मकर संक्रांति के पावन अवसर पर पूर्व साध्वी हर्षा रिछारिया नर्मदा स्नान के लिए जबलपुर पहुंचीं. मां नर्मदा में डुबकी लगाने के बाद उन्होंने NDTV से बात करते हुए कहा- मां नर्मदा ने मुझे बुलाया है, करीब आठ वर्ष बाद मैं नर्मदा स्नान करने आई हूं. इस दौरान उन्होंने सामाजिक और धार्मिक विषयों पर भी खुलकर अपनी बात की.
हर्षा रिछारिया ने बांग्लादेश में हिंदुओं के हालात को लेकर कहा कि वहां हिंदू एकजुट नहीं होने के कारण अपना अस्तित्व खोते जा रहे हैं. धीरे-धीरे भारत में भी यही हालात दिखाई दे रहे हैं. उन्होंने कहा कि यहां भी हिंदू समाज में आपसी प्रतिस्पर्धा और ईर्ष्या की भावना है, जहां हर व्यक्ति स्वयं आगे बढ़ना चाहता है, लेकिन अपने साथ वाले हिंदू को आगे बढ़ते नहीं देखना चाहता. यही सोच समाज को कमजोर करती है.
हर्षा रिछारिया ने युवाओं से अपील करते हुए कहा कि धर्म को अपने मन और घर में रखें, क्योंकि यदि कोई धर्म का प्रचार करने निकलता है तो सबसे पहले विरोध उसी के धर्मगुरु और अपने ही लोग करते हैं. उन्होंने कहा कि जैसे बांग्लादेश में हिंदू एक नहीं थे, उसी तरह भारत में भी हिंदू समाज एकजुट नजर नहीं आता है.