इजरायल ने आज दोपहर ईरान पर बड़ा हमला कर दिया. ईरान की राजधानी तेहरान में कई जगहों पर धमाके सुने गए हैं. जानकारी के मुताबकि इस बार इजरायल ने अकेले हमला नहीं किया बल्कि उसका साथ अमेरिका ने भी दिया है. एक ईरानी अधिकारी के अनुसार, ईरान के सर्वोच्च नेता, अयातुल्लाह अली खामेनेई, तेहरान में नहीं हैं और उन्हें एक 'सुरक्षित स्थान' पर ले जाया गया है.
दोनों देशों में बढ़ते तनाव के बीच सबसे बड़ा सवाल यही है कि अगर दोनों में सीधा सैन्य संघर्ष होता है तो किसकी ताकत भारी पड़ेगी? इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट फॉर स्ट्रैटेजिक स्टडीज़ (IISS), स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट (SIPRI) और कई रक्षा रिपोर्टों के आधार पर दोनों देशों की सैन्य क्षमताओं का व्यापक विश्लेषण नीचे दिया गया है.
1. रक्षा बजट और जनशक्ति- इजरायल टेक्नोलॉजी में आगे, ईरान संख्या में भारी
रक्षा बजट
इजरायल: 19 अरब डॉलर
ईरान: 7.4 अरब डॉलर
इस आधार पर इजरायल का रक्षा बजट ईरान से लगभग 7 गुना ज्यादा है. GDP अनुपात के लिहाज से भी इजरायल रक्षा खर्च में दोगुना आगे है.
वहीं ईरान की कुल जनसंख्या इजरायल से लगभग 9 गुना है. इससे ईरान के पास लॉन्ग वॉर में लॉजिस्टिक और मानव संसाधन बढ़त रहती है.
2. वायुसेना- इजरायल की सबसे घातक ताकत (स्पष्ट बढ़त)
IISS के अनुसार इजरायल के पास कुल 612 विमान हैं.
75 × F‑35I Adir (Stealth, दुनिया के सबसे उन्नत लड़ाकू विमान)
196 × F‑16I Sufa
75 × F‑15I Ra'am (लॉन्ग‑रेंज स्ट्राइक के लिए आदर्श)
इजरायल की वायुसेना मध्य‑पूर्व में ही नहीं, बल्कि विश्व की सबसे हाई‑टेक एयर फोर्स मानी जाती है.
ईरान के पास 551 कुल विमान हैं. लेकिन समस्या यह है कि इनमें से बहुत से विमान पुराने हैं.
F‑4 (1960s)
F‑5 (1960s)
F‑14 Tomcat (1970s)
हालांकि ईरान रूस से Su‑35 खरीदने की योजना पर काम कर रहा है, लेकिन अभी यह पूरी तरह उपलब्ध नहीं है. वायुसेना के क्षेत्र में इजरायल भारी, निर्णायक और तकनीकी रूप से बेहद आगे है.
3. मिसाइलें और ड्रोन- यहां ईरान का दबदबा भारी
ईरान: मध्य‑पूर्व का सबसे बड़ा मिसाइल जखीरा
अमेरिकी कमान के अनुसार ईरान के पास 3000+ बैलिस्टिक मिसाइलें हैं.
सबसे घातक मिसाइलें:
- Fattah‑1 / Fattah‑2: Hypersonic (मैक 13–15), इंटरसेप्ट करना मुश्किल
- Khorramshahr‑4: 2,000 किमी रेंज, 1.5 टन वारहेड
- Sejjil: Solid-fuel मिसाइल, 2,500 किमी
- Kheibar Shekan: एंटी‑एयर डिफेंस इवेज़न क्षमता
ड्रोन (ईरान की सबसे बड़ी ताकत)
- Shahed‑136: आत्मघाती ड्रोन, 2,500 किमी रेंज
- Mohajer‑10: 24 घंटे उड़ान, 300 किलो पेलोड
- Shahed‑149 Gaza: भारी लड़ाकू ड्रोन
- Arash‑2: स्पेशली इज़रायल के शहरों/डिफेंस को भेदने के लिए डिजाइन
मिसाइल और ड्रोन युद्ध में ईरान संख्या और विविधता में बेहद भारी है.
