PM मोदी से करूंगा बात... भारत दौरे से पहले पुतिन का ऐलान, बड़ी डील की तैयारी

पुतिन ने पश्चिमी देशों पर हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि यूरोपीय देशों का कोई शांति एजेंडा नहीं है और वे युद्ध चाहते हैं, जिसके लिए रूस तैयार है.

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  • पुतिन भारत यात्रा में PM मोदी के साथ आर्थिक संबंधों को मजबूत करने के लिए आयात बढ़ाने पर चर्चा करेंगे.
  • रूस भारत से अधिक वस्तुएं बेच रहा है, जिससे व्यापार घाटा बढ़ा है, और आयात संतुलन पर बातचीत होगी.
  • दोनों देश डॉलर के बजाय राष्ट्रीय मुद्राओं में व्यापार करने के लिए तंत्र विकसित करने पर विचार कर सकते हैं.
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रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने अपनी आगामी भारत यात्रा से पहले स्पष्ट कर दिया है कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ भारतीय आयात बढ़ाने पर विशेष रूप से चर्चा करेंगे, ताकि भारत और रूस के बीच आर्थिक संबंध और गहरे हों. उन्होंने यह भी कहा कि मास्को, भारत और चीन जैसे प्रमुख साझेदारों के साथ अपने संबंधों को मजबूत करना चाहता है.

पुतिन ने पश्चिमी देशों पर हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि यूरोपीय देशों का कोई शांति एजेंडा नहीं है और वे युद्ध चाहते हैं, जिसके लिए रूस तैयार है. इस बीच, क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने स्वीकार किया कि रूस भारत से जितना खरीदता है, उससे कहीं ज़्यादा बेच रहा है, जिससे भारत को बढ़ते व्यापार घाटे की चिंता है; रूस इस असंतुलन को दूर करने के लिए भारत से और ज़्यादा आयात करने को तैयार है.

पेस्कोव ने यह भी बताया कि दोनों नेता व्यापार को पश्चिमी दबाव से बचाने के लिए डॉलर के बजाय राष्ट्रीय मुद्राओं में लेनदेन के तंत्र पर चर्चा कर सकते हैं. इसके अलावा, रक्षा क्षेत्र में ब्रह्मोस मिसाइल के संयुक्त उत्पादन, अतिरिक्त S-400 सिस्टम, Su-57 लड़ाकू विमान, और छोटे परमाणु रिएक्टर जैसी उन्नत तकनीकों पर भी सहयोग विस्तार की उम्मीद है.

रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने एक ऑनलाइन वीडियो संवाददाता सम्मेलन में यह बात कही. इस दौरान उन्होंने पुतिन की चार नवंबर से शुरू होने वाली भारत यात्रा से पहले विभिन्न द्विपक्षीय मुद्दों का उल्लेख किया.

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उन्होंने कहा कि पुतिन और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के बीच होने वाली शिखर वार्ता में भारी व्यापार घाटे पर भारत की चिंता, छोटे आकार वाले परमाणु रिएक्टरों में सहयोग और रक्षा क्षेत्र एवं ऊर्जा साझेदारी के मुद्दे मुख्य रूप से शामिल होंगे.

पुतिन की यह यात्रा ऐसे समय हो रही है जब भारत और अमेरिका के संबंध बीते दो दशकों के शायद सबसे मुश्किल दौर से गुजर रहे हैं. रूस से तेल आयात जारी रखने पर अमेरिका ने भारतीय उत्पादों पर शुल्क को बढ़ाकर 50 प्रतिशत कर दिया है.

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रूसी प्रवक्ता ने अमेरिकी प्रतिबंधों के बाद भारत के रूसी तेल आयात में क्रमिक कटौती करने पर कहा कि यह गिरावट सीमित अवधि के लिए ही होगी और रूस को पश्चिमी प्रतिबंधों के असर को निष्प्रभावी करने का भरोसा है.

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