हांगकांग हादसा: ऊंची इमारतों में बांस की बल्लियों से कैसे फैली आग? 2000 फ्लैट में फंसे थे हजारों लोग

Hong Kong tower fire: 26 नवंबर की दोपहर को 2,000 अपार्टमेंट वाले आठ-बिल्डिंग हाउसिंग एस्टेट में आग पकड़ ली और इसने पूरे हांगकांग को ही दहला कर रख दिया है. हर बिल्डिंग एक 32 मंजिला टावर है.

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Hong Kong tower fire: हांगकांग में कई ऊंची इमारतों में लगी भीषण आग
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  • हांगकांग के ताई पो जिले में आठ ऊंची इमारतों में लगी भीषण आग में कम से कम 44 लोगों की मौत हुई है
  • 279 लोग अभी भी लापता हैं और पुलिस ने आग के सिलसिले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया है
  • आग लगने का मुख्य कारण बांस के मचान को माना जा रहा है जो भवन निर्माण में इस्तेमाल हुआ था

हांगकांग के ताई पो जिले में कई ऊंची इमारतों में लगी भीषण आग में कम से कम 45 लोग मारे गए हैं. ऐसी खबरें हैं कि कुछ निवासी इमारत में फंसे हुए हैं और पुलिस का कहना है कि 279 लोग अभी भी लापता हैं. दुनिया के एक बड़े फाइनेंसियल हब के रूप में जाने जाने वाले हांगकांग में यह पिछले 3 दशकों में सबसे भयानक आग मानी जा रही है. बुधवार, 26 नवंबर की दोपहर को 2,000 अपार्टमेंट वाले आठ-बिल्डिंग हाउसिंग एस्टेट में आग पकड़ ली और इसने पूरे हांगकांग को ही दहला कर रख दिया है. हर बिल्डिंग एक 32 मंजिला टावर है.

सबसे बड़ा सवाल उठ रहा है कि जिस हांगकांग में दुनिया के कुछ सबसे घनी आबादी वाले और सबसे ऊंचे आवासीय ब्लॉक हैं, वहां कैसे और कहां इतनी बड़ी चूक हो गई. आपको पहले कुछ अपडेट्स देते हैं और फिर अबतक सामने आई वजहों को बताएंगे.

हांगकांग की आग.. अब तक के अपडेट्स

  • हांगकांग के अग्निशमन विभाग (फायर डिपार्टमेंट) ने जानकारी दी कि गुरुवार सुबह मृतकों की संख्या बढ़कर 44 हो गई है.
  • मरने वालों में एक फायर फाइटर भी शामिल है. सहकर्मियों से संपर्क टूटने के आधे घंटे बाद उसका जला हुआ शव मिला था.
  • हांगकांग के नेता जॉन ली ने गुरुवार तड़के कहा कि 279 लोगों का पता नहीं चल पाया है.
  • पुलिस ने कहा कि गुरुवार तड़के उन्होंने आग के सिलसिले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया है.
  • चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने पीड़ितों के प्रति संवेदना व्यक्त की, जिसमें ड्यूटी के दौरान मारे गए फायर फाइटर भी शामिल हैं.

कैसे लगी यह भीषण आग?

उत्तरी ताई पो जिले में आग लगने का कारण तुरंत पता नहीं चल पाया है. लेकिन इसे फैलाने की वजह साफ होती दिख रही है. माना जा रहा है कि आग को बिल्डिंग बनाने के लिए लगाए गए बांस के मचान ने भड़काया है. बांस का मचान पारंपरिक चीनी वास्तुकला का मुख्य आधार है, लेकिन सुरक्षा कारणों से मार्च से हांगकांग में इसे चरणबद्ध तरीके से बंद कर दिया गया है. वैसे भारत के गांवों और शहरों में भी आपको यह बांस के मचान देखने को मिलते होंगे. मेनलैंड चीन में बिल्डिंग बनाने में सपोर्ट के रूप में बांस का उपयोग प्राचीन काल से होता आ रहा है, लेकिन अब वहां भी मचान अब मुख्य रूप से लोहा जैसे मेटल का बनने लगा है.

एएफपी की रिपोर्ट के अनुसार 65 वर्षीय यूएन ने कहा कि चूंकि अपार्टमेंट कैंपस का मेंटेनेंस का चल रहा था, इसलिए कई निवासियों ने अपनी खिड़कियां बंद रखीं - इसलिए उन्होंने फायर अलार्म नहीं सुना.

अधिकारियों को यह भी संदेह है कि साइट पर मौजूद कंस्ट्रक्शन वाले सामान जैसे सुरक्षात्मक जाल, कैनवास शीट और प्लास्टिक कवरिंग आवश्यक सुरक्षा मानकों को पूरा नहीं करती हैं.

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अधिकारियों ने जिन तीन लोगों को गिरफ्तार किया है उनमें से दो कंस्ट्रक्शन कंपनी के डॉयरेक्टर हैं और एक कंसल्टेंट है. CNN की रिपोर्ट के अनुसार पुलिस को कुछ अपार्टमेंटों में खिड़कियों को ब्लॉक करने वाले अत्यधिक ज्वलनशील पॉलीस्टाइन बोर्डों पर इस कंपनी का नाम मिला है. पुलिस ने इन तीनों पर "घोर लापरवाही" का आरोप लगाया है.

यह भी पढ़ें: आग की लपटों में घिरीं ऊंची इमारतें, चीखते-चिल्लाते लोग, हांगकांग हादसे में 44 की मौत, 3 गिरफ्तार

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(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
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