- ईरान ने अली खामेनेई के राजकीय अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए भारत को धन्यवाद कहा
- ईरान ने कहा कि वह दोस्ती, संवेदना और दिल से दिए गए सम्मान के इस "मित्रता भरे कदम" को कभी नहीं भूलेगा
- दो दिन तक ग्रैंड मोसल्ला मस्जिद में शव रखे जाने के बाद अली खामेनेई की अंतिम यात्रा आज से शुरू हो गई है
ईरान ने दिवंगत सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह सैयद अली खामेनेई के राजकीय अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए भारत को धन्यवाद कहा है. भारत में ईरान के दूतावास ने भारत के इस कदम को आपसी सम्मान की मजबूत अभिव्यक्ति बताया है. दूतावास ने कहा कि यह दोनों देशों के बीच ऐतिहासिक और सांस्कृतिक रिश्तों को दिखाता है. बता दें कि दो दिन तक तेहरान के ग्रैंड मोसल्ला मस्जिद में अंतिम दर्शन के लिए रखे जाने के बाद, सोमवार सुबह 6 बजे से अली खामेनेई की अंतिम यात्रा शुरू हो गई है.
भारत की ओर से कौन पहुंचा?
शुक्रवार को भारत के एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने अयातुल्लाह सैयद अली खामेनेई को श्रद्धांजलि दी. इस प्रतिनिधिमंडल में बिहार के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर्ड) सैयद अता हसनैन और विदेश राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा शामिल थे. इसके अलावा, कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद, जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री और पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी की प्रमुख महबूबा मुफ्ती, साथ ही भारत के सिख, हिंदू, मुस्लिम और ईसाई धर्मों के कई धार्मिक नेताओं ने भी उन्हें श्रद्धांजलि दी.
ईरान ने क्या कहा?
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर किए गए एक लंबे पोस्ट में भारत में ईरान के दूतावास ने भारतीय समुदाय का धन्यवाद किया. दूतावास ने कहा कि इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान दोस्ती, संवेदना और दिल से दिए गए सम्मान के इस "मित्रता भरे कदम" को कभी नहीं भूलेगा. पोस्ट में कहा गया, "भारत में इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान का दूतावास, भारत की मित्र सरकार और भारत की जनता का दिल से धन्यवाद और सच्चा आभार व्यक्त करता है. खास तौर पर उस आधिकारिक भारतीय प्रतिनिधिमंडल का, जिसने भारत सरकार और भारत की जनता की ओर से अंतिम संस्कार में हिस्सा लिया और इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान के शहीद नेता, महामहिम अयातुल्लाह सैयद अली खामेनेई को श्रद्धांजलि अर्पित की."
दूतावास ने आगे कहा कि इन शोक समारोहों में राजनीतिक नेताओं, सांसदों, प्रतिष्ठित विद्वानों, बुद्धिजीवियों और भारत के अलग-अलग धर्मों और धार्मिक समुदायों के नेताओं की सम्मानजनक मौजूदगी इस बात का सबूत है कि भारत और ईरान के बीच ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और मानवीय रिश्ते बहुत गहरे हैं.
पोस्ट में आगे लिखा है, "ईरान के लोग दोस्ती, हमदर्दी और सच्चे सम्मान के इस भाव को कभी नहीं भूलेंगे. वे इसे इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान और रिपब्लिक ऑफ इंडिया के बीच मजबूत रिश्तों की एक अनमोल निशानी और हमारे दोनों देशों के बीच पुरानी दोस्ती को और मजबूत करने की एक अहम बुनियाद मानते हैं. भारत में इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान का दूतावास एक बार फिर उन सभी भारतीय अधिकारियों, जानी-मानी हस्तियों और भारत के नेक लोगों का दिल से शुक्रिया अदा करता है, जो दुख की इस घड़ी में ईरान के लोगों के साथ खड़े रहे और उनके प्रति अपनी हमदर्दी जाहिर की."