- नेपाल के हालिया चुनाव में जनरेशन जेड के नेता बालेन शाह की राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी ने भारी सफलता हासिल की है
- बालेन शाह को झापा-5 सीट से बड़ी मतों के अंतर से जीत मिली, जिससे वे अगले प्रधानमंत्री बनने के क़रीब हैं
- पूर्व PM केपी शर्मा ओली और नेपाली कांग्रेस अध्यक्ष गगन थापा चुनाव में हार की स्थिति में दिखाई दे रहे हैं
Nepal Election Result नेपाल चुनाव में पुराने दिग्गज धराशायी हो गए हैं. Gen-Z के हीरो बालेन शाह की आंधी नेपाल चुनाव में नजर आ रही है. मतगणना अभी जारी है, लेकिन राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी 15 सीट जीत चुकी है और 102 सीट पर बढ़त बनाए हुए है. ऐसे में बालेन शाह के सिर नेपाल के अगले प्रधानमंत्री का ताज सजता नजर आ रहा है. राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी की आंधी में इस बार अन्य सभी पार्टियां का सूपड़ा साफ हो गया है. नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली और नेपाली कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष गगन थापा चुनाव में हार की कगार पर हैं. पुष्पकमल दहल हालांकि, अपनी सीट बचाने में कामयाब रहे हैं, लेकिन कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ नेपाल सिर्फ 12 सीटों पर सिमटती नजर आ रही है.
बालेन शाह की आंधी में उड़े पूर्व PM ओली
नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली को भी इस बार चुनाव में हार का सामना करना पड़ रहा है. सीपीएन (यूएमएल) ने ओली को प्रधानमंत्री पद के लिए अपना चेहरा बनाया है. झापा-5 सीट से केपी शर्मा का सामना बालेन शाह से हुआ. लेकिन ओली, बालेन शाह की आंधी में उड़ते नजर आ रहे हैं. बालेन शाह को 34,863 वोट मिले हैं और ओली को सिर्फ 9,068 वोट मिले हैं. ओली ही नहीं उनकी पार्टी नेपाली कांग्रेस भी इस चुनाव में कहीं खड़ी नजर नहीं आ रही है. नेपाली कांग्रेस ने अभी तक 5 सीटों पर जीत दर्ज कर ली है और 9 सीटों पर आगे चल रही है. ऐसे में नेपाली कांग्रेस के खाते में सिर्फ 14 सीट मिलती नजर आ रही हैं. चुनाव से पहले ओली ने कहा था कि नेपाल में चुनाव शांति और सुशासन के लिए हो रहा है. लेकिन Gen-Z अंदोलन के बाद हुए इस चुनाव में राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी के अलावा वोटर्स ने अन्य सभी पार्टियों को सिरे से नकार दिया है.
नेपाली कांग्रेस के अध्यक्ष गगन थापा हार रहे चुनाव
नेपाली कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष गगन थापा चुनाव हारते हुए नजर आ रहे हैं. वह सरलाही-4 सीट से चुनाव मैदान में उतरे थे. गगन थापा को यहां से राष्ट्रीय स्वतंत्र पाार्टी के उम्मीदवार अमरेश कुमार सिंह पछाड़ते हुए नजर आ रहे हैं. अमरेश को अभी तक 11,383 वोट मिले हैं. वहीं, गगन थापा को सिर्फ 6,952 वोट. वोटों का अंतर इतना ज्यादा है कि यहां से गगन थापा की हार तय है. नेपाल चुनाव में राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी की आंधी में अन्य पार्टियां कहीं गुम-सी नजर आ रही है. नेपाली कांग्रेस को सिर्फ 14 सीटें मिलती नजर आ रही हैं. पार्टी 5 सीटें जीत चुकी है और 9 पर आगे चल रही है.
नेपाली कांग्रेस के अध्यक्ष गगन थापा अपनी पार्टी के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार हैं. नेपाली कांग्रेस के अध्यक्ष गगन थापा को 2026 में इस पद पर चुना गया. वह एक अनुभवी राजनीतिज्ञ हैं और नेपाल की लोकतांत्रिक आंदोलनों में सक्रिय भूमिका निभा चुके हैं. थापा को सुशासन, लोकतांत्रिक मूल्यों, और युवाओं की भागीदारी के लिए जाना जाता है. वह शिक्षा सुधार और सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली को मजबूत बनाने के पक्षधर हैं थापा ने 1990 के दशक में राजनीति में प्रवेश किया और जल्द ही नेपाली कांग्रेस में एक प्रमुख नेता बन गए.
