- ईरान में जारी विरोध प्रदर्शन में सुरक्षा बलों की हिंसक कार्रवाई में कम से कम दो हजार से अधिक लोग मारे गए हैं
- अमेरिका ने ईरान पर सैन्य हमले की चेतावनी दी है और प्रदर्शनकारियों को समर्थन देने का संकेत दिया है
- ईरान सरकार ने अमेरिका पर आरोप लगाया है कि वह विरोध प्रदर्शन को बहाना बनाकर सैन्य हस्तक्षेप की कोशिश कर रहा है
Iran Protest Updates: अब वेनेजुएला नहीं, पूरी दुनिया की नजर ईरान पर है जहां पिछले दो हफ्तों से जनता का हिंसक विरोध प्रदर्शन जारी है. ईरान में विरोध प्रदर्शनों पर सुरक्षा बलों की हिंसक कार्रवाई के दौरान अबतक कम से कम 2,571 लोग मारे गए हैं और यह आंकड़ा तो ईरान के अधिकारी ने दिया है. मौत का वास्तविक आंकड़ा तो इससे कहीं अधिक हो सकता है. दूसरी तरफ अमेरिका लगातार ईरान पर सैन्य दबाव बना रहा है, ऐसे संकेत मिल रहे हैं कि कभी भी अमेरिका ईरान के उपर हमला कर सकता है. अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरानियों से वादा किया था कि आप विरोध करते रहिए, मदद "रास्ते में" है. चलिए आपको ईरान में जारी विरोध प्रदर्शन और अमेरिका की सैन्य हमले की चेतावनियों से जुड़े 10 बड़े अपडेट यहां बताते हैं.
- ईरान की खामेनेई सरकार भले दावा कर रही है कि सब कंट्रोल में है, लेकिन जमीन पर जनता का विरोध प्रदर्शन शांत होने का नाम नहीं ले रहा है. अमेरिका स्थित मानवाधिकार कार्यकर्ता समाचार एजेंसी (HRANA) ने बताया कि उसने अब तक ईरान में इंटरनेट ब्लैकआउट के बावजूद पिछले 17 दिनों में 2,403 प्रदर्शनकारियों, सरकार से जुड़े 147 लोगों और 9 असंबद्ध (जो किसी तरफ से नहीं जुड़े) नागरिकों के साथ-साथ 12 बच्चों की हत्या की पुष्टि की है. वहीं एक ईरानी अधिकारी ने भी न्यूज एजेंसी रॉयटर्स को बताया कि 2,000 लोग मारे गए थे लेकिन इसके लिए "आतंकवादी" दोषी थे.
- इससे पहले मंगलवार को, ट्रंप ने अपने ट्रुथ सोशल प्लेटफॉर्म पर लिखा था कि ईरानी अधिकारी इन हत्याओं के लिए "बड़ी कीमत चुकाएंगे". ट्रंप ने ईरान के लोगों से "विरोध करते रहने" का आग्रह किया. उन्होंने लिखा, "ईरानी देशभक्त, विरोध करते रहें - अपने संस्थानों पर कब्जा करें. हत्यारों और दुर्व्यवहार करने वालों के नाम नोट करके रखें. उन्हें बड़ी कीमत चुकानी पड़ेगी. मैंने प्रदर्शनकारियों की बेतुकी हत्या बंद होने तक ईरानी अधिकारियों के साथ सभी बैठकें रद्द कर दी हैं. मदद अपने रास्ते पर है. मेक अमेरिका ग्रेट अगेन."
- जब पत्रकारों ने ट्रंप से पूछा कि "मदद रास्ते में है" से उनका क्या मतलब है, तो ट्रंप ने कोई खास जानकारी साझा करने से इनकार कर दिया. उन्होंने कहा, "आपको इसका पता लगाना होगा. आई एम सॉरी."
- ईरान की सरकार ने अमेरिका पर आरोप लगाया है कि वह विरोध प्रदर्शन को बहाना बनाकर सैन्य हस्तक्षेप की कोशिश कर रही है. UN में ईरान के मिशन ने X पर पोस्ट करते हुए लिखा, "ईरान को लेकर अमेरिकी कल्पनाएं और उसकी नीति शासन परिवर्तन में निहित हैं, जिसमें प्रतिबंध, धमकियां, जानबूझ कर फैलाई गई अशांति और अराजकता सैन्य हस्तक्षेप का बहाना बनाने के तौर-तरीकों के रूप में काम कर रही है."
