चाय-सिगार और उर्दू का शौक, अंगुली में तिलिस्मी रत्न... शाही रौबदार थी ईरान के अयातुल्ला अली खामेनेई की जिंदगी

Ayatollah Ali Khamenei Death News: अयातुल्ला अली खामेनेई ईरान के सर्वोच्च नेता के तौर पर 36 सालों से शासन संभाल रहे थे. उनकी जिंदगी को लेकर कई दिलचस्प तथ्य भी उजागर हुए हैं, जो बताते हैं कि वो कितने ताकतवर थे.

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Ayatollah Ali Khamenei: अयातुल्ला अली खामेनेई
नई दिल्ली:

ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई पिछले 36 सालों से देश की हुकूमत चला रहे थे. वो ईरान, जो दुनिया का सबसे ताकतवर शिया मुल्क है और वहां खामेनेई की तूती बोलती थी, लेकिन अमेरिका-इजरायल के हमले में उनकी मौत हो गई. एक तरफ कहा जाता है कि खामेनेई का राजधानी तेहरान में उनका एक साधारण घर था और अन्य सुप्रीम लीडर या शासकों की तरह कोई निजी महल नहीं था. उनकी जीवनी लिखने वालों का दावा है कि खामेनेई के घर का फर्नीचर और कालीन भी सालों पुराने हैं. दावा तो यहां तक है कि खामेनेई निजी खर्चों के लिए भी सरकारी खजाने के बजाय धार्मिक दान (खूम्स) पर निर्भर थे. दूसरी तरफ, वो ईरान में शक्तिशाली कारोबारी साम्राज्य सेताद के मुखिया था. तेल-गैस से लेकर रियल एस्टेट तक इस संगठन का हजारों करोड़ रुपये का निवेश है, जिसकी कोई निगरानी नहीं होती. सुरक्षा कारणों से कोई उनके पास फटक नहीं सकता था.

बयात ए रहबरी- सत्ता शक्ति का केंद्र

अयातुल्ला अली खामेनेई का कार्यालय बयात-ए-रहबरी (सर्वोच्च नेता का कार्यालय) एक विशाल साम्राज्य के पावर सेंटर की तरह काम करता था. लगभग 95 अरब डॉलर से अधिक की संपत्ति वाले इस्लामिक संगठन 'सेताद' (Setad) की कमान उनके हाथों में थी. ये ईरान की अर्थव्यवस्था के बड़े चुंबक की तरह था. इस संपत्ति पर ईरान की संसद या किसी अन्य संस्था का कोई नियंत्रण या ऑडिट नहीं सेताद जब्त की गई संपत्तियों, अचल संपत्ति, तेल, और उद्योगों में निवेश के जरिए चलता है.

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ayatollah ali khamenei and ruhollah khomeini

उर्दू और फारसी प्रेम

अयातुल्ला अली खामेनेई को भाषाओं और साहित्य का गहरा शौक था. फारसी के साथ-साथ अरबी और उर्दू भी बखूबी जानते थे. उन्हें उर्दू शायरी में भारत से ताल्लुक रखने वाले अल्लामा इकबाल बहुत पसंद थे. मुशायरों में अक्सर शायरों और लेखकों के साथ उनकी निजी बैठकें होती थीं.

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चाय और सिगार का शौक

खामेनेई को चाय और सिगार (Smoking Pipe) का बहुत शौक था. हालांकि सेहत के चलते कुछ वक्त उन्होंने सिगार पीना छोड़ दिया था.  उनके पास चश्मों और छड़ियों (Walking Sticks) का कलेक्शन भी था.

ayatollah ali khamenei

खामेनेई के परिवार में कौन-कौन, बेटा मोजतबा खामेनेई

अयातुल्ला अली खामेनेई के परिवार में पत्नी के अलावा 4 बेटे और दो बेटियां हैं. लेकिन सबसे प्रभावशाली उनके बेटे मोज्तबा खामेनेई हैं. मोजतबा पर लंदन में $138 मिलियन से अधिक की रियल एस्टेट और दुबई व यूरोप में लक्जरी होटल होने के आरोप लगे हैं. उनके परिवार के सदस्यों के पास अरबों डॉलर का निवेश विदेशी बैंकों और सोने/हीरे के रूप में सुरक्षित होने का दावा है.

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Mojtaba Khamenei (Right) 

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खामेनेई की लाइफस्टाइल

86 वर्ष की आयु में भी खामेनेई काफी फिट थे. सुबह बहुत जल्दी उठने वाले खामेनेई को कोई बड़ी बीमारी नहीं थी. 1981 के एक बम विस्फोट में उनका दाहिना हाथ लकवाग्रस्त हो गया था, जिसके बाद से वे अपने सभी काम बाएं हाथ से करते हैं. वो हाथ में एक तिलिस्मी रत्न पहनते थे, जो सीलोन (श्रीलंका) का गोमेद रत्न बताया जाता है.

इस्लामिक क्रांति में बड़ी भूमिका

अयातुल्ला अली खामेनेई ईरान के मशहद में 1939 में पैदा हुए थे. रुहेल्ला खामेनेई की अगुवाई में जब 1979 की इस्लामिक क्रांति हुई और अमेरिका समेत पश्चिमी देशों की समर्थन वाली सरकार को उखाड़ फेंका गया तो उसमें भी अली खामेनेई की बड़ी भूमिका थी. वो रुहोल्ला खामनेई के भरोसेमंद चेले थे. वो 1981 में ईरान के राष्ट्रपति बने और रुहेल्ला की मौत के बाद 1989 में देश के सुप्रीम लीडर बने. तब से 36 सालों तक उनकी ईरान पर उनकी हुकूमत कायम रही. 

खामेनेई का बाराबंकी से रिश्ता

ईरान के सर्वोच्च धार्मिक नेता बनने से पहले अयातुल्ला अली खामेनेई ने भारत की यात्रा की थी. उन्होंने 1980-81 में धर्मगुरु के तौर पर कर्नाटक-कश्मीर का दौरा किया था. खामेनेई का उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले से भी रिश्ता रहा है. खामेनेई के दादा सैय्यद अहमद मुसावी का जन्म 1800 में बाराबंकी के किंतूर गांव में हुआ था और यहां से धार्मिक यात्रा पर निकलने के बाद वो ईरान में जाकर बस गए. हिंदी से प्रेम होने के कारण उन्होंने अपना नाम सैयद अहमद मुसावी हिंदी रख लिया.

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नई टेक्नोलॉजी में एक्सपर्ट

इस्लामिक रवायतों और उसूलों के पक्षधर खामेनेई नई पीढ़ी की टेक्नोलॉजी में भी माहिर थे. उनके सोशल मीडिया अकाउंट X (Twitter), Instagram और Telegram पर कई भाषाओं में सक्रिय हैं


 

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