- वर्ष 2025 में विश्व का कुल सैन्य खर्च 2,887 अरब डॉलर पहुंच गया, जो पिछले साल से 2.9 प्रतिशत अधिक है
- चीन ने लगातार 31वें वर्ष सैन्य खर्च बढ़ाया और इसे 7.4 प्रतिशत बढ़ाकर 336 अरब डॉलर कर दिया है
- रूस और यूक्रेन के युद्ध के कारण दोनों देशों ने सैन्य खर्च बढ़ाया, रूस का खर्च 190 अरब डॉलर हुआ
Global military spending Data: दुनिया में शांति की बात तो हर देश करता है, लेकिन असल में हर देश अपनी सेना को और मजबूत बनाने में लगा है. साल 2025 में दुनिया भर में सेना पर खर्च रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया. बड़े देश जैसे अमेरिका, चीन और रूस सबसे ज्यादा पैसा खर्च कर रहे हैं, जबकि यूरोप और एशिया में भी तेजी से खर्च बढ़ा है. सोमवार को स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट यानी SIPRI ने नए आंकड़े जारी किए. इसके अनुसार, 2025 में दुनिया का कुल सैन्य खर्च 2,887 अरब डॉलर तक पहुंच गया. यह 2024 के मुकाबले असली रूप में 2.9 प्रतिशत ज्यादा है. अमेरिकी महाद्वीप में सैन्य खर्च कम हुआ, लेकिन यूरोप में 14 प्रतिशत और एशिया व ओशिनिया में 8.1 प्रतिशत बढ़ गया.
दुनिया के तीन सबसे बड़े खर्च करने वाले देश- अमेरिका, चीन और रूस- ने मिलकर 1,480 अरब डॉलर खर्च किए, जो दुनिया के कुल खर्च का 51 प्रतिशत है.
अमेरिका
अमेरिका ने साल 2025 में सेना पर कुल 954 अरब डॉलर खर्च किए, जो 2024 से 7.5 प्रतिशत कम है. इसका मुख्य कारण यह है कि ट्रंप सरकार ने यूक्रेन को नई सैन्य मदद मंजूर नहीं की. लेकिन पिछले तीन साल में अमेरिकी सरकार ने यूक्रेन को 127 अरब डॉलर देने का वादा किया था. हालांकि सैन्य खर्च में यह जो गिरावट है, वह ज्यादा समय तक नहीं रहेगी, क्योंकि अमेरिकी संसद ने 2026 के लिए 1 ट्रिलियन डॉलर से ज्यादा खर्च मंजूर किया है. अगर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का बजट पास हो जाता है, तो 2027 में यह 1.5 ट्रिलियन डॉलर तक जा सकता है.
चीन
दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा खर्च करने वाला देश चीन है. उसने 2025 में अपना सैन्य खर्च 7.4 प्रतिशत बढ़ाकर 336 अरब डॉलर कर दिया. यह लगातार 31वां साल है जब चीन ने अपना सैन्य खर्च बढ़ाया है, क्योंकि वह अपनी सेना को आधुनिक बना रहा है.
रूस
रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध के कारण दोनों देशों ने सैन्य खर्च बढ़ाया है. रूस का खर्च 5.9 प्रतिशत बढ़कर 190 अरब डॉलर हो गया, जो उसके GDP का 7.5 प्रतिशत है. वहीं यूक्रेन ने अपना खर्च 20 प्रतिशत बढ़ाकर 84.1 अरब डॉलर कर दिया, जो उसके GDP का 40 प्रतिशत है.
जर्मनी
जर्मनी सेना पर चौथा सबसे बड़ा खर्च करने वाला देश है. उसने 2025 में अपना सैन्य खर्च 24 प्रतिशत बढ़ाकर 114 अरब डॉलर कर दिया.
भारत
भारत 2025 में दुनिया का पांचवां सबसे बड़ा सैन्य खर्च करने वाला देश रहा. भारत ने अपना सैन्य खर्च 8.9 प्रतिशत बढ़ाकर 92.1 अरब डॉलर कर दिया.
पाकिस्तान
पाकिस्तान का सैन्य खर्च 11 प्रतिशत बढ़कर 11.9 अरब डॉलर हो गया. अगर पूरे एशिया और ओशिनिया क्षेत्र में की बात करें तो कुल खर्च 681 अरब डॉलर पहुंच गया, जो 2024 से 8.5 प्रतिशत ज्यादा है. यह 2009 के बाद सबसे बड़ी बढ़ोतरी है.
ईरान-इजरायल
मिडिल ईस्ट में तनाव बने रहने के बावजूद, वहां पिछले साल यानी 2025 में सैन्य खर्च सिर्फ 0.1 प्रतिशत बढ़कर 218 अरब डॉलर हुआ. ज्यादातर देशों ने खर्च बढ़ाया, लेकिन इजरायल और ईरान में कमी आई. ईरान का खर्च 5.6 प्रतिशत घटकर 7.4 अरब डॉलर हो गया, लेकिन इसका कारण 42 प्रतिशत की बहुत ज्यादा महंगाई है. असल में खर्च बढ़ा ही है. वहीं इजरायल का खर्च 4.9 प्रतिशत घटकर 48.3 अरब डॉलर हो गया. यह गाजा युद्ध की तीव्रता कम होने के कारण हुआ, क्योंकि जनवरी 2025 में सीजफायर समझौता हुआ था.