- आज ईरान में विरोध प्रदर्शन को लेकर पहली फांसी होने वाली है. पिछले गुरुवार को 26 साल के इरफान सोल्टानी को गिरफ्तार किया गया था. एक हफ्ते में ही मुकदमा चलाया गया, दोषी ठहराया गया और फांसी की सजा सुना दी गई. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार उन्हें बुधवार को ईरान में फांसी दे दी जाएगी. उन्हें तेहरान के उत्तर-पश्चिम बाहरी इलाके में स्थित कारज में गिरफ्तार किया गया था. सोल्टानी पिछले सप्ताह गिरफ्तार किए गए हजारों प्रदर्शनकारियों में से एक हैं.
- डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को चेतावनी दी कि अगर ईरानी अधिकारी प्रदर्शनकारियों को फांसी देते हैं तो "बहुत कड़ी कार्रवाई" की जाएगी. ईरान को बार-बार सैन्य हस्तक्षेप की धमकी देने वाले अमेरिकी नेता ने कहा, "अगर उन्होंने ऐसा कुछ किया तो हम बहुत कड़ी कार्रवाई करेंगे... जब वे हजारों लोगों को मारना शुरू कर देंगे - और अब आप मुझे फांसी के बारे में बता रहे हैं. हम देखते हैं कि यह उनके लिए कैसा होता है."
- बहुत सारे ऐसे संकेत एक साथ मिल रहे हैं जो दिखाते हैं कि अमेरिका किसी भी वक्त ईरान पर सैन्य हमला कर सकता है. अमेरिकी विदेश विभाग ने कहा है कि अमेरिकी नागरिकों को तुरंत ईरान छोड़ देना चाहिए और "यदि ऐसा करना सुरक्षित है, तो जमीन के रास्ते ईरान से आर्मेनिया या तुर्किये जाने पर विचार करें". इसके अलावा ट्रंप ने वो मदद रास्ते में है, वाला सोशल मीडिया पोस्ट तो किया ही है. एक संकेत संकेत इजरायल से मिला है. इजरायल की सुरक्षा कैबिनेट ने मंगलवार को स्थानीय समयानुसार शाम 7:00 बजे एक आपातकालीन बैठक बुलाई थी. इस बैठक का एकमात्र एजेंडा 'ईरान' था. इसके अलावा अमेरिकी रक्षा मंत्रालय (पेंटागन) ने भी अपनी सक्रियता बढ़ा दी है. 'द न्यूयॉर्क टाइम्स' की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी अधिकारियों ने पुष्टि की है कि पेंटागन राष्ट्रपति ट्रंप के सामने ईरान के खिलाफ व्यापक सैन्य विकल्प पेश कर रहा है.
- एक्सियोस की रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ ने बीते विकेंड ईरान के क्राउन प्रिंस रेजा पहलवी, जो अमेरिका में निर्वासन की जिंदगी जी रहे हैं, से गुप्त रूप से मुलाकात की. एक वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी ने आउटलेट को बताया कि दोनों ने विरोध प्रदर्शनों पर चर्चा की.
- द गार्डियन की रिपोर्ट के अनुसार तेहरान में मौजूद एक आंखों के डॉक्टर ने बताया कि वहां के केवल एक अस्पताल में 400 से अधिक ऐसे लोग आए जिनकी आंखों में गोली लगने के कारण चोटें लगी हैं.
- ब्लूमबर्ग न्यूज के अनुसार, एलन मस्क की सैटेलाइन इंटरनेट सेवा देने वाली कंपनी स्टारलिंक ने ईरान के लोगों को मुफ्त इंटरनेट की पेशकश की है. ईरान में इंटरनेट ब्लैकआउट पांच दिनों के निशान को पार कर गया है. ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान के लोगों के लिए मेंबरशिप फीस माफ कर दिया गया है ताकि ईरान में रिसीवर वाले लोग बिना भुगतान किए सेवा का उपयोग कर सकें.
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