हूती अमेरिकी‑इजरायली जहाजों को बना सकते हैं निशाना, बाब-अल-मंदेब स्ट्रेट क्यों नहीं खतरे से खाली

मिडिल ईस्ट में बढ़ते युद्ध के खतरे के बीच अमेरिका की Maritime Administration ने बाब-अल-मंदेब स्ट्रेट से गुजरने वाले अमेरिकी, इजरायली और ब्रिटिश कार्गो जहाजों को चेतावनी जारी की है.

विज्ञापन
Read Time: 4 mins
फटाफट पढ़ें
Summary is AI-generated, newsroom-reviewed
  • यमन के पास बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य में अमेरिकी, ब्रिटिश और इजरायली जहाजों के लिए हूती विद्रोहियों का खतरा
  • अमेरिकी मैरीटाइम एडमिनिस्ट्रेशन ने छह महीने तक लागू रहने वाली समुद्री मार्ग सुरक्षा चेतावनी जारी की है
  • हूती समूह ने UAV, मिसाइल और छोटी नावों से हमले कर कमर्शियल जहाजों तथा अमेरिकी संपत्तियों को निशाना बनाया है
क्या हमारी AI समरी आपके लिए उपयोगी रही?
हमें बताएं।

मिडिल ईस्ट में युद्ध के बढ़ते दायरे ने दुनिया के लिए खतरे की घंटी बजा दी है. इस बीच अमेरिका के डिपार्टमेंट ऑफ ट्रांसपोर्टेशन के अधीन काम करने वाली संस्था मैरीटाइम एडमिस्ट्रेशन ने यमन के पास स्थित “आंसुओं का द्वार” बाब-अल-मंदेब स्ट्रेट से गुजरने वाले अमेरिकी, इजरायली और ब्रिटिश कार्गो जहाजों के लिए चेतावनी जारी की है. मैरीटाइम एडमिस्ट्रेशन ने गुरुवार को जारी अपनी ताजा एडवाइजरी में आगाह किया कि यमन के दक्षिण‑पश्चिम में सक्रिय ईरान‑समर्थित हूती इस समुद्री मार्ग से गुजरने वाले कमर्शियल जहाजों के लिए एक बड़ा खतरा बने हुए हैं, यह एडवाइजरी अगले छह महीनों के लिए लागू रहेगी.

युद्धविराम के बावजूद खतरा बरकरार

एडवाइजरी में कहा गया है कि अक्टूबर 2025 में इजरायल‑गाजा युद्धविराम समझौते के बाद से हूती समूह ने कमर्शियल जहाजों पर हमला नहीं किया है, लेकिन इसके बावजूद वे इस क्षेत्र में कमर्शियल जहाजों और अमेरिकी संपत्तियों के लिए खतरा बने हुए हैं. चेतावनी में कहा गया है कि इजरायल, अमेरिका या ब्रिटेन से जुड़े जहाजों पर दक्षिणी लाल सागर, बाब-अल-मंदेब स्ट्रेट और Gulf of Aden से गुजरते समय आतंकी या किसी अन्य शत्रुतापूर्ण कार्रवाई का खतरा अधिक है.

ये भी पढ़ें : ईरानी मिसाइलें, अमेरिका की मुसीबत! गिरते 'टॉमहाक' बने USA की नई टेंशन

UAV, मिसाइल और समुद्री हमलों की आशंका

अमेरिकी मैरीटाइम एडमिस्ट्रेशन के मुताबिक, संभावित हमलों में Unmanned Aerial Vehicle (UAV), Unmanned Surface Vehicle (USV), Unmanned Underwater Vehicle (UUV), बैलिस्टिक और क्रूज मिसाइलों का इस्तेमाल किया जा सकता है. इसके अलावा छोटी नावों से छोटे हथियारों द्वारा गोलीबारी, विस्फोटक नाव हमले, जहाज पर अवैध रूप से चढ़ना, हिरासत में लेना और ज़ब्ती जैसी कार्रवाइयों की भी आशंका जताई गई है.

