- ईरान‑इजरायल युद्ध के कारण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में जहाजों की आवाजाही मार्च की शुरुआत में अत्यंत कम हो गई है.
- होर्मुज जलडमरूमध्य में व्यवधान से प्राकृतिक गैस की कीमतों में लगभग 10% की वृद्धि दर्ज की गई है.
- कई देशों में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में भारी बढ़ोतरी हुई है जबकि भारत और ब्राजील में दाम स्थिर रहे हैं.
ईरान‑इजरायल युद्ध 28 फरवरी से लगातार जारी है और इसके आर्थिक प्रभाव अब केवल मिडिल ईस्ट तक सीमित नहीं रहे. युद्ध के 21 दिनों में वैश्विक ऊर्जा सप्लाई, शिपिंग रूट्स और ईंधन बाजार पर भारी दबाव देखा जा रहा है. अमेरिका, इजरायल और ईरान के अलावा कई अन्य क्षेत्र भी अब आर्थिक तनाव झेल रहे हैं.
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में जहाजों की आवाजाही घटी
वैश्विक ऊर्जा सप्लाई का बड़ा हिस्सा होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर गुजरता है. युद्ध का सीधा असर यहां दिखाई दे रहा है. 27 फरवरी तक यहां जहाजों की सात‑दिवसीय औसत आवाजाही 106 जहाज प्रति दिन थी, जो पिछले साल यही समय 83 जहाज प्रति दिन था. लेकिन युद्ध बढ़ने के साथ मार्च की शुरुआत तक यह संख्या महज छह जहाज प्रतिदिन पर आ गई. यह एक चिंताजनक गिरावट है.
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तेल और गैस बाजार में उछाल
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में आए इस व्यवधान ने तेल‑गैस बाजार को गहरा झटका दिया है. प्राकृतिक गैस की कीमतों में लगभग 10% की बढ़ोतरी दर्ज की गई. 27 फरवरी से मध्य मार्च के बीच कीमतें $2.9 से बढ़कर $3.2 प्रति MMBtu पहुंच गईं.
कई देशों में पेट्रोल की कीमतें बेकाबू
संघर्ष का असर उपभोक्ता ईंधन कीमतों पर भी साफ दिखा. 23 फरवरी से 16 मार्च के बीच पेट्रोल कीमतें:
- ऑस्ट्रेलिया: 32% वृद्धि
- अमेरिका: 24%
- सिंगापुर: 21%
- स्पेन: 19%
इसके विपरीत, भारत और ब्राजील में ईंधन कीमतों में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई क्योंकि यहां दाम सरकारी नियंत्रण में हैं.
डीजल कीमतों में भी तेज उछाल
इसी अवधि में डीजल के दामों में भी तीव्र बढ़ोतरी रिपोर्ट की जा रही है.
- ऑस्ट्रेलिया: 40%
- अमेरिका: 33%
- सिंगापुर: 34%
मिस्र, चीन, मलेशिया और कतर जैसे देशों में बढ़ोतरी सीमित रही.
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LPG की कीमतों में भारी असमानता
LPG पर निर्भर देशों में युद्ध के चलते घरेलू उपभोग प्रभावित हुआ है. बड़ी असमानता देखी गई:
- ग्रीस: $223.4 प्रति बैरल समतुल्य (सबसे अधिक)
- इजरायल: $202.6
- यूके: $192.3
- भारत: $103.1 (मध्यम श्रेणी)
- ऑस्ट्रेलिया: $67.7
- रूस: $61.7
- सऊदी अरब: $46.2 (उत्पादक देशों में राहत)
एयरलाइंस पर बढ़ा दबाव, टिकट महंगे होने के संकेत
तेल‑गैस महंगे होने का सीधा असर एविएशन सेक्टर पर पड़ा है. दुनिया भर की एयरलाइंस, खासकर भारतीय कैरियर्स, बढ़ते जेट ईंधन की कीमतों से जूझ रही हैं.
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इस वजह से कंपनियों ने फ्यूल सरचार्ज बढ़ाए:
- IndiGo: ₹425
- Air India: ₹399
- Akasa Air: ₹199-₹1,300
एयरलाइंस का कहना है कि अगर जेट‑फ्यूल कीमतें और बढ़ीं, तो टिकट दरों में और वृद्धि संभव है.
लंबा चला युद्ध तो महंगाई और बिजनेस पर असर तय
होर्मुज जलडमरूमध्य में चल रही बाधाओं ने दिखा दिया है कि एक छोटा समुद्री मार्ग भी वैश्विक सप्लाई चेन को हिला सकता है. विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह युद्ध लंबे समय तक जारी रहा, तो ऊर्जा महंगाई, परिवहन लागत और व्यावसायिक गतिविधियों पर दबाव और बढ़ सकता है, जिसका असर दुनिया भर की अर्थव्यवस्थाओं पर महसूस होगा.













