काबुल में पाकिस्तान ने की ऐसी बर्बरता, उसका दोस्त चीन भी चुप ना रह सका

काबुल पर पाकिस्तानी सैन्य हमले के बाद चीन ने चिंता जताई है. चीन के विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तान और अफगानिस्तान से तत्काल युद्धविराम और बातचीत के जरिए समाधान निकालने की अपील की.

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  • पाकिस्तान ने जिस तरह के बर्बर हमले काबुल में किए, उस पर चीन ने भी चिंता व्यक्त की और युद्धविराम की अपील की
  • चीन ने पाकिस्तान और अफगानिस्तान से टकराव समाप्त करने के लिए सीधी बातचीत से समाधान निकालने का आग्रह किया
  • चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने दोनों पक्षों से संयम बरतने और संघर्ष विराम पर पहुंचने की उम्मीद जताई
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अफगानिस्तान के काबुल पर पाकिस्तानी सैन्य हमले के बाद हालात इतने गंभीर हो गए कि उसका करीबी दोस्त चीन भी चुप नहीं रह सका. इस बीच चीन के विदेश मंत्रालय ने इस हमले पर चिंता जताते हुए पाकिस्तान और अफगानिस्तान से तुरंत युद्धविराम और बातचीत के जरिए समाधान निकालने की अपील की है. पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच संघर्ष जारी रहने के बीच चीन ने दोनों पड़ोसी देशों से टकराव समाप्त करने के लिए सीधी बातचीत करने का आह्वान किया.

चीन ने पाकिस्तान की बर्बरता पर क्या कहा

चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लिन जियान ने कहा कि चीन को उम्मीद है कि दोनों पक्ष संयम बरतेंगे, जल्द ही संघर्ष विराम तक पहुचेंगे और बातचीत के माध्यम से अपने मतभेदों का समाधान करेंगे. उन्होंने दोनों देशों के बीच सीधी बातचीत पर जोर दिया. पिछले कुछ दिनों में पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच झड़पें तेज हो गईं. पिछले सप्ताह के अंत में, चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशहाक डार और अफगानिस्तान के विदेश मंत्री आमिर खान मुत्तकी से टेलीफोन पर बातचीत की थी और उनसे संघर्ष विराम पर बातचीत करने और संघर्ष समाप्त करने का आग्रह किया था.

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मध्यस्थता की कोशिशें जारी

चीन के विशेष दूत यू शियाओयोंग भी दोनों देशों के बीच मध्यस्थता करने के लिए इस्लामाबाद और काबुल के बीच लगातार यात्रा कर रहे हैं. चीन का पाकिस्तान और अफगानिस्तान के साथ त्रिपक्षीय संवाद तंत्र है. इससे पहले, सऊदी अरब, कतर और तुर्किये सहित कई अन्य देशों ने दोनों देशों के बीच मध्यस्थता करने की कोशिश की थी. लिन जियान ने इस बात पर ज़ोर दिया कि चीन अपने चैनलों के माध्यम से दोनों देशों के बीच तनाव कम करने और संबंधों को बेहतर बनाने में रचनात्मक भूमिका निभाता रहेगा.

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पाकिस्तान के काबुल में हवाई हमले

पाकिस्तान ने रात भर हवाई हमले कर काबुल और नंगरहार में अफगान तालिबान के ठिकानों को निशाना बनाया. इन हमलों में उनके सैन्य अड्डों तथा ‘आतंकी ढांचे' को नष्ट कर दिया गया. सूचना मंत्री अत्ताउल्ला तरार द्वारा सोमवार को साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, अब तक 684 अफगान तालिबान कार्यकर्ता मारे गए हैं और 912 अन्य घायल हुए हैं. उन्होंने बताया कि तालिबान की 252 चौकियां नष्ट कर दी गईं, जबकि 44 चौकियों पर कब्जा कर लिया गया और फिर उन्हें नष्ट कर दिया गया. उन्होंने बताया कि तालिबान शासन के 229 टैंक, बख्तरबंद वाहन और तोपें नष्ट कर दी गई हैं. सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के अनुसार, ये ताजा हमले 26 फरवरी से शुरू किए गए ऑपरेशन ‘गजब-लिल-हक' (इंसाफ के लिए गुस्सा) के तहत किए गए हैं.

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