- अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मार-ए-लागो से ईरान के खिलाफ अमेरिकी हमलों की निगरानी की
- अमेरिका और इजरायल ने तेहरान पर हमला किया, जिसके बाद ईरान ने अमेरिकी सैन्य अड्डों को मिसाइल से निशाना बनाया
- ट्रंप के सैन्य हमले के फैसले पर अमेरिका में राजनीतिक बहस तेज हुई
ईरान पर जब मिसाइल दागी जा रही थीं, तो अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इन हमलों का टेलीकास्ट देख रहे थे. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मार-ए-लागो से ईरान के खिलाफ अमेरिकी हमलों पर नजर रखी, जबकि उपराष्ट्रपति वैंस और कैबिनेट सचिवों ने व्हाइट हाउस के सिचुएशन रूम में जवाबी कार्रवाई की निगरानी की. इजरायल और अमेरिका ने एक साथ मिलकर ईरान की राजधानी तेहरान पर जो हमला किया उससे महायुद्ध की चिंगारी धधक चुकी है. अमेरिका की तरफ से हमला होने के चंद मिनट बाद ईरान ने भी जबरदस्त पलटवार किया. इसके बाद एक के बाद एक ऐसी तस्वीरें आने लगी जो दिल दहलाने वाली है.
मिडिल ईस्ट एक बड़े सैन्य संघर्ष को मुहाने पर
जमीन से लेकर हवा और समंदर तक पूरा इलाका युद्ध की आग में झुलस रहा है. जंग जिस तरह से भड़की है, उससे मिडिल ईस्ट एक बड़े सैन्य संघर्ष को मुहाने पर आ खड़ा हुआ है. देखते ही देखते युद्ध की ये चिंगारी कब पूरे मिडिल ईस्ट में फैल जाएगी कोई नहीं जानता था. जंग की जो तस्वीरें सामने आ रही हैं, उनसे अंदाजा लगाया जा सकता है कि युद्ध कितना भयावह है. अमेरिका की तरफ से हुए हमले के बाद ईरान ने दूसरे देशों में अमेरिकी सैन्य अड्डों को निशाना बनाना शुरू कर दिया. इसके लिए कई देशों पर ईरान ने बमबारी की. ईरान ने अमेरिकी नेवी को टारगेट करते हुए 5वें फ्लीट के हेडक्वार्टर को भी मिसाइल से निशाना बनाया है.
अमेरिका में ट्रंप के फैसले पर उठ रहे सवाल
ट्रंप के ईरान में सैन्य हमले शुरू करने के फैसले ने अमेरिका में राजनीतिक बहस तेज कर दी है. सीनियर डेमोक्रेट नेताओं ने इसे अनधिकृत और खतरनाक कार्रवाई करार दिया है, जबकि रिपब्लिकन सांसद इसे निर्णायक और आवश्यक कदम बता रहे हैं. सिनेट इंटेलिजेंस के उपाध्यक्ष मार्क वार्नर ने कहा कि राष्ट्रपति ने व्यापक अमेरिकी हमले किए हैं, जिनमें केवल परमाणु या मिसाइल ढांचा नहीं, बल्कि वरिष्ठ ईरानी नेतृत्व समेत कइयों को निशाना बनाया गया है. उन्होंने चेतावनी दी कि यह अमेरिका को मध्य पूर्व में एक और व्यापक संघर्ष में खींच सकता है और इस कार्रवाई में कानूनी और संवैधानिक सवाल उठते हैं.
ईरान के साथ एक और युद्ध शुरू...
सिनेटर एलिजाबेथ वॉरेन ने कहा, 'डोनाल्ड ट्रंप ने अकेले ईरान के साथ एक और युद्ध शुरू किया है. यह खतरनाक और अवैध है. अमेरिका को घरेलू जरूरतों की अनदेखी करके झूठ पर आधारित हमेशा चलने वाले युद्ध में नहीं फंसाया जाना चाहिए.' हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स के वरिष्ठ सदस्य ग्रेगरी मीक्स ने इसे राष्ट्रपति के अधिकार का दुरुपयोग करार दिया और कहा कि इस अनधिकृत युद्ध के लिए कांग्रेस (संसद) को अब निर्णय लेना होगा.
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फिर से धोखा दिया
सिनेटर बर्नी सैंडर्स ने कहा कि ट्रंप और उनके इजरायली सहयोगी नेतन्याहू ने अवैध, पूर्वनियोजित और असंवैधानिक युद्ध शुरू किया है. उन्होंने चेताया कि अमेरिकी जनता को फिर से धोखा दिया जा रहा है. अन्य डेमोक्रेट नेताओं ने भी युद्ध की रणनीति और अमेरिकी नागरिकों और सैनिकों की सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता जताई और युद्ध शक्तियों के तहत कानूनी प्रक्रिया अपनाने की मांग की.
वहीं, रिपब्लिकन नेताओं ने राष्ट्रपति के कदम का समर्थन किया. सिनेट रोजर विकर ने इसे अमेरिकी और अमेरिकी हितों की सुरक्षा के लिए जरूरी कार्रवाई कहा. हाउस फॉरेन अफेयर्स समिति के चेयरमैन ब्रायन मास्ट ने इसे ईरान की लगातार 47 सालों की आक्रामकता का जवाब बताया. टेक्सास के गवर्नर ग्रेग एबॉट ने घरेलू सुरक्षा बढ़ाने के लिए निर्देश दिए हैं. अमेरिकी विदेश विभाग ने नागरिकों की सुरक्षा और कूटनीतिक प्रयासों के लिए टास्क फोर्स बनाई है.
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