मंदिर बनाम कब्रिस्तान की सियासत पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बयानबाजी जारी है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी (सपा) पर सीधा निशाना साधते हुए कहा कि सनातन परंपरा को कोसना ही विपक्ष का एकमात्र ध्येय है. उन्होंने आरोप लगाया कि सपा के शासनकाल में सरकारी पैसा कब्रिस्तान की बाउंड्री वॉल के लिए जाता था, जबकि वर्तमान सरकार इसे मंदिरों के विकास और सुंदरीकरण में लगा रही है. दूसरी तरफ, सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने पलटवार करते हुए मामले की न्यायिक जांच और राम मंदिर ट्रस्ट को भंग करने की मांग की. उन्होंने दावा किया कि यदि आरोपियों के कॉल रिकॉर्ड (CDR) निकाले जाएं, तो 99% भाजपा नेता ही इसमें शामिल मिलेंगे.