ऊबड़-खाबड़ जानलेवा पहाड़, जला देने वाले रेगिस्तान... अमेरिकी फौज के लिए वियतनाम न बन जाए ईरान

US Iran War Update: अमेरिका ईरान में जमीनी हमले की तैयारी कर रहा है. अमेरिकी यूएस सेंट्रल कमांड की अगुवाई में विमानवाहक पोत, युद्धपोत और मरीन कमांडों ने खाड़ी देशों में डेरा डाल दिया है. लेकिन ईरान के खतरनाक पहाड़ औऱ जानलेवा रेगिस्तान राह में बाधा बन सकते हैं.

विज्ञापन
Read Time: 5 mins
US Israel Iran War Latest News Today
फटाफट पढ़ें
Summary is AI-generated, newsroom-reviewed
  • अमेरिका ने ईरान के खिलाफ बड़े युद्धपोत, विमानवाहक पोत और 3500 मरीन कमांडो के साथ ग्राउंड ऑपरेशन की तैयारी की
  • ईरान का अधिकांश भूभाग ऊंचे पठार और चारों ओर से पर्वत शृंखलाओं से घिरा हुआ है, जो आक्रमण को कठिन बनाते हैं
  • जाग्रोस और अल्बोर्ज पर्वत क्षेत्र बेहद ऊबड़-खाबड़ और ऊंचे हैं, जिनसे सैन्य गतिशीलता और रसद आपूर्ति मुश्किल
क्या हमारी AI समरी आपके लिए उपयोगी रही?
हमें बताएं।
नई दिल्ली:

अमेरिका बड़े युद्धपोत, विमानवाहक पोत और मरीन कमांडो के साथ ईरान के खिलाफ फाइनल अटैक की तैयारी कर रहा है. ईरान की भौगोलिक स्थिति ऐसी है कि वहां किसी दूसरे देश द्वारा जमीनी हमला कर कब्जा करना बेहद खतरनाक है. सीधी चढ़ाई वाले ऊंचे पहाड़ों, शरीर को जला देने वाले रेगिस्तानों और समुद्र से घिरी ईरान की सीमा को पार करना मौत के किले में घुसने से कम नहीं है. ईरान का एक बड़ा हिस्सा पठारी है, जो सीधे जोखिम भरे पहाड़ी इलाकों से घिरा है और इनके संकरे दर्रों से होकर गुजरना दुश्मन के लिए जानलेवा साबित हो सकता है. जबकि पहाड़ी चोटियां बेहद ऊबड़-खाबड़ हैं. जबकि दलदली नमकीन मिट्टी वाले रेगिस्तान गर्मी में 70 डिग्री तापमान के साथ किसी भी फौज के लिए काल साबित हो सकते हैं. अगर कोई देश एड़ी चोटी का जोर लगाकर घुस भी जाए तो वहां टिके रहना मुश्किल है. विशेषज्ञ यहां तक कह रहे हैं कि ईरान कहीं अमेरिका के लिए दूसरा वियतनाम न बन जाए. 

अमेरिका की ग्राउंड ऑपरेशन की तैयारी

इजरायल के साथ युद्ध में उतरे अमेरिका ने ईरान में संभावित ग्राउंड ऑपरेशन के लिए 3500 मरीन कमांडो उतार दिए हैं. अमेरिकी सेंट्रल कमांड का एक और युद्धपोत यूएसएस ट्रिपोली (USS Tripoli) 2500 सैनिक लेकर ऑपरेशन जोन में पहुंच चुका है. जबकि USS बॉक्सर, USS अब्राहम लिंकन जैसे एयरक्रॉफ्ट करियर पहले ही मोर्चा संभाले हुए हैं. एफ-35, एफ-18 जैसे लड़ाकू विमानों से लैस ये एयरक्रॉफ्ट करियर समुद्री और हवाई हमलों के साथ समुद्र में एक चलती-फिरती फौज माने जाते हैं. माना जा रहा है अमेरिका ईरान के खार्ग द्वीप या होर्मुज स्ट्रेट के इलाके में बड़ी सैन्य कार्रवाई को अंजाम दे सकता है.

ये भी पढ़ें - जंग के बीच ईरान सरकार में पड़ी फूट! राष्ट्रपति और IRGC चीफ किस बात पर भिड़ गए?

ईरान के जोखिम भरे पठार

ईरान का अधिकांश हिस्सा एक ऊंचे पठार (Iranian Plateau) पर स्थित है, जिसकी औसत ऊंचाई समुद्र तल से 900 मीटर से 1500 मीटर के बीच है. यह पठार चारों ओर से विशाल पर्वत शृंखलाओं से घिरा हुआ है, जो इसे बाहरी आक्रमणों से प्राकृतिक सुरक्षा प्रदान करता है.

