भिखारियों का एक्सपोर्टर बना पाकिस्तान! रक्षा मंत्री ने खुद माना, नकली भिखारी कैसे भद्द पिटवा रहे

रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने बताया कि पाकिस्तान में भिखारियों के ठेकेदार बाकायदा महिलाओं, बच्चों और नकली दिव्यांगों की भर्ती करते हैं और उन्हें हजारों की संख्या में खाड़ी देशों में एक्सपोर्ट कर देते हैं.

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  • रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने माना कि भिखारी माफिया के कारण खाड़ी देश पाकिस्तानियों को वीजा नहीं दे रहे हैं
  • भीख मांगना वहां मजबूरी नहीं बल्कि संगठित पेशा बन चुका है, जिसमें महिला, बच्चे और नकली दिव्यांग शामिल हैं
  • माफिया हजारों भिखारियों को खाड़ी देश भेजते हैं, जिसमें एयरपोर्ट स्टाफ, प्रशासन और पुलिस की मिलीभगत है
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कंगाल पाकिस्तान के भिखारी किस तरह दुनिया में उसकी भद्द पिटवा रहे हैं, इसका कबूलनामा खुद रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने किया है. उन्होंने माना है कि भिखारी माफिया की हरकतों के कारण खाड़ी देशों ने पाकिस्तानियों को वीजा देना बंद कर दिया है. ये माफिया संगठित तरीके से खाड़ी देशों में भिखारियों को एक्सपोर्ट कर रहे हैं. 

भीख मांगना मजबूरी नहीं, पेशा

आसिफ ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा करते हुए कहा कि पाकिस्तान में भीख मांगना अब मजबूरी नहीं बल्कि संगठित पेशा बन चुका है. उन्होंने खुलासा किया कि भिखारियों के ठेकेदार बाकायदा महिलाओं, बच्चों और नकली दिव्यांगों की भर्ती करते हैं और उन्हें हजारों की संख्या में खाड़ी देशों में एक्सपोर्ट कर देते हैं. खलीज टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, रक्षा मंत्री ने माना कि इसी वजह से खाड़ी देशों ने अब पाकिस्तानी नागरिकों को वीजा देना बंद कर दिया है.

ख्वाजा आसिफ ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया, जिसमें दिखाया गया है कि किस तरह पाकिस्तान के भिखारी मोटी कमाई कर रहे हैं और फैसलाबाद जैसे शहरों में भिखारी परिवारों ने आलीशान कोठियां तक बना ली हैं. 

भीख मांग-मांगकर बनाई कोठी

वीडियो में एक पाकिस्तानी व्यक्ति एक भिखारी बच्चे से बात करता दिख रहा है, जिससे पता चला कि किस तरह पूरे के पूरे परिवार मिलकर भीख मांगने के काम में जुटे हुए हैं. जब बच्चे से उसकी कमाई पूछी तो उसने बताया कि वह और उसके तीन भाई मिलकर रोजाना औसतन 12 हजार पाकिस्तानी रुपये कमा लेते हैं. उस बच्चे ने ये भी बताया कि उसका भाई विकलांग नहीं है बल्कि विकलांग होने का नाटक करता है. इस कमाई से उनके परिवार ने फैसलाबाद में एक घर भी खरीदा है.

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कर्मचारियों की मिलीभगत

रक्षा मंत्री ने आगे बताया कि ये माफिया हजारों की संख्या में भिखारियों को खाड़ी देशों में भेज रहा है. इस स्थिति से तंग आकर ही सऊदी अरब और यूएई जैसे देशों ने सख्त कदम उठाए हैं. उन्होंने माना कि इस गोरखधंधे में एयरपोर्ट स्टाफ, स्थानीय प्रशासन और पुलिस की मिलीभगत है. उनके बिना ऐसा करना संभव नहीं है.

पाकिस्तान के प्रवासी मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, 2019 से 2025 के बीच भीख मांगने समेत अन्य आरोपों में 7,800 से अधिक पाकिस्तानियों को विदेश से वापस भेजा जा चुका है. हालात की गंभीरता को देखते हुए पाकिस्तान ने 2025 में डिपोर्ट किए गए लोगों के पासपोर्ट रद्द करना भी शुरू कर दिया था.

खाड़ी देशों ने वीजा पर बैन लगाया 

दिसंबर 2024 में यूएई, सऊदी अरब और कई अन्य खाड़ी देशों ने पाकिस्तान के कम से कम 30 शहरों के लोगों के लिए वीजा पर अनिश्चितकालीन बैन लगा दिया था. यह फैसला भीख मांगने, तस्करी, नशीली दवाओं के व्यापार और अन्य आपराधिक गतिविधियों में पाकिस्तानी नागरिकों की बढ़ती संलिप्तता के बाद लिया गया था.

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