उत्तर प्रदेश की राजनीति और अपराध का कॉकटेल रहे बाहुबलियों पर अब इलाहाबाद हाई कोर्ट ने अपना हंटर चला दिया है. कोर्ट ने यूपी सरकार से राजा भैया, बृजभूषण शरण सिंह, धनंजय सिंह और ब्रजेश सिंह जैसे बड़े बाहुबलियों के हथियारों का पूरा ब्यौरा मांग लिया है.
कोर्ट ने साफ पूछा है कि जब इन लोगों पर इतने आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं, तो इन्हें हथियारों के लाइसेंस और इतनी सुरक्षा कैसे मिली हुई है? दरअसल, एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए सरकार ने कोर्ट में हलफनामा दिया कि यूपी में 10 लाख से ज्यादा शस्त्र लाइसेंस जारी हुए हैं, जिनमें से 6,000 ऐसे लोगों के पास हैं जिन पर आपराधिक केस दर्ज हैं. लेकिन इस लिस्ट से कई बड़े बाहुबलियों के नाम गायब देखकर जज साहब हैरान रह गए और अफसरों को कड़ी फटकार लगाई.
वीडियो की मुख्य बातें:
बाहुबलियों की क्राइम कुंडली: राजा भैया, बृजभूषण, धनंजय सिंह और बदन सिंह बद्दो जैसे 19 बाहुबलियों पर दर्ज मुकदमों और हथियारों की जानकारी मांगी गई है.
हथियारों का जखीरा और लग्जरी लाइफ: दशहरे पर राजा भैया के महल में सजने वाले 700 हथियार, बृजभूषण शरण सिंह का हेलीकॉप्टर और धनंजय सिंह का लंबा-चौड़ा काफिला.
योगी सरकार का रुख: सीएम योगी आदित्यनाथ का कड़ा संदेश- "माफिया मिट्टी में मिल गए, अब यूपी में वन डिस्ट्रिक्ट, वन माफिया नहीं चलता."
किसका कहां दबदबा: कुंडा में राजा भैया, गोंडा में बृजभूषण और जौनपुर में धनंजय सिंह का रसूख.
क्या हाई कोर्ट की इस सख्ती के बाद बाहुबलियों के हथियारों के लाइसेंस रद्द होंगे? कोर्ट ने 26 मई तक पूरी रिपोर्ट तलब की है. बाहुबलियों की लग्जरी लाइफ, हथियारों का शौक और उनके खौफनाक रसूख की पूरी इनसाइड स्टोरी जानने के लिए वीडियो देखें.
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