- अमेरिका ने ईरान पर समुद्री नाकाबंदी शुरू की, फिर भी होर्मुज जलडमरूमध्य से दस मिलियन बैरल से अधिक तेल पहुंचा है
- नाकाबंदी ओमान और पाकिस्तान-ईरान सीमा के बीच क्षेत्र में लचीले ढंग से लागू की गई, स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज में नहीं
- अमेरिकी नौसेना ने 29 जहाजों को वापस लौटने को मजबूर किया, लेकिन ईरानी तेल टैंकर अभी भी आवाजाही कर रहे हैं
23 अप्रैल को रॉयटर्स ने रिपोर्ट किया कि एनालिटिक्स फर्म वोर्टेक्सा के आंकड़ों से पता चलता है कि अमेरिका की तरफ से ईरान पर समुद्री नाकाबंदी शुरू करने के बाद से होर्मुज जलडमरूमध्य से कम से कम 10.7 मिलियन बैरल ईरानी कच्चे तेल का परिवहन हुआ है. रिपोर्ट के अनुसार, यह तेल 13 अप्रैल से 21 अप्रैल के बीच छह टैंकरों द्वारा ले जाया गया था. यह सब अमेरिकी सरकार की उस घोषणा के बावजूद हुआ, जिसमें उसने इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (आईआरजीसी) द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने के जवाब में ईरानी बंदरगाहों पर नाकाबंदी लगाने और जहाजों की आवाजाही रोकने की बात कही थी.
अमेरिका की नाकाबंदी फेल?
वोर्टेक्सा के आंकड़ों से पता चलता है कि ईरानी बंदरगाहों के पास नाकाबंदी पूरी तरह से लागू नहीं की जा रही है. अमेरिका की यह नाकेबंदी 'स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज' के भीतर नहीं, बल्कि ओमान और पाकिस्तान-ईरान सीमा के बीच करीब 300 मील पश्चिम के इलाके में लचीले ढंग से लागू की गई है. हालांकि, रॉयटर्स ने अपनी रिपोर्ट में यह भी बताया है कि प्रतिबंध लागू होने के बाद से होर्मुज जलडमरूमध्य में ईरान से जुड़े तेल टैंकरों की आवाजाही में कमी आई है. इस दौरान टैंकरों की संख्या घटकर प्रतिदिन एक या दो रह गई, जबकि इससे पहले प्रतिदिन दो से तीन टैंकर आते थे.
ट्रंप ने और सख्ती की
अमेरिकी सेना ने यह भी कहा है कि नाकाबंदी शुरू होने के बाद से उसने 29 जहाजों को उनके मूल स्थान पर वापस लौटने के लिए मजबूर किया है. अमेरिकी समुद्री नाकाबंदी के बावजूद ईरानी तेल टैंकर आते-जाते रहे हैं, लेकिन हाल के दिनों में आईआरजीसी ने अन्य देशों के मालवाहक जहाजों और तेल टैंकरों पर गोलीबारी की है. ट्रंप ने यह भी कहा कि उन्होंने नौसेना को जलडमरूमध्य में बारूदी सुरंगें बिछाने वाली ईरानी नौकाओं को "गोली मारकर नष्ट करने" और बारूदी सुरंगों को हटाने की गतिविधियों को तेज करने का आदेश दिया है. हालांकि उन्होंने जहाजों को रोकने के लिए ईरान द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले अन्य साधनों, जैसे स्पीडबोट, मिसाइल और ड्रोन का उल्लेख नहीं किया.
ईरान ने क्या कहा
ईरान के न्यायपालिका प्रमुख गुलाम हुसैन मोहसेनी-एजेई ने कहा कि ईरान द्वारा जब्त किए गए व्यापारिक जहाजों को "कानून का सामना करना पड़ा", जबकि ईरानी स्पीडबोट और समुद्री ड्रोन एक द्वीप के पास समुद्र की गुफाओं में छिपे हुए हैं, जो अमेरिकी नौसेना को पास आने से रोक रहे हैं. ईरान की संसद के उपाध्यक्ष, हामिदरेजा हाजीबाबाई ने कहा कि जलडमरूमध्य का उपयोग करने वाले जहाजों से ईरान द्वारा अब वसूले जा रहे टोल से प्राप्त पहली आय केंद्रीय बैंक में स्थानांतरित कर दी गई है. उन्होंने इस बारे में कोई और जानकारी नहीं दी कि किसने भुगतान किया या कितनी राशि का भुगतान किया. तेहरान का कहना है कि वह जलडमरूमध्य को खोलने पर विचार नहीं करेगा, जब तक कि अमेरिका ईरान के जहाजों पर लगाई गई नाकाबंदी को नहीं हटा लेता. वाशिंगटन ने यह नाकाबंदी युद्धविराम के दौरान लगाई थी और तेहरान इसे युद्धविराम का उल्लंघन मानता है.
अमेरिकी नौसेना सचिव क्यों हटाए गए
मंगलवार को युद्धविराम के अंतिम घंटों में ट्रंप ने ईरान पर हमले फिर से शुरू करने की धमकी वापस ले ली, लेकिन नाकाबंदी हटाने से इनकार कर दिया. युद्धविराम की कोई औपचारिक अवधि नहीं बढ़ाई गई है और आगे की बातचीत के लिए कोई योजना घोषित नहीं की गई है. तेहरान में सरकारी कर्मचारी 35 वर्षीय अराश ने रॉयटर्स को फोन पर बताया, "ऐसी स्थिति में जो न तो शांति है और न ही युद्ध, हालात कुछ हद तक डरावने हैं. हर पल आपको लगता है कि इजरायल या अमेरिका हमला कर सकते हैं." पाकिस्तान, जिसने इस महीने वार्ता की मेजबानी की थी और मंगलवार को रद्द होने से पहले दूसरे दौर की तैयारी कर रहा था, अभी भी दोनों पक्षों के संपर्क में है. सूत्र ने आगे कहा कि अमेरिकी नाकाबंदी के कारण ईरानी अधिकारी अभी भी वार्ता में भाग लेने के लिए प्रतिबद्ध होने से इनकार कर रहे हैं. इस बीच ट्रंप ने नौसेना सचिव के रूप में नियुक्त वित्तपोषक जॉन फेलन को बुधवार देर रात पद से हटा दिया है. दो सूत्रों ने रॉयटर्स को बताया कि उन्हें जहाज निर्माण को लेकर मतभेदों और रक्षा सचिव पीट हेगसेथ समेत अन्य अधिकारियों के साथ खराब संबंधों के कारण बर्खास्त किया गया था.
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