मादुरो को पकड़ा... वेनेजुएला में अमेरिका के अटैक पर रूस का आया पहला रिएक्शन

वेनेजुएला पर अमेरिका का हमला कोई जल्दबाजी में लिया फैसला मालूम नहीं होता है. कहा जा रहा है कि वेनेजुएला ने बीते कुछ दिनों ऐसे कई फैसले लिए जिस वजह से अमेरिका को आखिरकार वेनेजुएला के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का फैसला लेना पड़ा.

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वेनेजुएला पर हुए अमेरिकी हमले पर रूस की आई बड़ी प्रतिक्रिया
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  • अमेरिका ने राष्ट्रपति मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोर्स को पकड़ने और देश से बाहर भेजने का दावा किया है।
  • रूस ने वेनेजुएला पर अमेरिकी हमले की कड़ी निंदा करते हुए वेनेजुएला और उसके नेतृत्व के प्रति समर्थन जताया है।
  • रूस ने वेनेजुएला के तेल टैंकर की रक्षा के लिए कूटनीतिक प्रयास बढ़ाए हैं, जिससे अमेरिका चिंतित हुआ है।
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अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोर्स पकड़ने का दावा किया है. अमेरिका ने इन दोनों को पकड़कर देश के बाहर भेजे जाने की भी बात कही है. अमेरिकी सेना की इस कार्रवाई को लेकर अब रूस ने भी बड़ा बयान दे दिया है. रूस ने वेनेजुएला पर हुए इस हमले को लेकर कहा है कि हम वेनेजुएला के साथ है. रूस की ये प्रतिक्रिया अमेरिका के लिए भी एक संकेत की तरह है. 

रूस ने अपने बयान में आगे कहा कि है कि हम वेनेजुएला के लोगों के साथ अपनी एकजुटता और इसके बोलिवेरियन नेतृत्व के लिए अपने समर्थन की पुष्टि करते हैं. रूस का ये बयान उस समय आया है जब अमेरिका की सेना वेनेजुएला में बेहद आक्रामक रूप ले चुकी है. अमेरिकी सैनिक वेनेजुएला के राष्ट्रपति तक को अपने साथ ले जाने का दावा कर रहे हैं. अब ऐसे में सवाल ये है कि अमेरिका की इस कार्रवाई को लेकर रूस का ये बयान क्या अंतरराष्ट्रीय पटल पर कोई नए बवाल के शुरू होने का संकेत मात्र है. 

आखिर क्यों किया अमेरिका ने हमला

वेनेजुएला पर अमेरिका का हमला कोई जल्दबाजी में लिया फैसला मालूम नहीं होता है. कहा जा रहा है कि वेनेजुएला ने बीते कुछ दिनों ऐसे कई फैसले लिए जिस वजह से अमेरिका को आखिरकार वेनेजुएला के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का फैसला लेना पड़ा. बीते महीनों या बीते साल भर की बात करें तो वेनेजुएला ने एक के बाद एक ऐसे फैसले लिए जिसने अमेरिका की रणनीति को ही उलझा दिया है.

राष्ट्रपति मादुरो ने अमेरिकी कंपनियों को जहां एक तरफ खुले तौर पर वेनेजुएला के तेल क्षेत्र में निवेश का ऑफर दे दिया वहीं दूसरी तरफ उसके इस फैसले के बाद रूस भी सक्रिय हो गया. रूस ने उस तेल टैंकर को बचाने के लिए बड़ा कूटनीतिक दांव खेल दिया है. इसी बीच वेनेजुएला ने चीन के साथ भी अपने रिश्ते और मजबूत करने का संकेत दे दिया. इस बात से अमेरिका और चिढ़ सा गया. 

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