4. इजरायल का आयरन डोम है दुनिया का सबसे सफल कवच
इजरायल के पास दुनिया की सबसे आधुनिक मल्टी‑लेयर रक्षा प्रणाली है:
- Iron Dome: छोटे रॉकेट रोकने में 90%+ सफलता
- David's Sling: क्रूज़ एवं मिड‑रेंज मिसाइल
- Arrow‑2 / Arrow‑3: बैलिस्टिक मिसाइलों को अंतरिक्ष में रोकने में सक्षम
- Iron Beam (Laser Defense): 2025–26 में तैनात—लेज़र से मिसाइल जला देता है, प्रति शॉट लागत कुछ डॉलर
वहीं ईरान के पास:
- Bavar‑373 (S‑300 जैसा)
- Russian S‑300
लेकिन विशेषज्ञ इन्हें इज़रायल के सिस्टम से कई स्तर नीचे मानते हैं. यानी डिफेंस शील्ड में इज़रायल दुनिया का नंबर‑1 है.
5. नौसेना- संख्या में ईरान आगे, गुणवत्ता में इजरायल
ईरान के पास बड़े पैमाने पर 220 जहाज हैं. लेकिन अधिकांश आधुनिक नहीं हैं. नौसेना तकनीकी रूप से पिछड़ी है.
इजरायल के पास 60 जहाज हैं. इसमें Dolphin‑II Nuclear Capable Submarines भी हैं. इन्हें इजरायल की 'Second Strike Capability' माना जाता है. ईरान के पास संख्या की बढ़त है, लेकिन निर्णायक युद्ध में इजरायली पनडुब्बियां बड़ा फर्क पैदा कर सकती हैं.
6. परमाणु क्षमता- खेल बदलने वाली असली ताक़त
इज़रायल के पास परमाणु हथियार की आधिकारिक पुष्टि नहीं है. लेकिन विशेषज्ञों के अनुसार 80–400 परमाणु हथियार हैं. Jericho‑III मिसाइलों के जरिए परमाणु हमला संभव है. वहीं इजरायल डॉल्फिन‑II सबमरीन से समुद्र के नीचे से भी परमाणु हमला कर सकता है.
ईरान के पास अभी परमाणु हथियार नहीं है. लेकिन ईरान भी 90% यूरेनियम संवर्धन के बेहद करीब माना जा रहा है. अमेरिका, IAEA और इजरायल लगातार चेतावनी दे रहे हैं. परमाणु क्षमता में इजरायल निर्णायक और बेहद आगे है.
कौन ज्यादा ताकतवर?
इजरायल की बढ़त:
- दुनिया की सर्वश्रेष्ठ वायुसेना
- F‑35 Stealth क्षमता
- मल्टी‑लेयर एयर डिफेंस (Iron Dome + Arrow + Iron Beam)
- शक्तिशाली साइबर आर्मी
- परमाणु हथियार
- सटीकता आधारित सर्जिकल स्ट्राइक क्षमता
ईरान की बढ़त:
- मध्य‑पूर्व का सबसे विशाल मिसाइल और ड्रोन जखीरा
- पड़ोसी देशों में प्रॉक्सी नेटवर्क (हिज़्बुल्लाह, हौथी, इराक़ी मिलिशिया)
- विशाल जनशक्ति
- लंबा युद्ध लड़ने की क्षमता
फाइनल विश्लेषण:
सीधे युद्ध हो तो इजरायल तकनीकी रूप से कहीं ज्यादा ताकतवर है.
मिसाइल और ड्रोन सल्वो अटैक में ईरान खतरनाक और भारी पड़ सकता है.
लंबे युद्ध में ईरान के पास जनशक्ति और भौगोलिक बढ़त है.
परमाणु युद्ध की स्थिति में इज़रायल निर्णायक बढ़त में रहेगा.













