ब्रिक्स डिनर पर 'फूड वॉर': शाकाहारी थाली पर राहुल गांधी का तंज, बीजेपी ने दिया ये जवाब

  • 3:29
  • प्रकाशित: सितम्बर 13, 2026

नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के समापन के बाद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा विदेशी मेहमानों के सम्मान में आयोजित गाला डिनर का शुद्ध शाकाहारी मेनू एक बड़े राजनीतिक विवाद का केंद्र बन गया. इस भव्य रात्रिभोज में भारतीय क्षेत्रीय व्यंजनों की विविधता को प्रदर्शित करने के लिए मशरूम गलौटी कबाब, पनीर लबाबदार, गुच्छी (हिमालयन मोरेल मशरूम), गाजर बीन पोरियल, टकाली बेले सारू, मिलेट pulao (बाजरा पुलाव) और चुकंदर रायता जैसी पारंपरिक शाकाहारी डिश परोसी गई थीं. इस शाकाहारी मेनू पर विपक्ष ने तीखा हमला बोला है. कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर देश की खाद्य विविधता का हवाला देते हुए तंज कसा कि लगभग 80% भारतीय मांसाहारी (नॉन-वेज) भोजन खाते हैं और यह बेहद स्वादिष्ट होता है. वहीं एआईएमआईएम (AIMIM) के प्रवक्ता वारिस पठान ने भी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि इस मेनू से भारत की असली विविधता गायब थी और देश की फूड कल्चर को सिर्फ शाकाहारी व्यंजनों तक सीमित नहीं किया जाना चाहिए था.