केशम आइलैंड: ईरान का वो द्वीप जो कभी सुंदर नजारों के लिए था मशहूर, अब बना होर्मुज का अंडरग्राउंड मिसाइल सिटी

केशम द्वीप, जो कभी प्राकृतिक चमत्कारों के लिए मशहूर था, अब ईरान का भूमिगत मिसाइल किला बनकर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर नियंत्रण का केंद्र है. 7 मार्च 2026 को अमेरिकी हमले और IRGC की जवाबी कार्रवाई के बाद इसकी रणनीतिक भूमिका और महत्वपूर्ण हो गई है.

विज्ञापन
Read Time: 5 mins
फटाफट पढ़ें
Summary is AI-generated, newsroom-reviewed
  • केशम द्वीप अब ईरान का एक प्रमुख सैन्य अड्डा बन चुका है, जहां भूमिगत मिसाइल शहर स्थित है.
  • 7 मार्च 2026 को अमेरिकी एयरस्ट्राइक ने द्वीप के डीसैलीनेशन प्लांट को निशाना बनाकर पानी सप्लाई बंद कर दी.
  • द्वीप के नीचे चूना पत्थर और नमक की पहाड़ियों में बनी टनल नेटवर्क में लंबी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलें हैं.
क्या हमारी AI समरी आपके लिए उपयोगी रही?
हमें बताएं।

ईरान का केशम द्वीप, जो कभी अपनी प्राकृतिक खूबसूरती, जैसे नमक की गुफाओं और हर्रा (Harra) मैंग्रोव वनों के लिए जाना जाता था. अब अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के केंद्र में है. 7 मार्च 2026 को अमेरिकी एयरस्ट्राइक ने द्वीप के एक डीसैलीनेशन प्लांट को निशाना बनाया, जिससे 30 गांवों की पानी सप्लाई ठप हो गई. इसके जवाब में IRGC ने बहरीन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमला किया.

भूगोल से रणनीति तक: केशम द्वीप का बदलाव

केशम लंबे समय तक ओपन-एयर जियोलॉजिकल म्यूजियम कहा जाता रहा है. यूनेस्को से मान्यता प्राप्त केशम जियोपार्क यहां है. नमकदान साल्ट केव (6 किमी से अधिक लंबी) है.  वैली ऑफ स्टार्स है. हारा मैंग्रोव जंगल यहां है और 2000 साल पुराने तला (गोल्ड) वेल्स जैसी जगहें इसकी पहचान रही हैं. 

यह भी पढ़ें- जनाजे को देख सब झुका देते हैं सिर, बच्चों के भी हैं रोल मॉडल... IRGC ने ईरानियों के दिल में कैसे बनाई जगह

लेकिन अब यह द्वीप दुनिया के सबसे संवेदनशील जलमार्गों में से एक स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर नियंत्रण के लिए ईरान का 'अंडरग्राउंड मिसाइल सिटी' बन चुका है.

Advertisement

कैसा है यह भूमिगत किला?

रिपोर्ट्स के अनुसार केशम के नीचे बड़ी गहराई में चूना पत्थर और नमक की पहाड़ियों में काटकर बनाई गई टनल नेटवर्क हैं.
यहां एंटी-शिप क्रूज मिसाइलें तैनात हैं. 

लंबी दूरी तक वार करने वाली बैलिस्टिक मिसाइलें यहां हैं. 

यह भी पढ़ें- अमेरिकी दूतावास में घुसा ईरानी ड्रोन, देखती रह गई ट्रंप की फौज, Video आया सामने

वेंटिलेशन, इमरजेंसी पावर और भूमिगत रेल नेटवर्क जैसी सुविधाएं यहां मौजूद हैं. यह स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर 'कॉर्क' की तरह काम करता है.

Advertisement

इसका विशाल आकार लगभग 1,445 वर्ग किलोमीटर (558 वर्ग मील) है. इसे खाड़ी से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के प्रवेश द्वार पर भौतिक रूप से हावी होने की अनुमति देता है, जो दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा पारगमन मार्ग में एक अवरोध के रूप में कार्य करता है.

क्या द्वीप पर है मिसाइलों का जखीरा?

हालांकि पूरा शस्त्रागार गोपनीय है, लेकिन उपलब्ध जानकारी के अनुसार यहां ईरान के कई घातक हथियार मौजूद हैं.

