ईरान का भीषण पलटवार, मिडिल ईस्ट में अमेरिका के 5th Fleet समेत इन ठिकानों को बनाया निशाना

ईरान ने मिडिल ईस्ट में अमेरिका के ठिकानों पर ताबड़तोड़ हमले शुरू कर दिए हैं. कम से कम 7 सैन्य अड्डों पर बैलिस्टिक मिसाइलों से हमले की खबर हैं.

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ईरान ने इजरायल और अमेरिका के हमलों का बदला लेना शुरू कर दिया है. उसने मिडिल ईस्ट में अमेरिका के ठिकानों पर ताबड़तोड़ हमले शुरू कर दिए हैं. मिडिल ईस्ट में अमेरिका के कम से कम 7 सैन्य अड्डों पर बैलिस्टिक मिसाइलों से हमले की खबर हैं. 

ईरानी मीडिया और अंतरराष्ट्रीय समाचार एजेंसियों ने पुष्टि की है कि ईरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए खाड़ी में अमेरिका के कई रणनीतिक ठिकानों को निशाना बनाया है. ईरान की अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसी फार्स ने उन बेस की सूची जारी की है, जिन पर हमले किए गए हैं.

अल-उदईद एयर बेस, कतर

फार्स के मुताबिक, कतर में अल-उदईद एयर बेस को मिसाइलों से निशाना बनाया गया है. यह मध्य पूर्व में अमेरिका का सबसे बड़ा सैन्य ठिकाना है. यहां पर 10 हजार से अधिक सैनिक तैनात हैं. यह यूएस सेंट्रल कमांड (CENTCOM) का फॉरवर्ड मुख्यालय है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, दोहा में तेज धमाकों की आवाजें सुनी गई हैं. कतर के रक्षा मंत्रालय ने कुछ मिसाइलों को मार गिराने का दावा किया है.

यूएस फिफ्थ फ्लीट, बहरीन

बहरीन ने पुष्टि की है कि मनामा स्थित अमेरिकी नौसेना के पांचवें बेड़े के मुख्यालय पर मिसाइल हमला हुआ है. बहरीन के जफ्फायर इलाके से धुएं के गुबार उठते देखे गए हैं. यह बेस पूरे अरब सागर और खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी समुद्री संचालन का केंद्र है.

अली अल-सालेम एयर बेस, कुवैत

कुवैत में स्थित इस प्रमुख हवाई अड्डे पर भी ईरानी हमलों की पुष्टि हुई है. इसे अमेरिकी रसद और सैन्य परिवहन का मुख्य केंद्र माना जाता है. हमले के बाद एहतियात के तौर पर कुवैत ने अपना हवाई क्षेत्र बंद कर दिया है.

अल-धफरा एयर बेस, यूएई

संयुक्त अरब अमीरात के अबू धाबी के पास स्थित अल-धफरा बेस पर भी ईरानी मिसाइलें और ड्रोन दागे गए हैं. यहां से टोही विमान और लड़ाकू जेट (जैसे F-35) संचालित किए जाते हैं. रिपोर्ट्स के अनुसार, यहां तैनात अमेरिकी और अमीरात की वायु सेना के विंग्स को हाई अलर्ट पर रखा गया है. यूएई ने भी सुरक्षा कारणों से अपने हवाई क्षेत्र को आंशिक रूप से बंद किया है.

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3 और सैन्य अड्डों पर हमले

इनके अलावा भी सऊदी अरब, जॉर्डन समेत कम से कम 3 और देशों में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमलों की खबर है. बता दें कि मिडिल ईस्ट में अमेरिका का बड़ा और बेहद अहम सैन्य नेटवर्क है. इस क्षेत्र में अमेरिका के लगभग 19 से 60 से ज्यादा जगहों पर स्थायी और अस्थायी बेस सक्रिय हैं. 

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इन जगहों पर भी अमेरिका के बेस 

कुवैत के कैंप आरिफजान और अली अल सलेम बेस पर लगभग 13,500 सैनिक हैं. यह सेना का मुख्य लॉजिस्टिक्स हब है. जॉर्डन के मुवफ्फाक सालती एयरबेस पर भी अमेरिका के 50 से अधिक लड़ाकू विमान तैनात हैं. इनके अलावा इराक के अल-असद एयर बेस और अल-तन्फ सीरिया के जैसे केंद्रों पर कुछ हजार सैनिक तैनात बताए जाते हैं. अमेरिका ने फरवरी में दक्षिणी इजरायल के ओवडा एयरबेस पर पहली बार 12 F-22 रैप्टर लड़ाकू विमानों की तैनाती की थी.

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