राम मंदिर में दान-चोरी के विवाद के बाद ट्रस्ट ने बड़ा फैसला लिया है और रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को राम मंदिर का पहला CEO बनाया गया है. 3 साल के लिए हुई इस नियुक्ति की घोषणा फाइनल रिपोर्ट के बाद की गई. ऑपरेशन सिंदूर में पश्चिमी वायु कमान के चीफ के तौर पर अहम भूमिका निभाने वाले मिश्रा 30 अप्रैल को रिटायर हुए थे. वो 39 साल तक वायुसेना में रहे, फाइटर पायलट रहे, 3000 घंटे से ज्यादा उड़ान का अनुभव है और सर्वोत्तम युद्ध सेवा मेडल, अति विशिष्ट सेवा मेडल से सम्मानित हैं. वो यूपी के देवरिया के रहने वाले हैं और 1986 में वायुसेना में शामिल हुए थे. CEO की रेस आसान नहीं थी - 3570 लोगों ने आवेदन किया था, पहले राउंड में 108 चुने गए, फिर 17 का इंटरव्यू और आखिर में 3 नाम बंद लिफाफे में ट्रस्ट को दिए गए. रेस में पूर्व IPS राजेश पांडे, परेश सक्सेना, पूर्व IAS दिनेश चंद्र जैसे नाम थे. मिश्रा ने कहा - "43 वर्ष राष्ट्र सेवा के बाद श्रीराम ने मुझे मंदिर और भक्तों की सेवा का अवसर दिया है." साथ ही चंपत राय की जगह गोविंददेव गिरी नए महासचिव बने हैं और तीन नए ट्रस्टी - निर्मला यादव (पहली महिला ट्रस्टी, RSS-VHP से जुड़ीं), महेश भागचंदका (दिल्ली के कारोबारी, अशोक सिंघल के रिश्तेदार) और अयोध्या के वकील मदन मोहन पांडे नियुक्त हुए हैं.