PM मोदी ने व्लादिमीर पुतिन को तिरुक्कुरल गिफ्ट क्यों दिया? ब्रिक्स शिखर सम्मेलन का सबसे बड़ा सीक्रेट

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  • प्रकाशित: सितम्बर 11, 2026

आज नई दिल्ली में दुनिया के दो बड़े नेताओं की मुलाकात हुई. एक तरफ भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी थे और दूसरी तरफ रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन. ब्रिक्स शिखर सम्मेलन शुरू होने से ठीक पहले हुई यह मुलाकात ऐसे समय में हुई है, जब दुनिया युद्ध, तेल की कीमतों, व्यापारिक चुनौतियों, अमेरिका-चीन तनाव और बदलती वैश्विक व्यवस्था जैसे कई बड़े मुद्दों का सामना कर रही है. लेकिन इन सभी चर्चाओं के बीच एक छोटी-सी चीज़ ने सबका ध्यान खींच लिया, और वह थी एक किताब. प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति पुतिन को तिरुक्कुरल भेंट की. अब सवाल यह नहीं है कि यह किताब कौन-सी है, बल्कि सवाल यह है कि आखिर तिरुक्कुरल ही क्यों? अगर आप इस किताब को खोलेंगे, तो समझ आएगा कि यह उपहार जितना छोटा दिखता है, उसका संदेश उतना ही बड़ा है. तिरुक्कुरल प्राचीन तमिल कवि और दार्शनिक तिरुवल्लुवर की रचना है. इसमें कुल 1,330 कुरल यानी छोटे-छोटे दोहे हैं, जो 133 अध्यायों में विभाजित हैं. यह ग्रंथ तीन भागों में बंटा हुआ है. पहला है अरम, जो सदाचार और नैतिक जीवन की बात करता है. दूसरा है पोरुल, जिसमें धन, समाज, राजनीति और सुशासन के सिद्धांत बताए गए हैं. तीसरा है इन्बम, जो प्रेम और मानवीय रिश्तों पर केंद्रित है. यानी पहली नजर में यह कोई राजनीतिक किताब नहीं लगती. इसमें प्रेम है, परिवार है, जीवन के मूल्य हैं, धन और समाज की चर्चा है, लेकिन साथ ही यह भी बताया गया है कि एक आदर्श शासक कैसा होना चाहिए और एक मजबूत समाज किन सिद्धांतों पर खड़ा होता है. यही वजह है कि तिरुक्कुरल को सिर्फ साहित्य नहीं, बल्कि जीवन और शासन की एक कालजयी मार्गदर्शिका माना जाता है.

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