वैश्विक स्तर पर जारी भारी उथल-पुथल, अमेरिका के टैरिफ वॉर और पश्चिम एशिया में शुरू हुए युद्ध के झटकों को भारतीय अर्थव्यवस्था ने पूरी तरह से बेअसर कर दिया है। सरकार द्वारा जारी साल 2025-26 के ताजा और आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, भारत की जीडीपी (GDP) विकास दर 7.7% रही है, जो पिछले वित्तीय वर्ष के 7.1% के मुकाबले एक बड़ी और महत्वपूर्ण बढ़त है। सबसे हैरान करने वाले आंकड़े इस वित्तीय वर्ष की आखिरी तिमाही (जनवरी से मार्च) के रहे हैं, जहां पश्चिम एशिया में युद्ध शुरू होने के बावजूद विकास दर उम्मीदों से कहीं ज्यादा 7.8% दर्ज की गई है। मुख्य आर्थिक सलाहकार वी. अनंत नागेश्वरन के मुताबिक, जीडीपी के ये मजबूत आंकड़े भारतीय अर्थव्यवस्था के अलग-अलग पहलुओं की एक बेहद संतुलित और आत्मनिर्भर तस्वीर पेश करते हैं।