  • एंटी-शिप क्रूज मिसाइलें: गदा 380, HY-2 'सिल्कवर्म' आदि
  • बैलिस्टिक मिसाइलें: कियाम-1 (800 किमी), खैबर-शेकेन, गदर और एमाद
  • प्रिसिशन-गाइडेड हथियार.
  • गोपनीय भूमिगत नौसैनिक बेस, जहां IRGC की तेज रफ्तार मिसाइल नौकाएं तैनात रहती हैं.

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर नियंत्रण कैसे करता है केशम?

केशम द्वीप आज ईरान का बड़ा सैन्य ठिकाना बन चुका है. 1989 से यह फ्री ट्रेड जोन तो है, लेकिन अब इसकी पहचान एक तरह के 'न डूबने वाले एयरक्राफ्ट कैरियर' जैसी हो गई है. यह द्वीप बंदर अब्बास शहर से सिर्फ 22 किमी दूर है और क्लैरेंस स्ट्रेट (कुरान) पर हावी रहता है. विश्लेषकों के अनुसार, यह जगह ईरान की असमान नौसैनिक ताकत का मुख्य केंद्र बन चुकी है.

द्वीप के नीचे बने गुप्त सुरंगों में कितनी मिसाइलें और कितनी तेज़ रफ्तार नौकाएं छिपी हैं, यह पूरी जानकारी गोपनीय है. लेकिन सैन्य विशेषज्ञों का कहना है कि केशम के अंदर एक बड़ा 'मिसाइल शहर' बसा हुआ है, जहां से ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य को नियंत्रित कर सकता है या चाहें तो बंद भी कर सकता है. यहां से IRGC की छोटी नौकाएं समुद्र में तेजी से निकलकर समुद्री माइंस बिछा सकती हैं. रिपोर्ट्स के अनुसार जहाजों को अब लारक और केशम के बीच से गुजरने वाले 'वेरीफिकेशन रूट' का पालन करना पड़ता है.

Advertisement

यह 'ग्रीन लाइट सिस्टम' मूल रूप से ईरान की मंजूरी लेकर ही जहाजों को सुरक्षित रास्ता देता है. विशेषज्ञों के मुताबिक स्ट्रेट औपचारिक रूप से बंद नहीं है, लेकिन अब यातायात पूरी तरह ईरान की राजनीतिक सहमति पर निर्भर है. 

ईरान का कंट्रोल ऐसा मानो दुनिया का तेल रोक दे

पिछले हफ्ते यह असर साफ दिखा. ईरान ने जहाजों को निशाना बनाने की चेतावनी दी, तो समुद्री यातायात लगभग रुक गया. अब सिर्फ कुछ चुनिंदा जहाजों (जो दुनिया भर में तेल और गैस सप्लाई ले जाते हैं) को ही रास्ता दिया जा रहा है. बाकी देशों को अपने जहाजों को निकालने के लिए ईरान से बातचीत करनी पड़ रही है. उधर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सरकार इस रास्ते को जबरदस्ती खोलने के लिए युद्धपोतों का बेड़ा तैयार करने की कोशिश कर रही है.

Advertisement

केशम आज भले संघर्ष का केंद्र बन गया हो, लेकिन इसके शांत नमक की गुफाएं और पुरानी धार्मिक जगहें याद दिलाती हैं कि यहां पुर्तगाली और ब्रिटिश जैसे कई साम्राज्य आए और गए. लेकिन यह द्वीप इतिहास की उथल–पुथल में हमेशा मजबूती से खड़ा रहा.

ऐसे में यह कहना गलत नहीं होगा कि केशम द्वीप जो कभी प्रकृति प्रेमियों का स्वर्ग था, आज ईरान की सबसे अहम सैन्य ढाल बन चुका है. इसका भूमिगत मिसाइल नेटवर्क न केवल होर्मुज पर नियंत्रण को मजबूत करता है, बल्कि अमेरिका-इजरायल गठबंधन के साथ चल रहे संघर्ष में इसे 'रणनीतिक ग्राउंड जीरो' में बदल देता है.

Featured Video Of The Day
NDTV Creators Manch 2026 | Priya Malik Poetry: 'इश्क है' वाली प्रिया मालिक का सबसे बेबाक इंटरव्यू