- अमेरिका के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने सेना के चीफ ऑफ स्टाफ जनरल रैंडी जॉर्ज को पद छोड़ने को कहा है.
- जॉर्ज को अगस्त 2023 में सेना प्रमुख का पद मिला था और उन्हें समय से पहले सेवानिवृत्ति लेने के लिए कहा गया है.
- हेगसेथ ने एक दर्जन से अधिक शीर्ष सैन्य अधिकारियों को बर्खास्त या सेवानिवृत्ति लेने के लिए मजबूर किया है.
ईरान के साथ चल रहे युद्ध के बीच अमेरिका की सैन्य व्यवस्था में बड़ा और चौंकाने वाला बदलाव सामने आया है. अमेरिकी सेना के चीफ ऑफ स्टाफ जनरल रैंडी जॉर्ज ने रक्षा सचिव पीट हेगसेथ के कहने पर तत्काल प्रभाव से पद छोड़ दिया और रिटायर हो गए. उनके साथ ही दो अन्य शीर्ष सैन्य अधिकारियों को भी उनके पद से हटाया गया है. यह फैसला ऐसे समय लिया गया है, जब अमेरिका पश्चिम एशिया में गंभीर सैन्य टकराव में उलझा हुआ है और वैश्विक स्तर पर हालात बेहद संवेदनशील बने हुए हैं. रक्षा मंत्रालय से जुड़े इस घटनाक्रम ने अमेरिकी राजनीति और सैन्य नेतृत्व में हलचल तेज कर दी है.
अमेरिकी सेना और रक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने साफ किया है कि हेगसेथ ने जॉर्ज को पद छोड़ने के लिए कहा था. उनकी जगह सेना के वाइस चीफ ऑफ स्टाफ जनरल क्रिस्टोफर लानेव ने ली है, जो सीनेट द्वारा नए चीफ ऑफ स्टाफ बनाए जाने तक कार्यवाहक चीफ के रूप में कार्य करेंगे.
पेंटागन प्रवक्ता ने अपने बयान में क्या कहा?
पेंटागन के प्रवक्ता शॉन पार्नेल ने एक बयान में कहा कि जनरल रैंडी ए. जॉर्ज तत्काल प्रभाव से सेना के 41वें चीफ ऑफ स्टाफ के पद से रिटायर हो रहे हैं. रक्षा विभाग जनरल जॉर्ज द्वारा राष्ट्र के लिए दशकों तक की गई सेवा के लिए उनका आभारी है. हम उनके रिटायरमेंट के बाद के जीवन के लिए उन्हें शुभकामनाएं देते हैं.
दो और शीर्ष अधिकारियों को हटाया
अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने अमेरिकी सेना के चीफ ऑफ स्टाफ के साथ ही दो और सैन्य अधिकारियों को उनके पदों से हटा दिया है. इनमें ट्रांसफोर्मेशन एंड ट्रेनिंग कमांड के जनरल डेविड होडने और चैपलिन कोर के प्रमुख मेजर जनरल विलियम ग्रीन जूनियर शामिल हैं.
पिछले साल पदभार संभालने के बाद से हेगसेथ ने करीब एक दर्जन शीर्ष जनरलों और एडमिरलों को बर्खास्त किया है. जॉर्ज को पद से हटाने के लिए कहना इसमें सबसे नया है.
इराक और अफगानिस्तान युद्ध का अनुभव
जॉर्ज ने यह पद सितंबर 2023 में संभाला था. उनका कार्यकाल आमतौर पर चार साल का होता है और उनका कार्यकाल फिलहाल करीब डेढ़ साल शेष था. उनके हटाए जाने से वे हेगसेथ के पदभार संभालने के बाद पद छोड़ने वाले सबसे नए वरिष्ठ सैन्य अधिकारी बन गए हैं.
जॉर्ज वेस्ट प्वाइंट मिलिट्री एकेडमी से स्नातक हैं और एक इंफेंट्री ऑफिसर हैं, जिन्होंने प्रथम खाड़ी युद्ध के साथ इराक और अफगानिस्तान में भी सेवा दी हैं. उन्होंने बाइडन प्रशासन के दौरान 2021 से 2022 तक अमेरिका के रक्षा मंत्री लॉयड ऑस्टिन के शीर्ष सैन्य सलाहकार के रूप में भी कार्य किया, जिसके बाद उन्होंने सेना में शीर्ष नेतृत्व की भूमिका संभाली.
जॉर्ज पिछली फरवरी में हुई शुरुआती बर्खास्तगी से बच गए थे, जिसमें हेगसेथ ने नौसेना की शीर्ष अधिकारी एडमिरल लिसा फ्रैंचेटी और वायु सेना के दूसरे सबसे बड़े अधिकारी जनरल जिम सिल्फे सहित कई शीर्ष सैन्य अधिकारियों को पद से हटा दिया था. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उसी समय ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के तत्कालीन चेयरमैन जनरल चार्ल्स सीक्यू ब्राउन को भी बर्खास्त कर दिया था.
एक दर्जन सैन्य जनरलों और एडमिरलों पर गाज
राष्ट्रपति ट्रंप के इस निर्णय के बाद एक दर्जन से अधिक अन्य शीर्ष सैन्य जनरलों और एडमिरलों ने या तो समय से पहले सेवानिवृत्ति ले ली है या उन्हें पद से हटा दिया गया है. इनमें जॉर्ज के डिप्टी सेना के वाइस चीफ ऑफ स्टाफ जनरल जेम्स मिंगस भी शामिल थे, जो दो साल से भी कम समय तक इस पद पर रहे थे. ट्रंप ने अचानक लेफ्टिनेंट जनरल क्रिस्टोफर लानेव को इस पद के लिए नॉमिनेट कर दिया. लानेव उस समय हेगसेथ के शीर्ष सैन्य सलाहकार के रूप में कार्यरत थे, जिन्हें दक्षिण कोरिया में आठवीं सेना की कमान संभालने के एक साल से भी कम समय के बाद इस पद पर नियुक्त किया गया था.














