वीडियो वायरल - एलेक्स जेफ्री के पास पिस्टल रखने का अधिकार था, पर अमेरिकी अधिकारियों ने गोलियों से भून दिया

वायरल वीडियो में करीब छह फेडरल एजेंट्स एलेक्स जेफ्री प्रेट्टी को जमीन पर गिराते हुए देखे जा सकते हैं और सड़क पर मौजूद लोग विरोध में सीटी बजा रहे थे. फिर क्या हुआ...

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  • मिनियापोलिस में एक शख्स की इमिग्रेशन अधिकारियों ने गोली मार कर हत्या कर दी. इस घटना का वीडियो वायरल हो गया है.
  • बाद में बताया गया कि उस शख्स के पास बंदूक कैरी करने का लाइसेंस था. गवर्नर टिम वाल्ज ने घटना का संज्ञान लिया है
  • गवर्नर टिम वाल्ज ने राष्ट्रपति ट्रंप से इस इमिग्रेशन अभियान को फौरन रोकने की मांग की है.
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अमेरिका के मिनियापोलिस शहर में इमिग्रेशन रेड के दौरान 37 वर्षीय नागरिक एलेक्स जेफ्री प्रेट्टी की गोली मारकर हत्या का मामला अब पूरे देश में गुस्से और बहस का कारण बन गया है. इसी बीच सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक नए वीडियो फुटेज ने इस घटना के बेहद डरावने और चौंकाने वाले पल सामने ला दिए हैं, जिससे सरकार और फेडरल एजेंसियों पर सवाल खड़े हो गए हैं.

वीडियो में देखा जा सकता है कि करीब छह फेडरल इमिग्रेशन अधिकारी प्रेट्टी को जमीन पर गिराकर दबोच लेते हैं, जबकि आसपास मौजूद लोग सीटी बजाकर और चिल्लाकर विरोध कर रहे होते हैं. एक महिला वीडियो बनाते हुए लगातार चीखती सुनाई देती है- What the f* is wrong with you?
एक तीन मिनट के वीडियो में, वो महिला अपने कैमरे पर इसे शूट करते हुए तेजी से बिगड़ती स्थिति पर बार-बार सदमें में चिल्ला रही हैं.

अचानक इस पूरे घटनाक्रम ने एक भयावह मोड़ लिया जब इमिग्रेशन अधिकारियों में से एक ने प्रेट्टी के पास मौजूद हथियार को छीनने की कोशिश की और अचानक दर्जनभर से ज्यादा गोलियां चल गईं. गोलियों की आवाज सुनते ही वीडियो रिकॉर्ड कर रही महिला घबराकर चिल्लाती है- यह तुमने क्या कर दिया?! कोई 911 पर कॉल करो!

वीडियो में प्रेट्टी जमीन पर बेसुध पड़ा दिखता है, जबकि अधिकारी कुछ दूरी पर हटकर भी उस पर बंदूक ताने रहते हैं. कुछ सेकंड बाद वे दोबारा उसके पास जाते हैं, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी होती है.

महिला बार-बार चिल्ला रही थी, "हे भगवान, हे भगवान! तुमने यह क्या कर दिया? कोई एम्बुलेंस बुलाओ! कोई 911 पर कॉल करो! मुझे यकीन नहीं हो रहा कि उन्होंने ऐसा किया!"

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गोली मारने से पहले का भी वीडियो आया

एक अन्य वीडियो में और चौंकाने वाला मामला सामने आया. इसमें प्रेट्टी एक महिला की मदद करता दिखता है, जिसे एक इमिग्रेशन अधिकारी ने धक्का देकर गिरा दिया था. इमिग्रेशन अधिकारी दोनों पर पेपर स्प्रे भी करता है. इसके बाद कई एजेंट प्रेट्टी को खींचकर दूर ले जाते हैं और जमीन पर पटक देते हैं. वह घुटनों और हाथों के बल उठने की कोशिश करता है, तभी एक अधिकारी उसका हथियार छीनता है और कुछ ही सेकंड में घातक गोलियां चल जाती हैं.

अमेरिकी गृह सुरक्षा विभाग की प्रवक्ता ट्रिशिया मैकलॉघलिन ने बयान जारी कर कहा कि अधिकारी ट्रंप प्रशासन की इमिग्रेशन कार्रवाई के तहत ऑपरेशन कर रहे थे और उन्होंने डिफेंसिव फायरिंग की क्योंकि एक शख्स बंदूक के साथ उनके पास आया और उसने विरोध किया. हालांकि स्थानीय पुलिस चीफ ओ'हारा ने साफ किया कि प्रेट्टी के पास बंदूक रखने का कानूनी हक था और उसके पास उसे कैरी करने का परमिट भी था. इस बयान के बाद प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल और तेज हो गए हैं.

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मिनेसोटा के गवर्नर से ट्रंप से क्या कहा?

मिनेसोटा के डेमोक्रेटिक गवर्नर टिम वाल्ज ने सोशल मीडिया एक्स पर इस घटना के बाद व्हाइट हाउस से संपर्क करने की पुष्टि की और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से होमलैंड सिक्योरिटी डिपार्टमेंट के अब तक के सबसे बड़े इमिग्रेशन एनफोर्समेंट ऑपरेशन को खत्म करने की अपील की.
उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा, “हजारों हिंसक और अप्रशिक्षित अधिकारियों को मिनेसोटा से बाहर निकालिए. अभी.”

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यह घटना ऐसे समय पर हुई है जब मिनियापोलिस और आसपास के इलाकों में पहले से ही लगातार प्रदर्शन हो रहे हैं. ये प्रदर्शन 7 जनवरी को 37 वर्षीय रेनी गुड की मौत के बाद शुरू हुए थे. उन्हें तब गोली लगी जब एक इमिग्रेशन एंड कस्टम्स एनफोर्समेंट अधिकारी ने उनकी कार पर गोली चलाई. शनिवार की घटना उस जगह से सिर्फ एक मील से थोड़ी दूरी पर हुई जहां गुड की हत्या हुई थी.

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बख्तरबंद गाड़ी को रोकते प्रदर्शनकारी

अब पूरे इलाके में प्रदर्शन और भी तेज हो गया है, देखें ये वीडियो.

लगातार हो रही मौतों और वायरल हो रहे वीडियो ने अमेरिका में इमिग्रेशन प्रवर्तन एजेंसियों की कार्यशैली, हथियारों के इस्तेमाल और नागरिक अधिकारों को लेकर एक नई बहस छेड़ दी है. मानवाधिकार संगठनों का कहना है कि यह मामला सिर्फ एक व्यक्ति की मौत का नहीं, बल्कि राज्य की ताकत और आम नागरिक की सुरक्षा के बीच बिगड़ते संतुलन का प्रतीक बन गया है.

अब सवाल यह है कि क्या इस घटना की स्वतंत्र जांच होगी? क्या जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई होगी? और क्या ट्रंप प्रशासन अपने सबसे बड़े इमिग्रेशन ऑपरेशन की रणनीति पर दोबारा विचार करेगा? फिलहाल, मिनियापोलिस की सड़कों पर गुस्सा है और न्याय की मांग की जा रही है.

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