प्रयागराज के माघ मेले में इस बार चर्चा सिर्फ साधुओं के शिविरों या धार्मिक अनुष्ठानों की ही नहीं, बल्कि संतों की लग्ज़री गाड़ियों की भी है. इनमें सबसे ज़्यादा सुर्खियां बटोर रहे हैं जगतगुरु संतोषाचार्य सतुआ बाबा, जिनकी नई लग्ज़री कारों की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद राजनीतिक बयानबाज़ी तेज़ हो गई है.
पुरानी कार से लेकर नई डिफेंडर और इलेक्ट्रिक पोर्श तक चर्चा
पहले सतुआ बाबा की एक कार की तस्वीरें सोशल मीडिया पर खूब चली थीं. अब मेले में उनके कैंप में कई हाई‑एंड गाड़ियां दिखाई दे रही हैं- डिफेंडर, बोलेरो, फॉर्च्यूनर, इनोवा, यहां तक कि इलेक्ट्रिक पोर्श भी. लोग लगातार सवाल उठा रहे हैं कि साधु‑संत महंगी गाड़ियों में क्यों चलते हैं.
इस पर बाबा का कहना है, “आध्यात्मिक जगत का सूर्य अंधकार मिटाता है. विकास की गाड़ी भी तेज़ है और सनातन की गाड़ी भी तेज़ है. जो है, वो दिखना चाहिए.”
“भारत विकास के दौर में है, माघ मेले में भी रफ्तार दिखनी चाहिए”
विवादों के बीच बाबा ने साफ कहा कि आज का भारत विकास की राह पर है और माघ मेले में भी वही आधुनिकता दिखाई देनी चाहिए. उनके मुताबिक, “हमारे भक्तों का प्रेम है. विकास का सूर्य सब जगह प्रकाश कर रहा है. भारत तेजी से आगे बढ़ रहा है- तो माघ मेले में रफ्तार क्यों न दिखे?”
विवाद बढ़ा तो बाबा ने खुद स्टेयरिंग संभाली
NDTV के साथ बातचीत के दौरान सतुआ बाबा खुद अपनी इलेक्ट्रिक कार चलाते दिखाई दिए. उन्होंने कहा कि प्रदूषण न करने वाली यह गाड़ी प्रतीक है कि भारत प्रदूषण और नकारात्मकता दोनों से लड़ रहा है.
‘साधु महंगी गाड़ी में क्यों?’—सवाल पर बाबा का जवाब
यह मुद्दा सबसे अधिक उठ रहा है कि साधु‑संतों को मोह‑माया से दूर रहना चाहिए, ऐसे में लग्ज़री कारें क्यों? इस पर बाबा का कहना है, “जिन्होंने साधुओं को कभी सम्मान नहीं दिया, वे ही ऐसी बात करते हैं. रामराज्य में योगियों के पास भी तेज़ गाड़ियाँ थीं। सनातन हमेशा विकास के साथ चला है.”
राजनीतिक प्रतिक्रियाओं पर बाबा का तंज़
कुछ राजनीतिक दलों द्वारा उठाए गए सवालों पर सतुआ बाबा ने जवाब दिया कि जनता अब तय करेगी कि कौन भारत के विकास के साथ है और कौन नहीं. उन्होंने कहा कि भारत में कोई भी व्यक्ति किसी भी समाज या वर्ग से उच्च पद पर पहुंच सकता है. गाड़ी के फीचर्स पर बाबा का दावा—‘सब जानता हूं’ इंटरव्यू में बाबा ने गाड़ी के फीचर्स, मोड्स और तकनीक का जिक्र करते हुए कहा, “सारी तकनीक जानता हूं. गाड़ी के बटन से लेकर सभी फंक्शन समझता हूं.” उन्होंने पीछे करने का डेमो भी लाइव दिखाया.
मेला, भक्त और भारी भीड़—सतुआ बाबा चर्चा के केंद्र में
सतुआ बाबा के शिविर में लगातार भक्तों की भीड़ जुटी है. उनके साथ ‘भैरव’ कही जाने वाली सुरक्षा टीम भी चलती दिखाई देती है जो भीड़ नियंत्रित करती है. इस पूरे प्रकरण ने न सिर्फ धार्मिक गलियारों में, बल्कि राजनीतिक और सोशल मीडिया जगत में भी नई बहस छेड़ दी है- साधुओं की आधुनिकता बनाम परंपरा.