पुष्प कमल दहल का कायम रहा प्रचंड, लेकिन पार्टी का प्रदर्शन खराब
नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहल 'प्रचंड' हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स के चुनावों में जीत हासिल करने वाले पारंपरिक राजनीतिक पार्टियों के कुछ टॉप नेताओं में से एक बन गए. उन्हें रुकुम ईस्ट-1 से हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स के लिए चुना गया है. उन्होंने चुनाव में 10,240 वोटों से जीत हासिल की. उनके सबसे करीबी प्रतिद्वंद्वी, कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ नेपाल (यूनिफाइड मार्क्सिस्ट-लेनिनिस्ट) (सीपीएन-यूएमएल) के लीलामणि गौतम को 3,462 वोट मिले. नेपाल चुनाव आयोग के अनुसार, कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ नेपाल (माओवादी केंद्र) और कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ नेपाल (यूनिफाइड सोशलिस्ट) के विलय के बाद बनी नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी (एनसीपी) के प्रचंड समन्वयक थे, जिसने चुनाव जीत लिया. वहीं, उनकी पार्टी नेपाली कांग्रेस और सीपीएन-यूएमएल जैसी दूसरी पारंपरिक राजनीतिक पार्टियों ने चुनावों में खराब प्रदर्शन किया है.
सीपीएन-यूएमएल ने अभी तक सिर्फ एक सीट पर जीत दर्ज की है और 13 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है. ऐसे में पार्टी के खाते में सिर्फ 14 सीट ही आती नजर आ रही हैं. प्रचंड ने पूर्व माओवादी विद्रोहियों के गढ़ से जीत हासिल की. कई आलोचक उन पर गोरखा-2 को छोड़ने का आरोप लगाते हैं, जहां से वे 2022 के चुनाव में चुने गए थे, कथित तौर पर सीट खोने के डर से और इसके बजाय रुकुम ईस्ट-1 से चुनाव लड़ा, जिसे सुरक्षित क्षेत्र माना जाता था. 2006 में सशस्त्र विद्रोह छोड़कर व्यापक शांति समझौते के माध्यम से मुख्यधारा की राजनीति में प्रवेश करने के बाद प्रचंड पहली बार 2008 के संविधान सभा चुनाव में काठमांडू-10 और रोल्पा-2 से चुने गए. उन्होंने बाद में 2013 के दूसरे संविधान सभा चुनाव में सिराहा-5 से जीत हासिल की. 2017 में नए संविधान के लागू होने के बाद आयोजित पहले संसदीय चुनाव में चितवन-3 से जीत हासिल की. 2022 में वे गोरखा-2 से चुने गए.
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नेपाल में Gen-Z ने बालेन शाह की आंधी, प्रधानमंत्री की कुर्सी पक्की
नेपाल चुनाव में झापा-5 सीट से बालेन शाह बड़ी दर्ज जीत करते नजर आ रहे हैं. बालेन शाह को 34,863 वोट मिले हैं और ओली को सिर्फ 9,068 वोट मिले हैं. बालेन शाह 25,795 वोटों से आगे हैं. ऐसे में बालेन शाह की जीत पक्की मानी जा रही है. वह नेपाल के अगले प्रधानमंत्री भी हो सकते हैं. रैपर से नेता बने बालेंद्र शाह की नवगठित राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (आरएसपी) की आंधी नेपाल चुनाव में देखने को मिल रही है. नेपाल चुनाव में बालेन शाह की पार्टी प्रचंड जीत की ओर बढ़ रही है. राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी ने 15 सीटों पर जीत दर्ज कर ली है और 102 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है. नेपाल चुनाव में अन्य पार्टियां का सूपड़ा साफ हो गया है.
नेपाल में सितंबर में हुए हिंसक ‘जनरेशन जेड' के विरोध प्रदर्शनों के बाद हुए पहले आम चुनावों में भारी जीत की ओर अग्रसर हैं. इस विरोध प्रदर्शन के कारण के. पी. शर्मा ओली के नेतृत्व वाली सरकार को सत्ता से हटना पड़ा था. स्थानीय मीडिया की खबरों के अनुसार, चुनाव आयोग के पास कुल 165 निर्वाचन क्षेत्रों में से 161 निर्वाचन क्षेत्रों से उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, आरएसपी ने छह सीटें जीती हैं और 109 अन्य सीट पर आगे चल रही है. 'बालेन' के नाम से जाने जाने वाले 35 वर्षीय इंजीनियर के नेपाल का अगला प्रधानमंत्री बनने की संभावना है, जो स्थापित दलों के प्रति जनता की अस्वीकृति के भाव को दर्शाता है. नेपाल में पिछले 18 वर्षों में 14 सरकारें बन चुकी हैं.
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नेपाल आम चुनाव में प्रतिनिधि सभा के 275 सदस्यों को चुनने के लिए 1.89 करोड़ से अधिक नेपाली नागरिक मताधिकार का इस्तेमाल करने के लिए पात्र थे. चुनाव में 165 सदस्यों को प्रत्यक्ष मतदान प्रणाली और 110 सदस्यों को आनुपातिक मतदान के जरिए चुना जाना है.













