Emotional Iranian woman: एक बेहद विशाल भीड़ के बीच एक ऐसा पल, जो दिल को छू जाता है. हज़ारों लोगों के बीच हमारी नज़र एक महिला पर पड़ती है, जिनकी आंखों में आंसू हैं. सवाल यही है कि इतनी भीड़ में यह दर्द इतना गहरा क्यों है. ईरानी लोगों का अपने रहबर से यह इमोशनल कनेक्शन आख़िर इतना मज़बूत कैसे है.
जब हम उनसे बात करते हैं, तो वह बताती हैं कि यह रोना सिर्फ़ एक इंसान के जाने का नहीं है, बल्कि उस विचारधारा और नेतृत्व के लिए है, जिससे उन्हें दिशा, पहचान और हौसला मिला. उनका कहना है कि भले ही उनके अज़ीज़ रहबर अब हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन वह कभी भी बाहरी ताक़तों को यह इजाज़त नहीं देंगे कि वे ईरान की दिशा तय करें.
वह साफ़ शब्दों में कहती हैं कि ईरान आज भी अपने नए और युवा नेतृत्व के साथ खड़ा है. इमाम मुस्तफा की शक्ल में मिले लीडर के पीछे पूरा देश खड़ा है, और ज़रूरत पड़ी तो आख़िरी खून की बूँद तक ईरान और अपने रहबर के लिए लड़ेंगे.
महिला का यह भी कहना है कि अगर यह जंग 4 दिन चले या 60 दिन, या फिर पूरी ज़िंदगी, ईरानी अवाम पीछे हटने वाली नहीं है. जब तक साँस है, तब तक अपने रहबर के समर्थन में खड़े रहेंगे और नारे लगाते रहेंगे.
वह पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर भी तीखा हमला बोलती हैं और कहती हैं कि ऐसे नेता पर भरोसा नहीं किया जा सकता. उनका साफ़ संदेश है कि जब तक दबाव और गलत नीतियों से पीछे नहीं हटा जाएगा, तब तक ईरान मैदान में डटा रहेगा और मुकाबला करता रहेगा.
इस बीच ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामनेई की सेहत को लेकर उड़ रही अफ़वाहों पर भी बात होती है. प्रदर्शन में मौजूद लोग पूरे भरोसे से कहते हैं कि उनका रहबर सुरक्षित हैं, स्वस्थ हैं और पूरी जंग की कमान उनके हाथ में है. उनका कहना है कि सही वक़्त आने पर पूरा देश अपने रहबर को फिर से देखेगा.
प्रदर्शनकारियों का संदेश साफ़ है. आप जंग की कमान संभालिए, देश की सुरक्षा कीजिए. सड़कें और जनता हमारे हाथ में हैं. पूरा मुल्क आपके साथ खड़ा है. वीडियो में बुज़ुर्गों से लेकर बच्चों और नौजवानों तक, हर उम्र के लोग दिखाई देते हैं. हाथों में ईरानी झंडा लिए ये प्रदर्शनकारी एक ही संदेश जोर‑शोर से दे रहे हैं कि ईरानी अवाम अपनी सरकार और अपने नेतृत्व के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है, और यह संदेश पूरी दुनिया तक Loud and Clear पहुंचना चाहिए.