- ईरान में आर्थिक संकट की वजह से देश के विभिन्न हिस्सों में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं
- राजधानी तेहरान सहित कई शहरों में प्रदर्शनकारियों ने सरकारी भवन और वाहनों को आग के हवाले कर दिया
- पूरे देश में इंटरनेट और टेलीफोन सेवाएं बंद कर दी गई हैं ताकि हिंसा को बढ़ने से रोका जा सके
Iran Mass Protest: ईरान में हालात बिल्कुल भी ठीक नहीं हैं. पिछले दो हफ्तों से चल रहे विरोध प्रदर्शन गुरुवार रात ज्यादा उग्र हो गए. आर्थिक हालात खराब होने और कई संकट एक साथ होने की वजह से देश के अलग-अलग हिस्सों में आधी रात को बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन किए गए. गुरुवार देर रात बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारियों की भीड़ राजधानी तेहरान समेत देश के करीब 50 शहरों में उमड़ पड़ी. हजारों प्रदर्शनकारियों की ये भीड़ इतनी उग्र हो गई कि उनको संभालना मुश्किल था. जगह-जगह आगजनी और नारेबाजी हो रही थी.कई जगहों पर हिंसक झड़पें भी हुईं.
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दरअसल ये मंजर ईरान के निर्वासित क्राउन प्रिंस रेजा पहलवी के लोगों से घरों से बाहर निकलकर प्रदर्शन करने की अपील के बाद देखा गया. जिसके बाद सरकार ने भी सुरक्षाबलों को भीड़ को काबू करने पर लगा दिया.
इस बीच पूरे ईरान में इंटरनेट सेवा और टेलीफोन सेवा बंद कर दी गई. मतलब कहीं भी इंटरनेट नहीं चल रहा था, ये कदम इसलिए उठाया गया, ताकि हिंसा और न भड़के. लेकिन इस बीच सोशल मीडिया पर विरोध प्रदर्शन के कई वीडियो पोस्ट किए गए हैं, जिनमें लोगों का हुजूम उमड़ता देखा गया.
राजधानी तेहरान की सड़कें आधी रात को आग से धधक उठीं. क्यों कि उग्र प्रदर्शनकारी न सिर्फ सड़क पर खड़ी कारों और बाइकों को आग में झोंक रहे थे बल्कि सरकारी दफ्तरों तक को नहीं छोड़ा.
रिपोर्ट्स के हवाले से कहा गया कि हिंसक प्रदर्शनकारियों की भीड़ ने ईरान के मध्य जिले इस्फ़हान में इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान के ब्रॉडकास्टिंग (आईआरआईबी) भवन को आग के हवाले कर दिया.
तेहरान की सड़कों पर इस दौरान शाह अमर रहें के नारे गूंज उठे. हजारों की संख्या में उतरे प्रदर्शनकारियों ने जमकर नारेबाजी की. इतना ही नहीं भीड़ में से एक शख्स ने एक फेमस स्टेच्यू के हाथ में शेर और सूर्य का झंडा थमा दिया.
देखते ही देखते ये विरोध प्रदर्शन तेहरान से आगे बढ़कर मशहद, देज़फुल समेत अन्य शहरों तक भी पहुंच गए. प्रदर्शनकारियों की भीड़ बेकाबू थी. वह वाहनों को आग के हवाले कर रही थी. सोशल मीडिया पर विरोध-प्रदर्शन के कई वीडियो पोस्ट किए गए, जिनमें भारी भीड़ तेहरान और ईरान के अन्य शहरों में मार्च करती दिखाई दे रही है. इसे सत्ता के विरोधियों द्वारा पिछले कई सालों में अब तक का सबसे बड़ा शक्ति प्रदर्शन बताया जा रहा है.
ईरान के दूसरे सबसे बड़े शहर मशहद में भी रैलियां निकाली गईं. हालांकि यहां पर विरोध शांतिपूर्ण रहा, जिसकी वजह से सुरक्षा बलों ने भीड़ को तितर-बितर नहीं किया. ईरान के कई शहरों में बुधवार को हिंसक झड़पें भी हुईं.
31 प्रांतों के 140 शहरों और कस्बों तक फैला विरोध प्रदर्शन
अमेरिका के मानवाधिकार कार्यकर्ता समाचार एजेंसी के मुताबिक, ईरान में लगातार 12वें दिन अशांति देखी गई, जिसकी वजह से विरोध प्रदर्शन सभी 31 प्रांतों के 140 शहरों और कस्बों तक फैल गए हैं. एजेंसी के मुताबिक अब तक 34 प्रदर्शनकारी और 7 सुरक्षाकर्मियों की मौत हो चुकी है. वहीं 2,270 प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया जा चुका है. वहीं नॉर्वे स्थित ईरान ह्यूमन राइट्स का कहना है कि कम से कम 45 प्रदर्शनकारियों को मारा जा चुका है, जिनमें आठ बच्चे भी शामिल हैं. बीबीसी पर्शियन ने 21 लोगों की मौत की पुष्टि की है. जबकि ईरानी अधिकारियों ने 5 सुरक्षाकर्मियों की मौत की बात कही है.














