- खामेनेई ने युद्द रुकने तक होर्मुज जलडमरूमध्य बंद रखने और सेना को इसका पूरा उपयोग करने का निर्देश दिया
- उन्होंने अरब देशों से अमेरिकी सैन्य अड्डों को बंद करने का आह्वान किया है
- खामेनेई ने मीनाब स्कूल हमले में शहीद हुए लोगों का बदला लेने की कसम खाई
ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला मोजतबा खामेनेई ने कहा है कि युद्द रुकने तक होर्मुज जलडमरूमध्य बंद ही रहेगा और सेना को इसका पूरा इस्तेमाल करना चाहिए. खाड़ी अरब पड़ोसी देशों पर ईरान के हमले जारी रहेंगे. उनकी नियुक्ति के बाद यह उनका पहला बयान था, जिसे गुरुवार को सरकारी टेलीविजन पर एक समाचार एंकर ने पढ़ा. खामेनेई कैमरे पर नहीं दिखे, और इजरायली आकलन से संकेत मिलता है कि युद्ध की शुरुआत में हुए हमले में वे घायल हो गए थे. इसके साथ ही ईरान के नए सर्वोच्च नेता ने खाड़ी देशों से अमेरिकी सैन्य अड्डों को बंद करने का आह्वान किया है.
ईरान के सर्वोच्च नेता ने मीनाब स्कूल हमले में शहीद हुए लोगों सहित अन्य 'शहीदों' का बदला लेने की कसम खाई. उन्होने कहा कि इसका बदला जरूर लिया जाएगा. बदला तब तक जारी रहेगा जब तक कि वह पूरी तरह से हासिल न हो जाए. उन्होंने कहा कि ईरान अपने नुकसान का दुश्मन यानी संयुक्त राज्य अमेरिका से "मुआवजा लेगा". उन्होंने कहा कि अगर अमेरिका इनकार करता है, तो ईरान उसकी संपत्तियों से जब्ती करेगा या उन्हें उसी हद तक नष्ट कर देगा.
कुरान, अल्लाह के जरिए किया कनेक्ट
खामेनेई ने कहा, 'शांति उन लोगों के लिए रहेगी, जो ईरान और उसके लोगों का भला चाहते हैं.मैं सभी लोगों का आभार व्यक्त करना चाहता हूं. शहीद अब सबसे अच्छी जगह पर हैं और उन्हें इसका फल मिलेगा. हमारे नेता की मौत ने हमेशा यह दिखाया है कि वे हमेशा सच बोलते रहे. उनका चरित्र महान है. जिम्मेदारी बहुत बड़ी है और अल्लाह से शक्ति मांगते हैं. नेता और जनता के बीच संबंध हमेशा बना रहता है. ईरानी जनता ने दुनिया को दिखाया है कि हम महान लोग हैं. अल्लाह ने हमारा साथ दिया है हम पवित्र कुरान का सहारा लेना चाहते हैं.'
खामेनेई ने अपने भाषण में अपने पिता की मौत को स्वीकार किया, जिससे यह संकेत मिलता है कि वे घटना के बाद मौके पर मौजूद थे और उन्होंने अपने पिता का शव देखा था. खामेनेई ने यह भी पुष्टि की कि उनकी पत्नी, उनकी एक बहन, उनकी भतीजी और उनकी दूसरी बहन के पति भी हवाई हमले में मारे गए थे.
जनता और सेना का हौसला बढ़ाया
ईरानी सुप्रीम लीडर ने आगे कहा, 'नेता आपके और जनता के बिना काम नहीं कर सकता. हमें अपने शत्रुओं को हराना होगा. हमें मतभेदों को दूर करना होगा. हमारी एकता हमेशा से रही है और हमें इसे बनाए रखना होगा. एक विशेष प्रयास होना चाहिए, जो हमारे शत्रुओं को हरा सके. ईरानी जनता इस कठिन समय में भी अच्छा प्रदर्शन कर रही है. यह अत्यंत महत्वपूर्ण है.लड़ाकों के बारे में, मैं कहूंगा कि वे अच्छा काम कर रहे हैं. उन्होंने हमारे उन शत्रुओं पर हमला किया है, जो हमें विभाजित करना चाहते हैं. शत्रु को होर्मुज जलडमरूमध्य और अन्य मोर्चों पर आकर पछतावा होगा, क्योंकि उन्हें हमें हराने का कोई अनुभव नहीं है. हम पूरी ताकत से लड़ेंगे. '
ये भी पढ़ें-
मिडिल ईस्ट वार 12-3-2026: ईरान में 30 लाख लोग विस्थापित, रूस से अमेरिका ने मांगी मदद, 10 अपडेट्स
ईरान के एक परमाणु ठिकाने पर इजरायल ने किया अटैक, IDF ने किया दावा
ईरान-इजरायल जंग के बीच पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शरीफ सऊदी अरब क्यों दौड़े
ये इतिहास का सबसे बड़ा तेल संकट: अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी, पाक-बांग्लादेश में हालात बदतर













