- ईरान के तेहरान में खामेनेई इतने सुरक्षित भूमिगत बंकर में रहते थे, जहां पहुंचने में लिफ्ट से 5 मिनट लगते थे
- अमेरिका-इजरायल ने खामेनेई के कंपाउंड पर 30 बम गिराए, जिनमें गहराई तक पहुंचने वाले बंकर बस्टर भी थे
- हमले से पहले खामेनेई ने सिक्योरिटी काउंसिल के सेक्रेटरी से मुलाकात की थी जिन्हें आंखें बांधकर ले जाया गया था
ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई इतने सुरक्षित अंडरग्राउंड बंकर में रहते थे कि वहां तक पहुंचने के लिए लिफ्ट को भी 5 मिनट से ज्यादा का वक्त लगता था. किसी को भी यहां तक कि खामेनेई सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों और नेताओं को भी सीधे वहां नहीं लाया जाता था. पहले आंखों पर पट्टी बांधी जाती, फिर जगह-जगह घुमाकर उन्हें अंदर पहुंचाया जाता. सवाल ये है कि जमीने के नीचे बने अभेद्य किले में ट्रंप और नेतन्याहू की फौज ने खामेनेई को कैसे मार गिराया.
बंकर बस्टर समेत 30 बमों से किया हमला
रिपोर्ट्स बताती है कि खामेनेई की मौत शनिवार सुबह-सबेरे हुए हमले में ही हो गई थी. इजरायली और अमेरिकी विमानों ने खामेनेई के अति सुरक्षित परिसर पर एक-दो नहीं बल्कि करीब 30 बम गिराए थे. इनमें GBU-28 लेजर गाइडेड पेनेट्रेटर जैसे बम भी थे. ये बंकर बस्टर बम जमीन के अंदर गहराई तक घुसकर फटते हैं. इसकी वजह से कंक्रीट और स्टील की मोटी परतें भी सुरक्षित नहीं रह पातीं. इस भारी बमबारी में पूरा का पूरा कंपाउंड जमींदोज हो गया था.
बेहद मजबूत बंकर, सुरंगों का नेटवर्क
ये बंकर तेहरान के लाविजान (Lavizan) इलाके में थे, जिसे सुरक्षा के लिहाज से ईरान के सबसे सुरक्षित क्षेत्रों में गिना जाता है. इसके बंकरों की मजबूती की तुलना ईरान के फोर्डो परमाणु प्लांट से की जाती रही है, जो कि पहाड़ों को काटकर बेहद गहराई में बनाया गया है. सूत्रों के हवाले से आई खबरें बताती हैं कि खामेनेई का ये अंडरग्राउंड ठिकाना महज एक-दो कमरे के बंकर नहीं, बल्कि बड़ा कंपाउंड था. इसमें कम से कम दो बंकर थे. एक बंकर ऊपर था. दूसरा उसके नीचे बेहद गहराई में था. यहां आपस में जुड़ी सुरंगों का विशाल नेटवर्क बिछा हुआ था. इसे इस तरह डिजाइन किया गया था कि संकट के समय खामेनेई वहां न केवल सुरक्षित रह सकें बल्कि देश और सेना का संचालन भी कर सकें.
खामेनेई, परिवार समेत 40 अफसर ढेर
इजरायली चैनल 12 के मुताबिक, इस हमले ने न सिर्फ खामेनेई को निशाना बनाया बल्कि ईरान के शीर्ष सैन्य और राजनीतिक नेतृत्व को भी सबसे बड़ा झटका दिया. इस हमले में खामेनेई के साथ उनके दामाद, बहू, बेटी और पोते-पोती की भी मौत हो गई. इनके अलावा करीब 40 सीनियर ईरानी अधिकारी भी इस एयरस्ट्राइक की चपेट में आए.
इतने सुरक्षित बंकर में खामेनेई को कैसे मारा?
अब सवाल ये है कि इतनी सीक्रेट जगह पर भी अमेरिका और इजरायल ने खामेनेई को कैसे मार गिराया? हमले के बाद जो सैटेलाइट तस्वीरें सामने आई हैं, उनमें साफ दिखता है कि किस तरह एक के बाद एक बरसे बमों ने खामेनेई के पूरे के पूरे कंपाउंड को मिट्टी में मिला दिया था. उस जगह पर सिर्फ धुएं का गुबार और मलबे के सिवाय कुछ नजर नहीं आ रहा था.
खामेनेई के सर्किल में खुफिया घुसपैठ
दरअसल, इस काम में अमेरिका खुफिया एजेंसी सीआईए और इजरायली सीक्रेट सर्विस मोसाद के एजेंटों की बड़ी भूमिका थी. ये एजेंट महीनों से खामेनेई को ट्रैक कर रहे थे. टेक्निकल सर्विलांस के अलावा ह्यूमन इंटेलिजेंस की भी मदद ली जा रही थी. इन एजेंटों ने खामेनेई के नेटवर्क में इतनी घुसपैठ कर ली थी कि उनकी पल-पल की खबरें मिल रही थीं.
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दिन के उजाले में हमला क्यों?
अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि खामेनेई पर शनिवार सुबह दिन के उजाले में हमले का फैसला अचानक किया गया था. इसके पीछे वजह ये थी कि अमेरिका को सीआईए के एजेंटों से पता चला कि खामेनेई अपने सीक्रेट ठिकाने पर शनिवार को तीन बड़ी मीटिंग करने वाले हैं. ये बैठकें वरिष्ठ नेताओं और सैन्य अधिकारियों के साथ होनी थीं.
खामेनेई पर ऐसे हुआ आखिरी वार
इससे पहले खामेनेई ने अंडरग्राउंड बंकर में अपने बेहद करीबी अली शामखानी और ईरान की नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सेक्रेटरी अली लारिजानी से मुलाकात की थी. इन्हें भी आंखों पर पट्टी बांधकर अंदर तक ले जाया गया था. पता चला था कि खामेनेई शनिवार को मीटिंग के लिए ऊपर वाले बंकर में आएंगे. ठीक उसी वक्त अमेरिका और इजरायल ने एयरस्ट्राइक कर दी. 30 बम बरसाए. इनमें GBU-28 लेजर गाइडेड पेनेट्रेटर बंकर बस्टर बम भी शामिल थे. ये बम इतनी गहराई में जाकर फटे कि खामेनेई समेत ईरान के 40 सीनियर अधिकारी पलक झपकते ही ढेर हो गए.













