- डोभाल का यह दौरा अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच मिडिल ईस्ट की सुरक्षा स्थिति पर चर्चा के लिए है
- अमेरिका ने यूएसएस अब्राहम लिंकन विमानवाहक पोत को अरब सागर में तैनात कर पश्चिम एशिया में सैन्य दबाव बढ़ाया है
- भारत और संयुक्त अरब अमीरात भी सैन्य समझौते पर सहमत हुए हैं जबकि सऊदी और यूएई के बीच तनाव बना हुआ है
मिडिल ईस्ट में हलचल है. पाकिस्तान और सऊदी अरब ने सैन्य समझौता कर लिया है तो ईरान और अमेरिका में तनाव चरम पर है. ऐसे में भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल सऊदी अरब पहुंच गए हैं. डोभाल रियाद में अपने सऊदी वार्ताकारों के साथ बातचीत करेंगे. सऊदी अरब स्थित भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया पर उनके दौरे के बारे में जानकारी दी है.
दूतावास ने क्या बताया
दूतावास ने बताया कि डोभाल आधिकारिक दौरे पर रियाद पहुंचे हैं. हवाई अड्डे पर भारतीय राजदूत सुहेल एजाज खान और सऊदी अरब के राजनीतिक मामलों के उप मंत्री सऊद अल-साती ने उनका स्वागत किया. साती इससे पहले भारत में सऊदी अरब के राजदूत थे. डोभाल का यह दौरा अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनावपूर्ण संबंधों के कारण मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच हो रहा है.
मिडिल ईस्ट में भयंकर तनाव
अमेरिका ने पहले ही पश्चिम एशिया में अपना सैन्य दबाव बढ़ा दिया है और उसने यूएसएस अब्राहम लिंकन विमानवाहक पोत को अरब सागर में तैनात किया है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान से उसके परमाणु कार्यक्रम पर अमेरिका के साथ समझौता करने के लिए कह रहे हैं. डोभाल और उनके वार्ताकार द्विपक्षीय संबंधों की स्थिति के साथ-साथ क्षेत्रीय सुरक्षा स्थिति पर भी चर्चा कर सकते हैं.
एलन मस्क का 'ब्रह्मांड' प्लान: SpaceX और xAI मर्जर दुनिया के लिए क्यों महत्वपूर्ण
पाकिस्तान का एंगल
सऊदी अरब और पाकिस्तान द्वारा अपने दशकों पुराने रक्षा संबंधों को मजबूत करने के लिए एक रक्षा समझौते पर हस्ताक्षर करने के कुछ महीनों बाद डोभाल का यह दौरा हो रहा है. साथ ही भारत और संयुक्त अरब अमीरात भी एक सैन्य समझौते पर सहमत हुए हैं. वहीं सऊदी और संयुक्त अरब अमीरात के संबंध इन दिनों तनावपूर्ण हैं. ऐसे समय में डोभाल का सऊदी दौरा बेहद महत्वपूर्ण लग रहा है. हालांकि, भारत सरकार की तरफ से इस बारे में अन्य कोई सूचना साझा नहीं की गई है.
India US Trade Deal: भारत-अमेरिका व्यापार समझौता एक बड़ी कूटनीतिक जीत कैसे है?
रूस को ट्रंप की बात पर यकीन नहीं,बोला- भारत ने तेल की खरीद रोकने की बात नहीं कही













