पश्चिम बंगाल में 29 अप्रैल की वोटिंग से पहले अभूतपूर्व सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं. 2,321 अर्धसैनिक कंपनियों की तैनाती के बीच प्रधानमंत्री मोदी और गृहमंत्री अमित शाह के दौरों से सियासी गर्मी भी तेज है. भवानीपुर में ममता बनर्जी बनाम सुवेंदू अधिकारी की टक्कर सबसे बड़ी चर्चा में है, वहीं झालमूड़ी बनाम तरकारी की प्रतीकात्मक राजनीति भी सुर्खियों में है. सवाल एक ही है—बंगाल में वोट किसके साथ जाएगा, फैसला 4 मई को होगा.