि इस प्लांट में परमाणु हथियार बनाने लायक यूरेनियम को शुद्ध (एनरिच करने) किया जाता है. यह नया कारखाना दिखाकार जोंग उन ने अपनी बात साबित करने की कोशिश की है. उन्होंने वादा किया था कि वह अमेरिका से बढ़ते सैन्य खतरों का मुकाबला करने के लिए अपने परमाणु हथियार कार्यक्रम को और बढ़ाएंगे.
केसीएनए ने कहा कि किम जोंग उन ने बुधवार को इस परमाणु कारखाने का दौरा किया और इसके कामकाज और लंबे समय की उत्पादन योजना के बारे में जानकारी ली. केसीएनए के अनुसार किम ने कहा कि “सबसे खतरनाक दुश्मनों” के साथ टकराव के कारण देश की परमाणु युद्ध रोकने की ताकत को और मजबूत करने की जरूरत बहुत बढ़ गई है. यह इशारा साफ तौर पर अमेरिका और साउथ कोरिया की तरफ माना जा रहा है. किम ने कुछ और अनजान खतरों और संकटों का भी जिक्र किया, जिनकी वजह से परमाणु क्षमता बढ़ानी जरूरी है.
किम ने दावा किया कि नॉर्थ कोरिया की हथियार बनाने लायक परमाणु सामग्री बनाने की क्षमता पिछले पांच सालों की तुलना में दोगुनी से भी ज्यादा हो गई है. लेकिन इस दावे को स्वतंत्र रूप से जांचना लगभग असंभव है.
नॉर्थ कोरिया ने कब-कब दिखाई परमाणु फैक्ट्री?
इससे पहले नॉर्थ कोरिया ने सितंबर 2024 में एक और गुप्त यूरेनियम एनरिचमेंट प्लांट दिखाया था. उससे पहले 2010 में उसने ऐसी किसी फैक्ट्री को सार्वजनिक किया था. 2010 में उसने योंगब्योन परमाणु केंद्र में अमेरिकी वैज्ञानिकों को ऐसी जगह दिखाई थी. पिछले साल सितंबर में साउथ कोरिया के एकीकरण मंत्री चुंग डोंग-यंग ने कहा था कि नॉर्थ कोरिया कुल चार यूरेनियम बढ़ाने वाली फैक्ट्री या कारखाना चला रहा है, जिनमें योंगब्योन केंद्र भी शामिल है, और ये रोज चलती हैं.
परमाणु हथियार दो चीजों से बनाए जा सकते हैं- बहुत ज्यादा शुद्ध किया गया यूरेनियम या प्लूटोनियम. नॉर्थ कोरिया के पास योंगब्योन में दोनों बनाने की सुविधाएं हैं. इसी अप्रैल में अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी के जनरल डायरेक्टर राफेल ग्रोसी ने पत्रकारों को बताया कि उनकी एजेंसी ने नॉर्थ कोरिया के परमाणु ठिकानों पर गतिविधियों में “तेज बढ़ोतरी” देखी है.