Maleema केले के बेकार फेंके गए तनों से टिकाऊ और प्राकृतिक रूप से गलने वाला कपड़े का धागा बना रही है। सीधे किसानों से तने खरीदकर कंपनी कृषि अपशिष्ट से कमाई का जरिया बना रही है, जिससे खेतों में फसल अवशेष जलाने की समस्या खत्म होती है। दावा है कि सिंथेटिक कपड़ों की तुलना में इससे प्रदूषण 60-70% तक घटता है और कपड़े बनाने वाली कंपनियों को पर्यावरण के हिसाब से बेहतर विकल्प मिलता है।