डर या सुरक्षा? किम जोंग उन की टीम क्‍यों हर मीटिंग के बाद पोंछती है तानाशाह की कुर्सी, जानें रहस्‍य

निक्‍केई एशिया की एक रिपोर्ट में जापान और दक्षिण कोरिया के सूत्रों के हवाले से बताया था कि किम जोंग उन अपनी यात्रा पर खास सावधानी बरतते हैं.

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  • किम जोंग उन ने चीन के विक्ट्री डे परेड में हिस्सा लिया और बीजिंग में पुतिन से मुलाकात की थी.
  • मुलाकात खत्म होते ही किम की टीम ने उनके डीएनए के हर निशान को मिटाने के लिए फोरेंसिक डीकंटैमिनेशन किया.
  • टीम ने किम के बैठने की कुर्सी, मेज, गिलास सहित सभी वस्तुओं को पोंछकर डीएनए के सबूत हटाए.
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बीजिंग:

नॉर्थ कोरिया के तानाशाह किम जोंग उन कभी खबरों से बाहर हो जाएं, ऐसा तो हो ही नहीं सकता है. किम चीन के विक्‍ट्री डे परेड में हिस्‍सा लेने के लिए बीजिंग पहुंचे थे और यहां भी वही खबरों छाए रहे. लेकिन इस बार उनके सुर्खियों में रहने की वजह उनसे भी ज्‍यादा अजीब है. किम जोंग ने बीजिंग में रूस के राष्‍ट्रपति व्‍लादिमीर पुतिन के साथ मुलाकात की. यहां तक तो ठीक था लेकिन जैसे ही मीटिंग खत्‍म हुई, किम के ऑफिशियल्‍स तानाशाह के डीएनए का हर निशान मिटाते हुए नजर आए. जानिए क्‍या था यह सारा मामला. 

पसीना तक पोंछ देती है टीम 

अखबार द सन की रिपोर्ट के अनुसार जैसे ही किम ने व्लादिमीर पुतिन के साथ बैठक खत्म की, उनकी सिक्‍योरिटी टीम के दो सदस्य फोरेंसिक डीकंटैमिनेशन करने के लिए उस कुर्सी तक जा पहुंचे जहां पर वह बैठे थे. मीटिंग खत्‍म होते ही ये तुरंत दौड़कर उस कुर्सी और पास की मेज को पोंछने लगते हैं जिस पर किम बैठे थे. एक महिला को वह गिलास ले जाते देखा गया जिसमें से उन्होंने द्विपक्षीय वार्ता के दौरान पानी पिया था. वहीं एक और शख्‍स इस जगह से किम के डीएनए का हर सबूत मिटाने के लिए एक एंटीबैक्टीरियल वाइप का प्रयोग कर रहा था. उसे मुंह ढंककर खासते हुए और फिर वाइप से खेलते हुए उसे गायब करते हुए देखा गया. किम की टीम कुर्सी से पसीना तक पोंछ देती है. 

मिटाया गया हर नामोंनिशां  

नॉर्थ कोरिया के सरकारी मीडिया आउटलेट, युनाशेव लाइव ने कहा, 'बातचीत के बाद, डीपीआरके मुखिया के साथ आए कर्मचारियों ने किम की उपस्थिति के सभी निशानों को सावधानीपूर्वक मिटा दिया. उन्होंने वह गिलास ले लिया जिससे उन्होंने पानी पिया था, कुर्सी की गद्दी और फर्नीचर के उन हिस्सों को पोंछ दिया जिन्हें कोरियाई नेता ने छुआ था.'  पुतिन और किम ने बीजिंग के मीटिंग कक्षों के बाहर एक और अधिक आसान बातचीत जारी रखने से पहले अपने प्रतिनिधिमंडलों के साथ 90 मिनट की आधिकारिक द्विपक्षीय मीटिंग की. 

क्‍या है इसका राज 

यह पहली बार नहीं था जब ऐसा हुआ हो बल्कि पहले भी ऐसा हो चुका है. निक्‍केई एशिया की एक रिपोर्ट में जापान और दक्षिण कोरिया के सूत्रों के हवाले से बताया था कि किम जोंग उन अपनी यात्रा पर खास सावधानी बरतते हैं. उनकी डीएनए और हेल्‍थ से जुड़ी जानकारी बाहर न जाने पाए इसके लिए वह अपने साथ पोर्टेबल टॉयलेट लेकर चलते हैं.

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इसमें दक्षिण कोरियाई खुफिया अधिकारी के हवाले से इसमें लिखा है, 'सुप्रीम लीडर की शारीरिक स्थिति का नॉर्थ कोरिया के शासन पर गहरा प्रभाव पड़ता है.' इसलिए इससे जुड़ी हर चीज, जैसे बाल और मल, को सील करने की खास कोशिशें की जाती हैं. वहीं इससे यह भी पता लगता है कि यह एक रेगुलर सिक्‍योरिटी प्रोटोकॉल है जिसे खासतौर पर बायोलॉजिकल डेटा (DNA) की सिक्‍योरिटी के लिए फॉलो किया जाता है. 

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