अमेरिका-ईरान के बीच 'ग्रैंड डील' की सुगबुगाहट, वेंस ने बताया इस्लामाबाद बातचीत में क्या हुआ गेमचेंजर

US Iran Deal News: जेडी वेंस ने कहा,“हमें यूरेनियम को ईरान से बाहर करना होगा.” दूसरी मांग थी “परमाणु हथियार विकसित न करने की निर्णायक प्रतिबद्धता.” उन्होंने कहा, “ईरान यह कह दे कि वह कभी परमाणु हथियार नहीं बनाएगा, यह एक बात है,लेकिन इन बातों का वेरिफिकेशन भी जरूरी है.

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  • अमेरिका और ईरान के बीच इस्लामाबाद में हुई शांति वार्ता में परमाणु मुद्दों पर कुछ प्रगति हुई है
  • अमेरिकी उप-राष्ट्रपति जेडी वेंस ने बताया कि ईरान ने अमेरिकी शर्तों की ओर झुकाव दिखाया था
  • वेंस ने कहा कि व्यापक समझौते की संभावना अभी भी बनी हुई है और अमेरिका के पास सैन्य और आर्थिक दबाव की बढ़त है
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नई दिल्ली:

अमेरिका-ईरान के बीच इस्लामाबाद में शांति वार्ता फेल होने के बाद भी अभी लगता है दोनों देशों के बीच एक और बातचीत संभव हो सकती है. अमेरिकी उप-राष्ट्रपति जेडी वेंस ने 'फॉक्स न्यूज' को दिए इंटरव्यू में पुष्टि की है कि इस्लामाबाद में हुई बातचीत के दौरान परमाणु मुद्दों पर कुछ प्रगति हुई है. वेंस के अनुसार, ईरानी वार्ताकारों का रुख अमेरिका की शर्तों की ओर झुका है, लेकिन वे मौके पर कोई अंतिम समझौता करने में असमर्थ थे क्योंकि उन्हें तेहरान से अंतिम मंजूरी लेनी थी. सुगबुगाहट यह भी है कि दोनों देशों के बीच ग्रैंड डील हो सकती है. 

मैं नहीं कहूंगा कि सब गलत ही हुआ...

उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा कि ईरान के साथ वार्ता में काफी प्रगति हुई, लेकिन कोई समझौता नहीं हो सका.अमेरिका अपनी प्रमुख मांगों पर अड़ा रहा, जिनमें समृद्ध यूरेनियम को हटाना और ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर सत्यापन योग्य सीमाएं शामिल हैं. उन्होंने कहा, “मैं यह नहीं कहूंगा कि चीजें गलत हुईं.मुझे लगता है कि कई चीजें सही भी हुईं. हमने काफी प्रगति की, यह पहली बार था जब ईरानी और अमेरिकी सरकारें इतने उच्च स्तर पर मिलीं.” वेंस के अनुसार, मुख्य विवाद का मुद्दा यह रहा कि अमेरिका इस बात पर अड़ा हुआ है कि ईरान कभी भी परमाणु हथियार नहीं रख सकता, जो उसकी सभी वार्ता स्थितियों का आधार है.

आगे की बातचीत अमेरिकी शर्तें मानने पर निर्भर- जेडी वेंस 

जेडी वेंस ने कहा,“हमें यूरेनियम को ईरान से बाहर करना होगा.” दूसरी मांग थी “परमाणु हथियार विकसित न करने की निर्णायक प्रतिबद्धता.” उन्होंने कहा, “ईरान यह कह दे कि वह कभी परमाणु हथियार नहीं बनाएगा, यह एक बात है,लेकिन इन बातों का वेरिफिकेशन भी जरूरी है. वेंस के मुताबिक, ईरानी वार्ताकारों से कई मुद्दों पर सहमति बनी बढ़े लेकिन पर्याप्त नहीं थी जिसके कारण दोनों पक्षों ने बातचीत रोककर अपने-अपने देशों में लौटने का फैसला किया था.  उन्होंने कहा, “अब गेंद उनके पाले में है” और संकेत दिया कि आगे की बातचीत तेहरान की अमेरिकी शर्तें मानने की इच्छा पर निर्भर करेगी.

एक समझौते की संभावना बनी हुई है...

तनाव के बावजूद, वेंस ने कहा कि एक व्यापक समझौते की संभावना अभी भी बनी हुई है.जेडी वेंस ने कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप खुश होंगे यदि ईरान एक सामान्य देश की तरह व्यवहार करे और उसके लोग समृद्धि हासिल कर सकें, लेकिन इसके लिए उसे परमाणु हथियार बनाने की अपनी जिद छोड़ना होगा.  उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि ईरानी वार्ताकारों को किसी समझौते से पहले तेहरान में उच्च अधिकारियों से मंजूरी लेनी पड़ सकती है. उन्होंने कहा, “उन्हें वापस जाकर हमारी तय शर्तों के लिए मंजूरी लेनी होगी.”वेंस ने वार्ता में अमेरिका की स्थिति को मजबूत बताते हुए सैन्य बढ़त और नाकाबंदी के जरिए अतिरिक्त आर्थिक दबाव का जिक्र किया. उन्होंने कहा, “हमारे पास बहुत सारे पत्ते हैं.हमारे पास बढ़त है.”

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