- नेपाल के संसदीय चुनाव में RSP ने 165 में से 125 सीटें जीतकर लगभग 76 प्रतिशत बहुमत हासिल किया
- पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली झापा-5 से हार गए, जहाँ बालेन शाह ने रिकॉर्ड मतों से जीत दर्ज की
- आरएसपी लगभग 48 प्रतिशत वोट शेयर के साथ लगभग दो-तिहाई बहुमत के करीब पहुंच रही है, जो 1991 के बाद पहली बार होगा
नेपाल में संसदीय चुनावों के लिए फर्स्ट-पास्ट-द-पोस्ट (एफपीटीपी) प्रणाली के तहत सोमवार शाम तक 165 में से 163 निर्वाचन क्षेत्रों में मतगणना पूरी होने के बाद, राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (आरएसपी) ने प्रतिनिधि सभा में लगभग 76 प्रतिशत सीटें जीतकर एक शानदार चुनावी जीत दर्ज की. अपने अध्यक्ष रबी लामिछाने और प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार बालेन शाह के नेतृत्व वाली साढ़े तीन साल पुरानी पार्टी ने 125 सीटों पर जीत हासिल की. पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली सहित पारंपरिक राजनीतिक दलों के एक के बाद एक दिग्गज नेता आरएसपी की देशव्यापी लहर के आगे हार गए.
कौन सी पार्टी कितनी सीटों पर जीती
शेष सीटों में से एक पर, कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ नेपाल (यूनिफाइड मार्क्सिस्ट-लेनिनिस्ट) (सीपीएन-यूएमएल) के उम्मीदवार अर्जुन कुमार कार्की, आरएसपी उम्मीदवार मिंगमा शेरपा से आगे चल रहे हैं. मधेस प्रांत के धनुषा-1 निर्वाचन क्षेत्र में भी चुनाव को लेकर कानूनी विवाद चल रहा है, क्योंकि आरएसपी उम्मीदवार को नेपाल के क्रेडिट इंफॉर्मेशन ब्यूरो द्वारा ब्लैकलिस्ट किए जाने के कारण नेपाल निर्वाचन आयोग द्वारा अयोग्य घोषित कर दिया गया था.
ओली को भी झापा से हराया
काठमांडू महानगरपालिका के पूर्व महापौर शाह ने पूर्वी नेपाल के झापा-5 निर्वाचन क्षेत्र से ओली को 68,348 वोटों से हराकर जीत हासिल की. यह नेपाल के संसदीय इतिहास में किसी भी उम्मीदवार द्वारा प्राप्त किया गया अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है. झापा-5 को लंबे समय से ओली का गढ़ माना जाता रहा था.
1991 के बाद किसी को नहीं मिला बहुमत
सोमवार शाम तक आनुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली के तहत भी आरएसपी 48 प्रतिशत से अधिक वोट शेयर के साथ आगे चल रही है. यदि यह रुझान जारी रहता है, तो संसद के निचले सदन, 275 सदस्यीय प्रतिनिधि सभा में पार्टी को लगभग दो-तिहाई बहुमत (लगभग 184 सीटें) मिलने की संभावना है.
1991 के चुनावों के बाद से किसी भी राजनीतिक दल को संसद के निचले सदन में दो-तिहाई बहुमत प्राप्त नहीं हुआ है.जब दो साम्यवादी ताकतों - नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी (एकीकृत मार्क्सवादी-लेनिनवादी) और पूर्ववर्ती नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी केंद्र) - ने 2017 के संसदीय चुनावों के लिए चुनावी गठबंधन किया, तो उन्हें लगभग दो-तिहाई बहुमत प्राप्त हुआ.
बालेन शाह से पीएम मोदी ने की बात
नेपाल में बालेन शाह का पीएम बनना तय होने होने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को नेपाल की राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (आरएसपी) के नेताओं रबी लामिछाने और बालेन से बात की और उन्हें चुनाव में जीत की बधाई दी. इसके बाद उन्होंने एक्स पर इस बात की जानकारी देते हुए लिखा, "दोनों देशों की आपसी समृद्धि, प्रगति और खुशहाली के लिए उनके साथ मिलकर काम करने की भारत की प्रतिबद्धता को भी व्यक्त किया.नेपाल के दोनों नेताओं से टेलीफोन पर हुई बातचीत में पीएम मोदी ने कहा कि उन्हें विश्वास है कि संयुक्त प्रयासों से आने वाले वर्षों में भारत-नेपाल संबंध नई ऊंचाइयों को छुएंगे."
जवाब मेंआरएसपी अध्यक्ष रवि लामिछाने ने प्रधानमंत्री मोदी को धन्यवाद दिया और कहा कि हम भारत के साथ अच्छे संबंध विकसित करेंगे. उन्होंने एक्स पर लिखा, "प्रधानमंत्री @narendramodi, आपकी शुभकामनाओं और नेपाली जनता के लोकतांत्रिक जनादेश को मान्यता देने के लिए धन्यवाद. आरएसपी और हमारी सरकार आपसी सम्मान और साझा समृद्धि पर आधारित संबंधों को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध रहेगी, जहां आरएसपी 'विकास कूटनीति' को प्राथमिकता देगी. हम कनेक्टिविटी, सांस्कृतिक पर्यटन, ऊर्जा और व्यापार में सहयोग के माध्यम से भारत के साथ ऐसी साझेदारी की आशा करते हैं, जो नई ऊंचाइयों को छुए और दोनों देशों के लोगों के लिए एक समृद्ध भविष्य सुनिश्चित करे."
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