दिल्ली दंगा मामले में आरोपी को ताहिर को लेकर कांग्रेस सांसद इमरान मसूद का विवादित बयान सामने आया है. इमरान मसूद का कहना है कि अगर उसका नाम कपिल होता, तो शायद वह बच जाता. लेकिन उसका नाम ताहिर है, इसलिए वह फंस गया है. अदालत ने ताहिर हुसैन और चार अन्य लोगों को 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुए दंगे के दौरान खुफिया ब्यूरो (आईबी) के अधिकारी अंकित शर्मा की हुई सनसनीखेज हत्या का दोषी ठहराया है. ताहिर हुसैन समेत पांच आरोपियों को दोषी करार देने पर इमरान मसूद ने कहा, 'क्या सबूत मिले और क्या नहीं मिले, वो कोर्ट का मामला है, उसमें मैं नहीं जाना चाहता. लेकिन उसका नाम ताहिर है, ये बड़ी चीज है. अगर उसका नाम कपिल होता, तो वह इस मामले में बरी हो जाता.'