नेपाल की त्रासदी अपने पीछे सिर्फ तबाही ही नहीं, बल्कि अनगिनत दर्दनाक कहानियां भी छोड़ गई है. लोगों ने अपनी आंखों के सामने अपनों को बहते देखा, कईयों को मलबे में दबते देखा. प्रभावित इलाकों में हालात अब भी बेहद गंभीर हैं. हेलीकॉप्टर लगातार उड़ान भरकर ऊपरी क्षेत्रों तक राहत सामग्री और बचाव दल पहुंचा रहे हैं, जहां अभी भी बड़ी संख्या में लोगों को मदद की जरूरत है. यही इस समय नेपाल सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई है. विनाशकारी सैलाब के बाद नेपाल में राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है. अब तक सामने आई जानकारी के मुताबिक 270 शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि मृतकों की संख्या लगातार बढ़ रही है. वहीं, 800 से अधिक लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं, जिनकी तलाश जारी है. इस आपदा में 288 भारतीय नागरिकों के भी लापता होने की जानकारी सामने आई है. फिलहाल उनसे संपर्क नहीं हो पा रहा है. भारतीय विदेश मंत्रालय के अनुसार, अब तक चलाए गए रेस्क्यू अभियान में 21 भारतीय नागरिकों को सुरक्षित बचाया गया है और सभी बचाए गए लोग तमिलनाडु के रहने वाले हैं.