- एलन मस्क ने SpaceX और xAI के विलय की घोषणा की, जिससे संयुक्त कंपनी का मूल्य 1.25 ट्रिलियन डॉलर आंका गया है
- विलय के बाद अंतरिक्ष में AI कंप्यूटिंग क्षमता बढ़ाने के लिए बड़े पैमाने पर सैटेलाइट लॉन्च किए जाएंगे
- अंतरिक्ष में लगातार सूरज की ऊर्जा उपलब्ध होने से AI कंप्यूटिंग की लागत धरती की तुलना में बहुत कम होगी
एलन मस्क ने मंगलवार को SpaceX और xAI के विलय की घोषणा की तो अमेरिका के स्पेस स्टॉक्स में काफी उछाल देखने को मिला. इस मर्जर से मस्क की संयुक्त कंपनी का मूल्य 1.25 ट्रिलियन डॉलर आंका गया है. इसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के धरती के बाहर बुनियादी ढांचे के विस्तार की दिशा में यह एक बड़ा कदम है. मर्जर के बाद मस्क ने कहा कि दो से तीन सालों में अंतरिक्ष में AI कंप्यूटिंग उत्पन्न करने का सबसे सस्ता तरीका होगा, क्योंकि बड़ी टेक कंपनियां आर्टिफिशियल जनरल इंटेलिजेंस की दिशा में काम कर रही हैं. इससे मशीनें मानव की सोच को पार कर काम कर सकती हैं.
क्या अंतरिक्ष ही भविष्य
एलन मस्क ने कहा है कि उनकी एयरोस्पेस कंपनी स्पेसएक्स ने उनके एआई स्टार्टअप एक्सएआई का अधिग्रहण कर लिया है. इसके साथ ही उन्होंने अंतरिक्ष में एआई की कंप्यूटिंग क्षमता बढ़ाने की योजना भी बताई है. इस योजना के तहत बड़ी संख्या में सैटेलाइट्स लॉन्च किए जाएंगे, जो स्पेस में डेटा सेंटर की तरह काम करेंगे. एलन मस्क ने एक बयान में कहा कि अगर हर साल 10 लाख टन सैटेलाइट लॉन्च किए जाएं और हर टन से कुछ किलोवाट कंप्यूटिंग पावर मिले, तो हर साल करीब 100 गीगावाट एआई कंप्यूटिंग क्षमता जोड़ी जा सकती है. खास बात यह है कि इन सैटेलाइट्स को चलाने और उनकी देखरेख के लिए अलग से खर्च नहीं करना पड़ेगा. भविष्य में धरती से हर साल 1 टेरावॉट तक की क्षमता अंतरिक्ष में भेजने का रास्ता भी संभव है.
अंतरिक्ष में जाने की क्यों जरूरत
स्पेसएक्स के संस्थापक ने कहा कि उन्नत एआई को चलाने के लिए बहुत ज्यादा बिजली की जरूरत होती है और लंबे समय में इसका सबसे अच्छा समाधान स्पेस-बेस्ड एआई ही है. उन्होंने बताया कि अंतरिक्ष में सूरज की रोशनी लगभग लगातार मिलती रहती है, जिससे धरती पर बने डेटा सेंटर की तुलना में बहुत कम खर्च में कंप्यूटिंग पावर मिल सकती है. इस तरह की कम लागत वाली कंप्यूटिंग से कंपनियां अपने एआई मॉडल को पहले से कहीं ज्यादा तेज और बड़े स्तर पर ट्रेन कर पाएंगी और डेटा प्रोसेसिंग भी बहुत तेजी से हो सकेगी. अगर हम सूरज की ऊर्जा का सिर्फ दस लाखवां हिस्सा भी इस्तेमाल करना चाहें तो वह हमारी मौजूदा सभ्यता की जरूरत से दस लाख गुना ज्यादा ऊर्जा होगी. इसलिए ऐसे भारी संसाधन वाले कामों को धरती से बाहर यानी अंतरिक्ष में ले जाना ही सबसे सही समाधान है.
अंतरिक्ष आना-जाना होगा आसान
मस्क ने बताया कि आज एआई की तरक्की बड़े-बड़े डेटा सेंटर पर निर्भर है, जिन्हें बहुत ज्यादा बिजली और शीतलन (कूलिंग) चाहिए, जो धरती पर एक बड़ी चुनौती बनती जा रही है. उन्होंने चेतावनी दी कि एआई के लिए बढ़ती बिजली की जरूरत को सिर्फ धरती पर मौजूद साधनों से पूरा करना मुश्किल है. ऐसा करने से लोगों और पर्यावरण पर बुरा असर पड़ सकता है.
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स्पेसएक्स का स्टारशिप रॉकेट 2026 में कहीं अधिक शक्तिशाली वी3 स्टारलिंक सैटेलाइट्स को अंतरिक्ष में भेजना शुरू करेगा. हर लॉन्च से मौजूदा सैटेलाइट्स की तुलना में 20 गुना ज्यादा क्षमता जुड़ेगी. एलन मस्क ने बताया कि भविष्य में हर घंटे 200 टन वजन लेकर उड़ान भरने की योजना है, जिससे लाखों टन सामान अंतरिक्ष में पहुंचाया जा सकेगा. इसके साथ ही अगली पीढ़ी के डायरेक्ट-टू-मोबाइल सैटेलाइट्स भी लॉन्च किए जाएंगे, जो धरती के हर कोने में मोबाइल नेटवर्क उपलब्ध कराएंगे.
मार्केट मस्क के साथ
मस्क की कंपनियों के मर्जर से रॉकेट लैब और प्लैनेट लैब्स के शेयरों में प्री-मार्केट ट्रेडिंग में लगभग 3% की वृद्धि हुई, जबकि एएसटी स्पेसमोबाइल और ग्लोबलस्टार के शेयरों में 2.4% और 1.3% की वृद्धि दर्ज की गई. इंट्यूटिव मशीन्स के शेयरों में 2.1% और रेडवायर के शेयरों में 4.9% की वृद्धि हुई. संदेश साफ है कि मस्क की सोच को मार्केट सपोर्ट कर रहा है और उसे संभावनाएं दिख रही हैं.
मस्क ने सोमवार को कहा कि कंपनियों के मर्जर का उद्देश्य एआई, रॉकेट टेक्नोलॉजी, अंतरिक्ष-आधारित इंटरनेट सेवाओं, डायरेक्ट-टू-मोबाइल संचार और रियल टाइम जानकारी को मिलाकर एक एकीकृत और महत्वाकांक्षी इनोवेशन सेंटर बनाना है. एजे बेल के निवेश निदेशक रस्स मोल्ड ने कहा, “अन्य लोग भी मस्क के ब्रह्मांड में डेटा सेंटर बनाने के विशाल सपने में दिलचस्पी दिखा सकते हैं, और इससे अब तक के सबसे बड़े आईपीओ से पहले लोगों की उत्सुकता और बढ़ सकती है.”
इससे रक्षा संबंधी सैटेलाइट सिस्टम पर सरकारी खर्च और लॉन्च कैपेसिटी पर निजी क्षेत्र के निवेश के चलते इस वर्ष अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी में वैश्विक निवेश में और वृद्धि होने की संभावना है. यह जानकारी पिछले महीने निवेश फर्म सेराफिम स्पेस ने दी थी. सेराफिम स्पेस के सीईओ मार्क बोगेट ने कहा, "यह इस बात का सबसे पुख्ता प्रमाण है कि अंतरिक्ष AI की अगली लहर की रीढ़ बनेगा."
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