- अमेरिका ने ईरान के साथ जारी सीजफायर में बिना ईरानी सलाह के ट्रंप प्रशासन ने एकतरफा बढ़ाया है
- ईरानी संसद के सलाहकारों ने ट्रंप के सीजफायर बढ़ाने को बेमतलब और नुकसानदायक बताया है
- ईरान के सैन्य प्रवक्ता ने कहा कि हमला होने पर उनकी सेनाएं तय लक्ष्यों पर कड़ा जवाब देंगी
US-Iran Ceasefire: अमेरिका ने ईरान के साथ सीजफायर को बढ़ा दिया है. ये सीजफायर बिना ईरान की सलाह के ट्रंप प्रशासन ने खुद ही बढ़ाया है. इस युद्धविराम की मियाद को बढ़ाने को लेकर ईरान ने बेमतलब कहा है. ट्रंप प्रशासन की ओर से कहा गया है कि जबतक दूसरे प्रशासन की ओर से कोई प्रस्ताव नहीं आता तब तक सीजफायर अमल में रहेगा. ईरानी संसद के स्पीकर के सलाहकार ने सीजफायर की मियाद बढ़ाने पर कहा, "ट्रंप के सीज़फ़ायर बढ़ाने का कोई मतलब नहीं है."
इस्लामाबाद में ईरान और US के बीच बातचीत के पहले राउंड में डेलीगेशन का हिस्सा रहे ईरान के संसद सदस्य महमूद नबावियन ने X पर कहा है कि अब तक US के साथ बातचीत करना पूरी तरह से नुकसानदायक और बेमतलब है.
इसके अलावा, ईरान का टॉप मिलिट्री कमांड खतम अल-अनबिया हेडक्वार्टर के प्रवक्ता ने चेतावनी दी है कि ईरान पर हमला होने पर, हमारी सेनाएं पहले से तय टारगेट पर हमला करेंगी, जिससे US और इजरायल को एक और और भी कड़ा सबक मिलेगा."
ट्रंप क्या बोले?
ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रूथ सोशल पर पोस्ट कर लिखा, "ईरान की सरकार की कमर टूट गई है, जो कोई नई बात नहीं है और फील्ड मार्शल असीम मुनीर और पाकिस्तान के प्राइम मिनिस्टर शहबाज शरीफ के कहने पर, हमसे कहा गया है कि हम ईरान देश पर अपना हमला तब तक रोक दें जब तक उनके लीडर और रिप्रेजेंटेटिव एक साथ कोई प्रपोज़ल नहीं ला देते. इसलिए मैंने अपनी मिलिट्री को ब्लॉकेड जारी रखने और बाकी सभी मामलों में तैयार रहने का निर्देश दिया है और इसलिए सीजफायर को तब तक बढ़ाएंगे जब तक उनका प्रपोजल जमा नहीं हो जाता और बातचीत किसी न किसी तरह खत्म नहीं हो जाती."
एक दूसरे पोस्ट में ट्रंप ने लिखा, "ईरान होर्मुज स्ट्रेट को बंद नहीं करना चाहता, वे इसे खोलना चाहते हैं ताकि वे हर दिन $500 मिलियन डॉलर कमा सकें (इसलिए, अगर यह बंद हो जाता है तो उन्हें इतना ही नुकसान होगा!). वे सिर्फ इसलिए कह रहे हैं कि वे इसे बंद करना चाहते हैं क्योंकि मैंने इसे पूरी तरह से ब्लॉक कर दिया है, इसलिए वे सिर्फ 'अपनी इज़्जत बचाना' चाहते हैं. चार दिन पहले लोग मेरे पास आए और कहा, "सर, ईरान स्ट्रेट को तुरंत खोलना चाहता है." लेकिन अगर हम ऐसा करते हैं, तो ईरान के साथ कभी कोई डील नहीं हो सकती, जब तक कि हम उनके बाकी देश को, उनके नेताओं को भी, उड़ा न दें."
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