- चीन ने 1991 के बाद सबसे कम आर्थिक विकास लक्ष्य तय करते हुए 2026 के लिए 4-5 प्रतिशत वृद्धि का लक्ष्य रखा है
- चीन ने ताइवान पर कट्टर रुख अपनाते हुए अलगाववादी ताकतों के खिलाफ सख्त लड़ाई लड़ने का संकल्प जताया है
- 2030 तक पंचवर्षीय योजना में अमेरिका से मुकाबले के लिए AI और तकनीक में आत्मनिर्भरता बढ़ाने पर जोर दिया गया है
चीन ने बृहस्पतिवार को अपने वार्षिक राष्ट्रीय सम्मेलन के उद्घाटन के अवसर पर 1991 के बाद से अपना सबसे कम आर्थिक विकास लक्ष्य (Economic Growth Target) तय किया है. कुछ अर्थशास्त्रियों ने इसे घरेलू अर्थव्यवस्था की कमजोरी के चलते व्यावहारिक बताया है, तो वहीं कुछ ने चीन की इकोनॉमी को ढलता सूरज बताया है. बीजिंग ने 2030 तक की अपनी पंचवर्षीय योजना का पूरा मसौदा भी जारी किया, जिसमें आर्थिक और राजनीतिक नीतिगत प्राथमिकताओं की रूपरेखा दी गई है. अमेरिका के साथ चीन की बढ़ती प्रतिद्वंद्विता के मद्देनजर AI, रोबोटिक्स और अन्य उन्नत प्रौद्योगिकियों जैसे क्षेत्रों में आत्मनिर्भरता बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया है.
- सप्ताह भर चलने वाले इस सम्मेलन में आगामी दिनों में पंचवर्षीय योजना को मंजूरी मिलने की उम्मीद है. चीनी प्रधानमंत्री ली कियांग द्वारा सम्मेलन में प्रस्तुत वार्षिक सरकारी कार्य रिपोर्ट और चीन की अगली पंचवर्षीय योजना के मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:
- ली ने 2026 के लिए 4.5% से 5% का आर्थिक विकास लक्ष्य घोषित किया - जो 1991 के बाद से सबसे कम लक्ष्य है - और 2023 से 2025 के बीच निर्धारित आधिकारिक "लगभग 5%" लक्ष्य के बाद यह पहली बार लक्ष्य में कमी है.
- ताइवान पर ली ने इस बात पर जोर दिया कि बीजिंग अलगाववादी ताकतों के खिलाफ "दृढ़ता से लड़ेगा". "लड़ेंगे" शब्द का चुनाव पिछले साल के "दृढ़ता से विरोध करेंगे" की तुलना में अधिक कठोर है. ये संकेत दे रहा है कि चीन अब आक्रामक हो रहा है.
- 2030 तक की अपनी पांच वर्षीय योजना के पूर्ण मसौदे में, चीनी नेताओं ने अमेरिका को टक्कर देने के लिए तकनीकी आत्मनिर्भरता हासिल करने की महत्वाकांक्षा व्यक्त की है. मसौदा योजना में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), रोबोटिक्स, सेमीकंडक्टर, बायोमेडिसिन, क्वांटम प्रौद्योगिकी और एयरोस्पेस सहित क्षेत्रों में प्रगति के लक्ष्य निर्धारित किए गए हैं.
- इनोवेशन में महत्वपूर्ण प्रगति सुनिश्चित करने के लिए, चीनी अधिकारियों ने रिसर्च पर राष्ट्रीय व्यय में कम से कम 7% की वार्षिक औसत वृद्धि का अनुमान लगाया है.
- चीनी नेताओं ने 2026 के लिए रक्षा बजट में 7% की वृद्धि का भी वादा किया है. यह लगभग 1.9 ट्रिलियन युआन (270 बिलियन डॉलर) तक पहुंच जाएगा. यह पिछले तीन वर्षों में लगभग 7.2% की वार्षिक वृद्धि से थोड़ा कम है. मतलब आर्थिक मोर्चे पर दिक्कतों के बाद भी चीन सैन्य ताकत बढ़ाने पर जोर देता रहेगा. अपने भाषण में ली ने कहा कि चीन को "सैन्य प्रशिक्षण और युद्ध तत्परता में ठोस प्रगति" हासिल करने की आवश्यकता है.
ये भी पढ़ेंः
मिडिल ईस्ट वॉर के बीच भारत ने खामेनेई के निधन पर जताया शोक, जयशंकर ने की विदेश मंत्री से बात
पाकिस्तान की चिंता है कि खत्म नहीं होती, अब भारत-कनाडा को लेकर हुआ चिंतित
ईरान पर हाथ डाल क्या ट्रंप कर गए भूल, रूस और चीन के हाथों में अब पूरा खेल?
ईरान-इजरायल-अमेरिका-रूस-यूक्रेन जंगों के बीच किम को युद्ध का इंतजार, अब क्रूज मिसाइलें दागीं