ईरान को रणनीतिक मदद की तैयारी में हूती

असल में यह चेतावनी ऐसे समय पर जारी की गई है, जब यमन में ईरान‑समर्थित Houthis Militia बाब अल‑मंदेब जलडमरूमध्य पर नियंत्रण हासिल करने में ईरान की मदद के लिए अमेरिका और इज़रायली सेना के खिलाफ चल रही लड़ाई में सहयोग करने की तैयारी कर रही है.

Advertisement

हूती कौन हैं?

हूती एक सशस्त्र राजनीतिक और धार्मिक समूह है, जो यमन के शिया मुस्लिम अल्पसंख्यक समुदाय ज़ैदी के हितों के लिए लड़ रहा है.

ये भी पढ़ें : लेबनान को दो हिस्सों में बांटने की तैयारी, इजरायल ने शुरू किया बड़ा सैन्य अभियान, लिटानी नदी तक बनाएगा बफर जोन

Advertisement

वैश्विक ऊर्जा सप्लाई के लिए क्यों अहम है बाब-अल-मंदेब

वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए सामरिक रूप से महत्वपूर्ण बाब-अल-मंदेब हॉर्न ऑफ अफ्रीका और मध्यपूर्व एशिया के बीच एक प्रमुख समुद्री चोकपॉइंट है. यह लाल सागर को Gulf of Aden और अरब सागर से जोड़ता है और यमन के दक्षिण‑पश्चिम में स्थित है, जहां ईरान‑समर्थित हूतियों का वर्चस्व बना हुआ है.

इजरायल पर हूती का ताजा हमला

इसी शनिवार Houthis Militia ने इज़राइल पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं. यह 28 फरवरी को ईरान पर अमेरिका‑इजरायलल हमलों के बाद उनका पहला हमला था। Houthis ने दावा किया कि उसने “संवेदनशील इज़राइली सैन्य ठिकानों” को निशाना बनाया, जबकि इज़राइल ने कहा कि उसने यमन से दागी गई एक मिसाइल को इंटरसेप्ट कर लिया.

सबसे संकीर्ण बिंदु पर सिर्फ 18 मील चौड़ा रास्ता

बाब-अल-मंदेब अपने सबसे संकीर्ण बिंदु पर केवल 18 मील चौड़ा है, जिससे आने‑जाने वाले जहाजों का यातायात दो‑दो मील चौड़े चैनलों तक सीमित हो जाता है. नवंबर 2023 से अक्टूबर 2025 के बीच Houthis Militia द्वारा कमर्शियल जहाजों पर 100 से अधिक अलग‑अलग हमले किए गए हैं, जिनसे 60 से अधिक देश प्रभावित हुए हैं.

ये भी पढ़ें :होर्मुज की 'आग' लाल सागर तक पहुंची, हूती विद्रोही जहाजों को बना सकते हैं मिसाइल-ड्रोन से निशाना, अमेरिका का अलर्ट

Advertisement

पिछले साल के तीन बड़े हमले

पिछले साल Houthis Militia ने तीन बड़े हमले किए, 6 से 8 जुलाई 2025 के बीच दक्षिणी लाल सागर में दो कमर्शियल जहाजों पर हमला कर उन्हें डुबो दिया गया, जिसमें चार नाविक मारे गए. 31 अगस्त 2025 को सऊदी अरब के यानबू के लाल सागर तट के पास एक इज़राइली सहयोगी जहाज को निशाना बनाया गया. 29 सितंबर 2025 को अदन की खाड़ी में एक डच ध्वज वाले मालवाहक जहाज पर मिसाइल हमला किया गया, जिसमें एक नाविक की मौत हुई.

Featured Video Of The Day
Iran Arrest Indians: ईरान ने झूठे केस में भारतीयों को फंसाया? जहाज के कैप्टन ने लगाए बड़े आरोप