- अमेरिका और इजरायल के हमलों के बाद ईरान ने मध्य पूर्व के पांच देशों में अमेरिकी सैन्य अड्डों पर हमले हुए हैं
- ईरान ने कतर, कुवैत, UAE, बहरीन और जॉर्डन में ड्रोन अटैक और मिसाइल हमलों से अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया है
- UAE के रक्षा मंत्रालय ने बताया कि कई ईरानी मिसाइलों को इंटरसेप्ट किया गया
अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर हमला कर जो जंग शुरू की थी, उसकी आंच अब मध्य पूर्व के दूसरे मुल्कों तक भी पहुंच गई है. इस हमले का बदला लेने के लिए ईरान ने मध्य पूर्व के देशों में बने अमेरिकी सैन्य अड्डों को निशाना बनाना शुरू कर दिया है. ईरान अमेरिकी सैन्य अड्डों पर लगातार हमले कर रहा है. ईरान, इजरायल पर तो हमले कर ही रहा है लेकिन साथ-साथ खाड़ी के बाकी देशों पर ड्रोन अटैक और बमबारी जारी है.
तेहरान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान ने खाड़ी में 5 मुल्कों पर हमले किए हैं. इनमें कतर, कुवैत, संयुक्त अरब अमीरात (UAE), बहरीन और जॉर्डन शामिल हैं. दुबई में बुर्ज खलीफा के पास भी ड्रोन अटैक हुआ है. वहीं, कई देशों में अब भी धमाकों की आवाज सुनाई दे रही है.
किन सैन्य अड्डों पर ईरान का हमला
ईरान ने जिन अमेरिकी सैन्य अड्डों को निशाना बनाया है, उनमें कतर में अल-उदीद एयरबेस, कुवैत में अल-सलमिया बेस, UAE में अल-जाफरा एयरबेस, बहरीन में 5वां अमेरिकी बेस और जॉर्डन में किंग हुसैन एयरबेस शामिल है. स्थानीय मीडिया की रिपोर्ट्स से पता चलता है कि मिसाइल हमलों के बाद कुवैत, बहरीन और UAE में हवाई हमले के सायरन लगातार बज रहे हैं. सऊदी अरब और दुबई में भी धमाके होने की खबरें हैं.
ईरान के रिवॉल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने एक बयान जारी कर बताया कि जवाबी कार्रवाई के लिए ऑपरेशन 'ट्रुथफुल प्रॉमिस 4' शुरू किया गया है.
UAE के रक्षा मंत्रालय ने बयान जारी कर बताया कि कई ईरानी मिसाइलों को इंटरसेप्ट किया गया है. रक्षा मंत्रालय ने बताया कि अबू धाबी के रिहायशी इलाके में मिसाइल का मलबा गिरने से एक व्यक्ति की मौत हो गई है.
मध्य पूर्व में कहां-कहां ईरान का हमला?
अमेरिका और इजरायल के हमलों के बाद पूरे मध्य पूर्व में ईरान के जवाबी हमले देखने को मिल रहे हैं. खासकर उन जगहों पर जहां अमेरिका के सैन्य अड्डे हैं या जो अमेरिका के सहयोगी हैं.
UAE के दुबई में फेयरमोंट द पाम होटल में धमाका हुआ है. दुबई के अधिकारियों ने बताया कि पाम जुमेराह इलाके की एक इमारत में हुए हमले में 4 लोग घायल हुए हैं. रक्षा मंत्रालय ने कहा कि ईरानी मिसाइलों और ड्रोन को इंटरसेप्ट किया जा रहा है.
कतर की राजधानी दोहा में इलाके के सबसे बड़े अमेरिकी सैन्य अड्डे अल-उदीद एयरबेस को निशाना बनाया गया है. बहरीन की सरकारी न्यूज एजेंसी ने बताया कि बहरीन में अमेरिकी नौसेना के बेस पर मिसाइल हमला हुआ है. बहरीन के गृह मंत्रालय ने बताया कि मनामा में कई रिहायशी इमारतों को भी निशाना बनाया गया है. कुवैत में भी धमाके सुने गए हैं. यहां की स्थानीय न्यूज एजेंसी कुना ने बताया कि इंटरनेशनल एयरपोर्ट को निशाना बनाते हुए ड्रोन अटैक हुआ है, जिनमें कई कर्मचारियों को मामूली चोटें आई हैं और एक टर्मिनल को नुकसान पहुंचा है.
न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक, अमेरिकी एयर डिफेंस ने इराक के एरबिल के पास एक अमेरिकी मिलिट्री बेस के ऊपर एक ड्रोन को मार गिराया है. इजरायल की सीमा से सटे जॉर्डन ने भी दो ईरानी बैलिस्टिक मिसाइलों को मार गिराने का दावा किया है.
यूक्रेन जैसा कर रहा है ईरान
जवाबी हमले में ईरान मध्य पूर्व में जो कर रहा है, उसकी तुलना यूक्रेन से की जा रही है. यूक्रेन की तरह ही ईरान भी मध्य पूर्व में ड्रोन अटैक कर रहा है. ईरान में मध्य पूर्व में ड्रोन वॉरफेयर शुरू कर दिया है.
जानकारों का मानना है कि रूस-यूक्रेन की लड़ाई में जैसे सारे नियम-कायदे पलट गए थे, वैसे ही अब इजरायल-ईरान संघर्ष में भी देखने को मिल रहा है. अमेरिका और इजरायल को लगा कि उनकी हवाई ताकत ईरानियों को घुटने पर ला देगी लेकिन ईरान ने साबित कर दिया है कि कम कीमत वाले हथियारबंद ड्रोन बड़े पैमाने पर अफरा-तफरी मचा सकते हैं.
मिसाइल या रॉकेट लॉन्चर के उलट, ड्रोन से टारगेट पर अटैक करना काफी आसान होता है. ड्रोन को लगभग कहीं से भी लॉन्च किया जा सकता है. इस कारण अच्छी से अच्छी सेना के लिए ड्रोन का सामना करना मुश्किल हो जाता है.
खाड़ी देशों में एयरस्पेस बंद
मध्य पूर्व में मौजूदा संघर्ष के बाद हवाई उड़ानें भी प्रभावित हुई हैं. कई देशों ने अपना एयरस्पेस बंद कर दिया है. ईरान और इजरायल के अलावा इराक, जॉर्डन, कतर, बहरीन, कुवैत और यूएई ने अपना एयरस्पेस बंद कर दिया है.
वहीं, भारत में डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) ने एयरलाइन कंपनियों को 2 मार्च तक 11 देशों के एयरस्पेस में न जाने की सलाह दी है. इनमें ईरान, इजरायल, लेबनान, UAE, सऊदी अरब, बहरीन, ओमान, इराक, जॉर्डन, कुवैत और कतर शामिल हैं. इसके बाद मध्य पूर्व जाने वाली सभी उड़ानें रद्द हो गई हैं. अकेले मुंबई एयरपोर्ट से मध्य पूर्व जाने वालीं 57 उड़ानों को रद्द किया जा चुका है.