Advertisement

खतरनाक पहाड़ी इलाके

ईरान की सीमा पर बेहद खतरनाक पहाड़ी इलाके (The Mountain Barriers) हैं. इसमें जाग्रोस पर्वत (Zagros Mountains) ईरान के पश्चिमी इलाके और दक्षिण-पश्चिमी इलाके में 1500 किलोमीटर लंबी पर्वतमाला की तरह है. इसकी चोटियां 4000 मीटर से भी ऊंची हैं. यह क्षेत्र इतना ऊबड़-खाबड़ है और सीधी चोटियां वाला है कि यहां सेनाओं का गुजरना और रसद हथियार पहुचाना असंभव माना जाता है.

अल्बोर्ज पर्वत का खतरनाक रास्ता

अल्बोर्ज की पहाड़ियां (Alborz Mountains) उत्तर में कैस्पियन सागर के किनारे है. ईरान की सबसे ऊंची चोटी माउंट दामावंद 5610 मीटर की है. ये उत्तर से आने वाली बर्फीली हवाओं और दुश्मनों के लिए एक मजबूत दीवार का काम करती है.

Advertisement

मौत का जाल हैं विशाल रेगिस्तान

ईरान के बीचोंबीच दो जोखिम भरे रेगिस्तान हैं, जहां इंसानों का रहना नामुमिकन सा है. दश्त-ए-काविर (Dasht-e Kavir) को महान नमक का रेगिस्तान कहा जाता है. यहां दलदली नमकीन मिट्टी है, जो किसी भी सैन्य वाहन या जांबाज फौज के लिए भी मौत का जाल बन सकती है.

Iran Geography

आग उगलने वाला रेगिस्तान दश्त-ए-लुत

ईरान में दश्त-ए-लुत (Dasht-e Lut) यह दुनिया के सबसे गर्म जगहों में से एक है. यहां तापमान 70°C तक पहुंच जाता है. इसकी रेत के टीले और चट्टानें इसे एक अभेद्य किला बना देती हैं, जहां से जिंदा बाहर निकलना असंभव सा है.

हॉर्मुज जलडमरूमध्य का रास्ता

ईरान की समुद्री सीमाएं भी बहुत अहम और दुर्गम हैं.हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) दुनिया का सबसे अहम तेल-गैस रास्ता है. इस संकरे समुद्री गलियारे से दुनिया के 20 फीसदी तेल-गैस के जहाज गुजरते हैं. होर्मुज के आसपास दुर्गम इलाकों से निगरानी और पहाड़ों के अंदर मिसाइलों और ड्रोन के जखीरों से वो हमले करता है.

दुनिया की सबसे बड़ी झील से घिरा

ईरान की उत्तरी सीमा में कैस्पियन सागर है. यह दुनिया की सबसे बड़ी झील कैस्पियन सागर से घिरा है, जो इसे रूस और मध्य एशिया से जोड़ता है. यहां से भी दुश्मन का ईरान में प्रवेश करना मुश्किल है.

Advertisement

मौसम भी खतरनाक

ईरान केवल पहाड़ों, रेगिस्तान के कारण अजेय नहीं है, यहां की जलवायु में भी जिंदा रहना आसान नहीं है. ईरान की उत्तरी सीमा में घने जंगल (Hyrcanian Forests)हैं, जहां घनघोर बारिश होती है. दक्षिणी इलाकों में भीषण गर्मी और आर्द्रता है. सर्दियों में पहाड़ों पर इतनी बर्फ गिरती है कि कई इलाकों का संपर्क हफ्तों तक देश से कटा रहता है.

ये भी पढ़ें - 'ताज उतार दो', ईरान युद्ध के बीच US में ट्रंप के खिलाफ 'No Kings Protest'; 90 लाख लोगों के शामिल होने का दावा

Advertisement

भूकंप जोन में ईरान

ईरान दुनिया के सबसे जोखिम भरे भूकंपीय इलाकों (Seismic Zones) में से एक है. यहां की जमीन लगातार टेक्टोनिक प्लेट की हलचलों से गुजरती है, जिससे यहां स्थायी और भारी इंफ्रास्ट्रक्चर बनाना बड़ी चुनौती है.

Featured Video Of The Day
Exclusive: एशिया का सबसे बड़ा एयरपोर्ट नोएडा में बनकर तैयार, अंदर का नजारा देख दिल हो जाएगा खुश