गन में लाइट, बैलिस्टिक वेस्ट... ट्रंप की सीक्रेट सर्विस के पास कैसे-कैसे अजूबे हथियार

यूएस सीक्रेट सर्विस की काउंटर असॉल्ट टीम (CAT) में सबसे फिट, स्‍मार्ट और तेज एजेंट्स को शामिल किया जाता है, जो हर मुश्किल हालात के लिए तैयार रहते हैं. इन्‍हें हर लेटेस्‍ट हथियार की ट्रेनिंग दी जाती है.

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  • US सीक्रेट सर्विस टीम के जवानों ने वॉशिंगटन के हिल्टन होटल में हमलावर को सफलतापूर्वक काबू कर लिया
  • एजेंटों के पास 9mm Glock पिस्तौल, FN P90 सबमशीन गन, M4A1 राइफल और रेमिंगटन शॉटगन जैसे आधुनिक हथियार होते हैं
  • एजेंटों को फायरिंग, हैंड-टू-हैंड कॉम्बैट, इमरजेंसी ड्राइविंग और भीड़ में खतरा पहचानने की प्रशिक्षण दी जाती है
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नई दिल्‍ली:

वॉशिंगटन डीसी के हिल्टन होटल में हुए हमले के बाद जब राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप मीडिया से रूबरू हुए, तो उन्‍होंने यूएस सीक्रेट सर्विस की काउंटर असॉल्ट टीम (CAT) के जवानों की जमकर तारीफ की. ट्रंप ने बताया कि सीक्रेट सर्विस के जवानों की मुस्तैदी की वजह से किसी बड़ी अनहोनी को टाल दिया गया, जिन्‍होंने 50 गज पहले ही हमलावर को काबू में कर लिया. हमलावर ने 6 राउंड फायरिंग की, जिनमें एक सीक्रेट सर्विस के जवान को भी लगी. हालांकि, बुलैटपुफ्र जैकेट की वजह से उनकी जान बच गई. आइए आपको बताते हैं कि अमेरिकी सीक्रेट सर्विस के जवानों के पास कौन-कौन से हथियार होते हैं, जिससे वह हर स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहते हैं. 

राष्ट्रपति ट्रंप के आसपास काले कपड़ों और सनग्लास पहने जो एजेंट दिखते हैं, वही होते हैं- अमेरिकी सीक्रेट सर्विस के एजेंट. इन्‍हीं पर अमेरिका के राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, उनके परिवार और पूर्व राष्ट्रपतियों की 24x7 सुरक्षा करने का जिम्‍मा होता है. सीक्रेट सर्विस के जवानों को फायरिंग, हैंड-टू-हैंड कॉम्बैट, इमरजेंसी ड्राइविंग, भीड़ में खतरा पहचानना सब सिखाया जाता है. इसलिए इन्हें 'स्‍पेशल एजेंट' कहा जाता है.

Photo Credit: AFP

अमेरिकी सीक्रेट सर्विस के जवानों के पास होते हैं ये हथियार 

सीक्रेट सर्विस के जवानों को देश और विदेश के वीवीआईपी लोगों की सुरक्षा का जिम्‍मा होता है, इसलिए इन एजेंट्स पास सभी लेटेस्‍ट हथियार होते हैं. ये एजेंट्स बुरी से बुरी स्थिति के लिए भी तैयार रहते हैं. 

  • साइडआर्म के तौर पर एजेंट आमतौर पर 9mm Glock 19 या Glock 47 पिस्तौल रखते हैं.
  • काउंटर-असाल्ट टीमें करीब से सुरक्षा के लिए FN P90 सबमशीन गन जैसे घातक हथियारों का इस्तेमाल करती हैं. इनका उपयोग ऐसी स्थितियों में होता है जहां सुरक्षा घेरा तोड़ने की कोशिश की जाती है.
  • होटल जैसी जगहों पर जहां भीड़ अधिक होती है, वहां तैनात टीमें M4A1 राइफल और रेमिंगटन 870 शॉटगन जैसे हथियारों के साथ मुस्तैद रहती हैं. इसके से तेज रोशनी निकलती है, जिससे हमलावर चौंधिया जाता है. 
  • इसके अलावा, एजेंट गुप्त रूप से छोटे हथियारों को अपने कपड़ों में छिपाकर रखते हैं, ताकि जरूरत पड़ने पर वे बिना किसी को डराए प्रतिक्रिया दे सकें. 
  • एजेंटों के शरीर पर हाई क्‍वालिटी वाले बैलिस्टिक वेस्ट होते हैं, जो किसी भी गोली के हमले को झेलने में सक्षम हैं. 
  • हर एजेंट के पास इमरजेंसी मेडिकल ट्रॉमा किट होती है, ताकि किसी हमले की स्थिति में तुरंत प्राथमिक उपचार दिया जा सके. 
  • नॉन-लीथल विकल्प के तौर पर उनके पास केमिकल स्प्रे और बैटन भी रहते हैं.

अमेरिकी सीक्रेट सर्विस के जवानों की ट्रेनिंग और सेलेक्शन 

अमेरिकी सीक्रेट सर्विस (USSS) के "स्पेशल एजेंट" बनना बेहद कठिन प्रक्रिया है. राष्ट्रपति समेत VVIP की सुरक्षा की जिम्मेदारी के कारण एजेंसी सिर्फ सर्वश्रेष्ठ लोगों को चुनती है. ये लोग सबसे फिट, स्‍मार्ट और तेज होते हैं. चुने गए एजेंट्स को दो चरणों में ट्रेनिंग दी जाती है. पहला चरण जॉर्जिया के FLETC सेंटर में 12 हफ्ते का होता है. यहां कानून, वित्तीय अपराध जांच, फायरिंग, इमरजेंसी ड्राइविंग और हैंड-टू-हैंड कॉम्बैट सिखाया जाता है. दूसरा चरण मैरीलैंड के जेम्स जे. राउली ट्रेनिंग सेंटर में 16 हफ्ते का है. यह स्पेशल प्रोटेक्टिव ट्रेनिंग होती है. एजेंट्स को वीआईपी फॉर्मेशन, खतरे की पहचान, साइट एडवांस, भीड़ नियंत्रण और इमरजेंसी मेडिकल सहायता की ट्रेनिंग दी जाती है. 

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