मिडिल ईस्ट में तनाव इन दिनों चरम पर है. जंग का आज आठवां दिन है. शनिवार तड़के पश्चिमी तेहरान में तेज धमाकों की गूंज सुनी गई, जब इजरायली वॉरप्लेन ने ईरानी राजधानी को निशाना बनाया. रात के अंधेरे में भड़के धमाकों से आसमान में तेज रोशनी दिखाई दी और देशभर में दहशत का माहौल है.
इसी बीच, क्षेत्र में अमेरिकी लक्ष्यों और ऊर्जा ढांचे पर ड्रोन हमले जारी हैं. इरबिल में एक होटल पर हुए ड्रोन अटैक हुआ है. हालांकि किसी के हताहत होने की खबर नहीं है.
UN ने जारी किया बयान
UN ने तेजी से बिगड़ती स्थिति को लेकर गहरी चिंता जताई है. यूएन प्रमुख ने चेतावनी दी है कि यह संघर्ष 'किसी के भी नियंत्रण से बाहर जा सकता है' और तत्काल कूटनीतिक प्रयासों की अपील की है.
इधर, अमेरिका की ओर से कहा गया है कि Operation Epic Fury ईरानी सैन्य क्षमता को काफी हद तक कमजोर कर चुका है. व्हाइट हाउस प्रेस सेक्रेटरी के मुताबिक, ईरान की नौसेना को 'combat-ineffective' घोषित किया गया है और बैलिस्टिक मिसाइल हमलों की क्षमता में भारी गिरावट आई है.
मध्य पूर्व के हालात तेजी से बदल रहे हैं. हम इस लाइव ब्लॉग में आपको हर अपडेट, हर प्रतिक्रिया और हर मोर्चे से आने वाली ताजा जानकारी तुरंत देते रहेंगे. इस पेज को रिफ्रेश करते रहें...
इजरायल में मिसाइल हमलों की नई चेतावनी जारी
इजरायली सेना का कहना है कि उसने बीर शेवा, गाजा के आसपास के इलाकों और दक्षिणी इजरायल की ओर ईरान द्वारा किए गए नए मिसाइल प्रक्षेपणों का पता लगाया है.
ईरान में आया भूकंप
ईरान में जंग के बीच भूकंप भी रिपोर्ट किया गया है. ईरान के शहर बंदर अब्बास में भूकंप आया है. रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 4.1 मापी गई है.
US ऑयल की कीमतें 90 डॉलर प्रति बैरल के पार, ईरान संघर्ष से वैश्विक ऊर्जा बाजार में हड़कंप
अमेरिका में कच्चे तेल की कीमतें शुक्रवार को 90 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर निकल गईं. जो अक्टूबर 2023 के बाद पहली बार हुआ है. ईरान युद्ध और स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज़ में लगभग पूर्ण रूप से शिपिंग रुक जाने से वैश्विक ऊर्जा सप्लाई पर भारी असर पड़ा है. ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, WTI में 11% से अधिक की तेजी दर्ज की गई और यह दो दशकों में सबसे बड़ी साप्ताहिक बढ़त की ओर बढ़ रहा है. वैश्विक बेंचमार्क ब्रेंट की कीमतें भी उछलकर 92 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गई हैं.
ऊर्जा विश्लेषकों का अनुमान है कि हॉर्मुज संकट के चलते वैश्विक मार्केट को प्रतिदिन 7 से 11 मिलियन बैरल कच्चे तेल की सप्लाई का नुकसान हो रहा है. जो दुनिया की कुल समुद्री तेल आपूर्ति का लगभग एक-पांचवां हिस्सा प्रभावित करता है. इस बाधित सप्लाई ने न केवल क्रूड ऑयल बल्कि पेट्रोल और डीजल की कीमतों को भी ऊपर धकेल दिया है. अमेरिका में पेट्रोल की औसत कीमतें 11% साप्ताहिक उछाल के साथ साल 2024 के उच्चतम स्तर तक पहुंच चुकी हैं.
ईरान के खिलाफ युद्ध में तीसरा एयरक्राफ्ट कैरियर भेजने की तैयारी में US
अमेरिका जल्द ही मध्य पूर्व में अपना सैन्य दबाव और बढ़ाने वाला है. फॉक्स न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, तीसरा U.S. एयरक्राफ्ट कैरियर स्ट्राइक ग्रुप क्षेत्र की ओर भेजने की तैयारी में है, जो ईरान के खिलाफ चल रहे अभियान में शामिल होगा. रिपोर्ट में कहा गया है कि USS George H.W. Bush ने अपनी तैयारियां पूरी कर ली हैं और जल्द ही तैनाती के लिए रवाना होगा. इसे USS Gerald R. Ford के बाद पूर्वी भूमध्य सागर की ओर बढ़ना है, जो गुरुवार को स्वेज नहर पार कर रेड सी में प्रवेश कर चुका है.
फॉक्स न्यूज़ के अनुसार, इस नए स्ट्राइक ग्रुप में शामिल दर्जनों स्ट्राइक फाइटर्स के अलावा, इसके साथ तैनात गाइडेड मिसाइल डेस्ट्रॉयर्स भी संभावित हमलों में इस्तेमाल किए जा सकते हैं. रिपोर्ट में कहा गया है कि ये डेस्ट्रॉयर्स जरूरत पड़ने पर यमन में हौथी ठिकानों पर भी प्रहार कर सकते हैं, यदि इजरायल या अंतरराष्ट्रीय शिपिंग के खिलाफ किसी हमले की आशंका दिखती है.
