क्या ईरान की डांसिंग मिसाइल पर नाचेंगे इजरायल- अमेरिका,जान लीजिए सच्चाई 

कहा जाता है कि पहला हिस्सा लांच होने के बाद मिसाइल को ऊंचाई पर ले जाने पर अलग हो जाता है . वही  दूसरा हिस्सा पूरी गति से मिसाइल को लक्ष्य  तक पहुंचाता है . इस तकनीक की वजह से इस हमला को बहुत सटीक और घातक माना जाता है . इसकी एक और सबसे बड़ी खासियत यही है. इसे जल्दी लॉन्च किया जा सकता है

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नई दिल्ली:

युद्ध के एक पखवाड़े बाद भी खाड़ी युद्ध सिमटने की बजाए फैलता जा रहा है. अब ईरान के नए दांव से लगता है कि यह युद्ध अभी इतनी सहजता से खत्म नहीं होगा. अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच लड़ाई को 17 दिन हो चुके हैं. इसी बीच ईरान ने बड़ा कदम उठाया है. ईरान ने अब अपनी अपनी एडवांस सेज्जिल बैलिस्टिक मिसाइल इस्तेमाल करना शुरू कर किया है. ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड के मुताबिक यह मिसाइल पहली बार रविवार को दागी गई. यह सॉलिड फ्यूल से चलने वाली मिसाइल है.

इसे ईरान की सबसे खतरनाक मिसाइलों में गिना जाता है. यह पहली बार है जब सेज्जिल मिसाइल को असली युद्ध में इस्तेमाल किया गया है. इससे पूरे क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है. जानकारी के मुताबिक यह मिसाइल 2000 से 2500 किलोमीटर तक मार कर सकती है. इसे बहुत कम समय में लॉन्च किया जा सकता है. यह युद्ध 28 फरवरी को शुरू हुआ था. तब अमेरिका और इजराइल ने ईरान के ठिकानों पर हमला किया था. इसके बाद ईरान ने जवाबी कार्रवाई शुरू कर दी. ईरान लगातार मिसाइल और ड्रोन हमले कर रहा है. इसी दौरान पहली बार सेज्जिल-2 मिसाइल का इस्तेमाल हुआ.

सेज्जिल एक दो चरण वाली बैलिस्टिक मिसाइल है. इसे ईरान ने खुद विकसित किया है. इसे अशूरा मिसाइल भी कहा जाता है. यह पूरी तरह ठोस ईंधन यानी सॉलिड फ्यूल पर चलती है.  इसके  दो हिस्से होते हैं . कहा जाता है कि पहला हिस्सा लांच होने के बाद मिसाइल को ऊंचाई पर ले जाने पर अलग हो जाता है . वही  दूसरा हिस्सा पूरी गति से मिसाइल को लक्ष्य  तक पहुंचाता है . इस तकनीक की वजह से इस हमला को बहुत सटीक और घातक माना जाता है . इसकी एक और सबसे बड़ी खासियत यही है. इसे जल्दी लॉन्च किया जा सकता है. इसमे दुश्मन को जवाब देने का समय कम मिलता है.इस  मिसाइल को ट्रक पर लादकर आसानी से कहीं भी ले जाया जा सकता है .

इसकी लंबाई करीब 18 मीटर है. इसका  व्यास करीब 1.25 मीटर है. इसका वजन लगभग 23,600 किलोग्राम है. इसकी रफ्तार  12 मैक  से ज्यादा बताई जाती है. इसमें करीब 700 किलोग्राम का वारहेड लगाया जा सकता है. यह बड़े ठिकानों को भारी नुकसान पहुंचा सकती है.इस मिसाइल की रेंज करीब 2000 किलोमीटर है. ईरान से दागे जाने पर यह इजराइल, सऊदी अरब और तुर्की तक पहुंच सकती है. खाड़ी क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी ठिकाने भी इसकी रेंज में आते हैं.

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सेज्जिल को “डांसिंग मिसाइल” भी कहा जाता है. ऐसा इसकी खास तकनीक की वजह से है. कहा जाता है कि यह उड़ान के दौरान दिशा बदल सकती है. अगर ऐसा होता है  तो इसे ट्रैक करना मुश्किल हो जाता है. इसी वजह से यह मिसाइल और खतरनाक मानी जाती है.

वैसे ईरान का मिसाइल कार्यक्रम काफी पुराना है. सेज्जिल का विकास 1990 के दशक में शुरू हुआ था. इसका पहला परीक्षण 2008 में हुआ था. इसके बाद 2009 में दूसरा परीक्षण किया गया. बाद में कई और टेस्ट किए गए. एक टेस्ट में यह करीब 1900 किलोमीटर तक गई थी.
ईरान का दावा है कि हाल के हमलों में इसी मिसाइल का इस्तेमाल किया गया है. इसका निशाना इजराइल और अमेरिकी ठिकाने थे.

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