- ईरानी सेना ने दावा किया है कि उसने दो अमेरिकी लड़ाकू विमानों को गिरा दिया है
- ईरान ने अमेरिका ब्लैक हॉक हेलीकॉप्टर को भी टारगेट किया है
- ईरान में लापता पायलट की तलाश जारी है
अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा संघर्ष अब एक बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुंच चुका है. ईरान ने अमेरिका को इस जंग के बीच अब बड़ी चोट दी है. ईरानी सेना ने दावा किया है कि उसने दो अमेरिकी लड़ाकू विमानों को मार गिराया है. हालांकि इसमें एक की ही पुष्टि हो सकी है. फाइटर जेट का एक अमेरिकी पायलट अब भी लापता है. ईरान और अमेरिका दोनों पायलट की तलाश में जुटे हैं. शुक्रवार यानी 3 अप्रैल 2026 को ईरान की सीमा के भीतर अमेरिका का एक F-15E स्ट्राइक ईगल विमान मार गिराया गया. यह दो सीटों वाला लड़ाकू विमान है. इसमें एक पायलट और एक वेपन सिस्टम ऑफिसर सवार होते हैं.
अमेरिकी मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिकी स्पेशल फोर्स ने एक क्रू मेंबर को सुरक्षित बचा लिया है, लेकिन दूसरा अभी भी लापता है. ईरानी सेना और रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) दक्षिण-पश्चिमी ईरान के उस इलाके की घेराबंदी कर चुके हैं जहां विमान गिरा था. लापता पायलट को ढूंढने के लिए ईरान ने जमीन-आसमान एक कर दिया है.
A-10 वॉरथॉग जेट भी गिरा
ईरानी हमले का शिकार होने वाला दूसरा विमान A-10 वॉरथॉग है. यह विमान कुवैत के ऊपर ईरान की चपेट में आया और दुर्घटनाग्रस्त हो गया. हालांकि, राहत की बात यह रही कि इसका पायलट समय रहते इजेक्ट करने में सफल रहा और उसे बचा लिया गया है.
हैरान करने वाली बात यह है कि जब दो ब्लैक हॉक हेलीकॉप्टर लापता पायलट की तलाश में निकले, तो ईरान ने उन पर भी हमला किया. अधिकारियों के मुताबिक, दोनों हेलीकॉप्टर किसी तरह ईरानी हवाई क्षेत्र से बाहर निकलने में सफल रहे, लेकिन वे ईरान की एयर डिफेंस की जद में आ गए थे.
F-35 भी गिराए गए
बीते दिन ईरान ने अमेरिका के F-35 लड़ाकू विमान को मार गिराने का दावा किया था. इसकी साथ ही यह भी कहा कि गंभीर चोटों के कारण पायलट के बचने की संभावना नहीं है.
ईरान की अर्ध-सरकारी मेहर न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार ईरानी सेना के मुख्यालय, खतम अल-अंबिया के प्रवक्ता ने यह दावा किया था.ईरान ने कथित तौर पर 19 मार्च को भी अपने हवाई क्षेत्र में एक अमेरिकी F-35 स्टील्थ लड़ाकू विमान पर हमला किया था और दावा किया था कि उसे मार गिराया गया है.
डोनाल्ड ट्रंप बोले- 'यह युद्ध है'
इस घटना पर पेंटागन और व्हाइट हाउस ने अब तक कोई विस्तृत आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है. हालांकि, प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने पुष्टि की है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को पूरी स्थिति की जानकारी दे दी गई है.
अब तक इस युद्ध में 1,900 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं. इनमें 13 अमेरिकी सैनिक, 19 इजरायली नागरिक और खाड़ी देशों के दो दर्जन से अधिक लोग शामिल हैं. ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई की मौत के बाद भड़की यह जंग हर रोज नई लपटों के साथ तनाव को गहराती जा रही है.
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