अमेरिका पहले ही दो कैरियर स्ट्राइक ग्रुप- USS Ford और USS Truman क्षेत्र में तैनात कर चुका है. तीसरे कैरियर का पहुंचना ईरान के खिलाफ चल रहे अमेरिकी अभियानों और क्षेत्रीय सुरक्षा के प्रति वॉशिंगटन की बढ़ती तत्परता को दर्शाता है.
तेहरान के मेहराबाद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर जोरदार धमाके, आग और धुएं के गुबार उठे
तेहरान के मेहराबाद अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर शनिवार तड़के जोरदार धमाकों से अफरातफरी मच गई. ईरानी राजधानी के इस व्यस्त हवाईअड्डे पर लगातार कई धमाके हुए, जिसके बाद बड़े पैमाने पर आग लग गई और धुएं के विशाल गुबार आसमान में उठते देखे गए. शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार, एयरपोर्ट परिसर के कई हिस्सों पर हमले हुए, जिससे आसपास के इलाकों में दहशत फैल गई.
सोशल मीडिया पर साझा किए गए वीडियो में एयरपोर्ट क्षेत्र से उठते तेज लपटें और काले धुएं के बादल साफ दिखाई दे रहे हैं. स्थानीय मीडिया और क्षेत्रीय रिपोर्टों के मुताबिक, धमाके इतने तेज थे कि उनसे आसपास की कई इमारतों की खिड़कियां हिल गईं. फिलहाल नुकसान का पूरा आकलन और संभावित हताहतों के बारे में आधिकारिक जानकारी का इंतजार है.
ईरान ने इजरायल में जहां बरसाए बम, उस इलाके का दौरा करने पहुंचे नेतन्याहू
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने शुक्रवार को बियर-शेवा में उस जगह का दौरा किया, जहां हाल ही में हुए हमले ने भारी नुकसान पहुंचाया था. उनके साथ डिप्टी मंत्री आल्मोग कोहेन, बियर-शेवा के मेयर रूविक दनिलोविच और प्रधानमंत्री कार्यालय की कार्यवाहक महानिदेशक ड्रोरित स्टाइनमेट्ज़ भी मौजूद थीं.
इस दौरान नेतन्याहू ने कहा, 'हम दुश्मन पर लगातार वार कर रहे हैं. उसकी लीडरशिपपर, उनके दमनकारी शासन पर और उनके विभिन्न ठिकानों पर, जिनमें लेबनान भी शामिल है. हमारे पास दृढ़ संकल्प, रणनीति और वह क्षमता है जिसे दुश्मन आने वाले समय में और तीव्रता से महसूस करेगा.'
Middle East War Updates: अप्रत्यक्ष रूप से US-इजरायल बनाम ईरान की जंग में दखल हुआ रूस
रूस अब अप्रत्यक्ष रूप से अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जारी संघर्ष में शामिल हो गया है. वॉशिंगटन पोस्ट की एक रिपोर्ट के अनुसार, रूस अपने रणनीतिक सहयोगी ईरान को खुफिया जानकारी मुहैया करा रहा है, ताकि वह मिडिल ईस्ट में अमेरिकी युद्धपोतों और विमानों को निशाना बना सके. रिपोर्ट में कहा गया कि रूस की सहायता की वास्तविक सीमा स्पष्ट नहीं है, लेकिन यह तब सामने आई जब ईरान की खुद की निगरानी क्षमता अमेरिकी और इजरायली हमलों के बाद कमजोर पड़ गई थी.
रविवार को कुवैत में ईरान द्वारा किए गए ड्रोन हमले में छह अमेरिकी सैनिकों की मौत हो गई और 18 घायल हुए. ड्रोन क्षेत्रीय एयर डिफेंस को चकमा देकर पोर्ट शुआइबा स्थित एक कमांड सेंटर से टकराया. अमेरिकी नेटवर्क और सैन्य अड्डों पर बीते दिनों में लगातार हमले बढ़े हैं, जिससे संघर्ष और अधिक अंतरराष्ट्रीय स्वरूप लेता दिख रहा है.
Israel-Iran War: तेहरान के भूमिगत बंकर पर इजरायल का सबसे बड़ा हवाई हमला
तेहरान में शुक्रवार को इजरायली वायुसेना ने बड़ा हवाई हमला किया, जिसका लक्ष्य ईरान के सर्वोच्च नेता के परिसर के नीचे बने भूमिगत बंकर को बताया गया. इजरायल के मुताबिक लगभग 50 फाइटर जेट इस ऑपरेशन में शामिल थे, जिन्हें मिलिट्री इंटेलिजेंस की सटीक जानकारी के आधार पर संचालित किया गया और मोसाद के साथ समन्वय स्थापित था. यह बंकर विशेष रूप से आयतुल्लाह अली ख़ामेनेई के लिए तैयार किया गया था, ताकि संघर्ष की स्थिति में वह यहीं से संचालन कर सकें. हालांकि ऑपरेशन 'Roaring Lion' की शुरुआती स्ट्राइक्स में खामेनेई के मारे जाने के बाद इसका उपयोग कभी नहीं हो सका.














