होर्मुज में हार गए Trump! ईरान बात करेगा या जंग लड़ेगा?

  • 4:55
  • प्रकाशित: अप्रैल 01, 2026

हॉर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच तनाव चरम पर बना हुआ है और ट्रंप की धमकियों के बावजूद ईरान पीछे हटने को तैयार नहीं है. हॉर्मुज ईरान के लिए रणनीतिक रूप से बेहद अहम समुद्री मार्ग है, जिस पर उसका मजबूत नियंत्रण बना हुआ है.

ट्रंप लगातार हॉर्मुज खोलने को लेकर ईरान को धमकाते रहे, यहां तक कि तेल कुओं, बिजली संयंत्रों और पानी के प्लांट तक उड़ाने की धमकी दी. लेकिन वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के अनुसार ट्रंप अब हॉर्मुज पूरी तरह खोले बिना भी युद्ध खत्म करने पर विचार कर रहे हैं. अमेरिकी प्रशासन मानता है कि हॉर्मुज को सैन्य बल से खोलने की कोशिश युद्ध को 4–6 हफ्ते और खींच सकती है. 

रिपोर्ट के मुताबिक, अब अमेरिका की रणनीति ईरान की नौसेना और मिसाइल क्षमता को कमजोर करने और कूटनीति से दबाव बनाने की है. यह भी संकेत हैं कि यदि अमेरिका सफल नहीं होता तो यूरोपीय और खाड़ी देशों पर हॉर्मुज खोलने की जिम्मेदारी डालने की कोशिश की जा सकती है.

दूसरी ओर ईरान के तेवर पहले जैसे ही सख्त हैं और उसने साफ कहा है कि दुश्मनों की गलती पर हॉर्मुज बंद करना हकीकत हो सकती है. अमेरिका के अंदर भी ट्रंप की नीति पर सवाल उठ रहे हैं, जहां डेमोक्रेट और रिपब्लिकन सीनेटरों ने इसे रणनीतिक विफलता बताया है. कुल मिलाकर, ताजा बयानों और रिपोर्ट्स से संकेत मिलता है कि हॉर्मुज ट्रंप के लिए एक जटिल और असफल रणनीतिक मोर्चा बन चुका है.

संबंधित वीडियो